WhatsApp यूजर्स Passkeys का इस्तेमाल करके चैट बैकअप को सुरक्षित रख सकते हैं: जानिए कैसे करें एक्टिवेट

Authored By: संतोष आनंद

Published On: Friday, October 31, 2025

Updated On: Friday, October 31, 2025

WhatsApp users can now secure chat backups using passkeys

WhatsApp का यह पासकी अपडेट यूजर्स की सिक्योरिटी को और आसान बनाता है। अब बिना पासवर्ड याद रखे या किसी लंबी प्रक्रिया से गुजरे, यूजर अपने चैट, फोटो और वॉयस नोट्स को सुरक्षित रख सकते हैं। यह फीचर WhatsApp की प्राइवेसी और सुरक्षा को एक कदम और आगे ले जाता है।

Authored By: संतोष आनंद

Updated On: Friday, October 31, 2025

WhatsApp ने एक नया फीचर जोड़ा है जिससे यूजर्स अपने चैट बैकअप को और ज्यादा सुरक्षित रख सकते हैं। इस फीचर में अब पासकी बेस्ड एन्क्रिप्शन शामिल है, जिससे यूजर अपने बैकअप को फोन के फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या स्क्रीन लॉक से सुरक्षित कर सकते हैं। अब पासवर्ड याद रखने या 64 अंकों वाली एन्क्रिप्शन की संभालने की जरूरत नहीं होगी। यह फीचर धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोल आउट होना शुरू हो गया है।

इस अपडेट से क्या बदलेगा

अब तक WhatsApp पर चैट और कॉल पहले से ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहती थीं, लेकिन अगर कोई यूजर अपने चैट बैकअप (Google Drive या iCloud पर) को एन्क्रिप्ट करना चाहता था, तो उसे एक अलग पासवर्ड या की बनानी पड़ती थी। अब पासकी फीचर आने के बाद यह सुरक्षा आपके फोन की सिक्योरिटी से सीधे जुड़ जाती है यानी अब सिर्फ एक टच या फेस स्कैन से ही आपका चैट बैकअप सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर आसानी से वापस बहाल भी किया जा सकेगा। WhatsApp का कहना है कि इससे आपका बैकअप पूरी तरह निजी रहेगा, चाहे फोन खो जाए या नया फोन ले लिया जाए।

कैसे करें पासकी फीचर को एक्टिवेट

यह फीचर आने वाले कुछ हफ्तों और महीनों में धीरे-धीरे सभी यूजर्स को मिलेगा। जब यह आपके फोन में उपलब्ध हो जाए, तो इसे ऑन करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • इसके लिए आपको पहले WhatsApp ओपन करना होगा।
  • इसके बाद सेटिंग्स में जाना होगा।
  • फिर Chats > Chat backup > End-to-end encrypted backup पर जाना होगा
  • यहां आपको पासकी से सिक्योर करने का ऑप्शन मिलेगा, जिसे आप अपने फोन के फिंगरप्रिंट, फेस आईडी या स्क्रीन लॉक से सेट कर सकते हैं

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है

WhatsApp के अनुसार, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का मतलब है कि आपके संदेश और कॉल सिर्फ आप और जिसे आप भेज रहे हैं, वही देख सकते हैं। हर मैसेज के लिए एक यूनिक डिजिटल की बनाई जाती है जिसे WhatsApp भी एक्सेस नहीं कर सकता। यह सिस्टम अपने आप काम करता है, इसके लिए आपको कुछ अलग से करने की जरूरत नहीं होती पासकी फीचर आने से अब यूजर्स को पासवर्ड संभालने की झंझट नहीं रहेगी। इससे वे सालों पुराने चैट, फोटो और वॉ नोट्स को सुरक्षित रख सकेंगे, बिना किसी मुश्किल के

बिजनेस चैट और डेटा प्राइवेसी

बिजनेस अकाउंट्स को भेजे गए मैसेज भी वही Signal एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल से सुरक्षित रहते हैं। हालांकि जब मैसेज बिजनेस के पास पहुंचता है, तो उसे कैसे संभाला जाता है यह उस कंपनी की अपनी प्राइवेसी पॉलिसी पर निर्भर करता है। कुछ बिजनेस अपने स्टाफ या बाहरी एजेंसी को इन मैसेजेस तक पहुंच की अनुमति दे सकते हैं या इन्हें विज्ञापन और मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्यों जरूरी है यह फीचर

WhatsApp का यह पासकी अपडेट यूजर्स की सिक्योरिटी को और आसान बनाता है। अब बिना पासवर्ड याद रखे या किसी लंबी प्रक्रिया से गुजरे, यूजर अपने चैट, फोटो और वॉ नोट्स को सुरक्षित रख सकते हैंयह फीचर WhatsApp की प्राइवेसी और सुरक्षा को एक कदम और आगे ले जाता है।

तकनीकी क्षेत्र में 15 वर्षों के अनुभव के साथ, संतोष आनंद कंप्यूटर, नेटवर्किंग, और सॉफ्टवेयर जैसे विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं। नवीनतम तकनीकी प्रगतियों से हमेशा अपडेट रहते हुए, उन्होंने अपनी लेखनी से हजारों पाठकों के लिए तकनीकी समस्याओं के प्रभावी समाधान प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, मोबाइल फोन, और बॉलीवुड एवं एंटरटेनमेंट जैसे विविध विषयों पर भी लेख लिखे हैं। उनकी लेखनी तकनीकी विषयों को सरल और व्यावहारिक भाषा में प्रस्तुत करती है, जो पाठकों को आसानी से समझने और उनके उपयोग में मदद करती है।
Leave A Comment

यह भी पढ़ें

Email marketing icon with envelope and graph symbolizing growth

news via inbox

समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।

खास आकर्षण