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चारधाम यात्रा की तैयारी कर रहे हैं? एक चूक बिगाड़ सकती है पूरा प्लान, जानें नए नियम
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, February 10, 2026
Last Updated On: Tuesday, February 10, 2026
चारधाम यात्रा 2026 की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. बिना पंजीकरण यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी. नए नियम, हेलीकॉप्टर बुकिंग और स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन जरूरी होगा. समय पर तैयारी न करने पर आपकी यात्रा अटक सकती है, इसलिए निकलने से पहले सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लें.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, February 10, 2026
Chardham Yatra: हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा पर निकलते हैं. यह यात्रा सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि धैर्य, तैयारी और अनुशासन का भी इम्तिहान होती है. ऊंचे पहाड़, बदलता मौसम और लंबा सफर इसे चुनौतीपूर्ण बनाते हैं. साल 2026 में चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर होने जा रही है. ऐसे में अगर आप यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी काम पहले से करना बेहद जरूरी है. एक छोटी-सी लापरवाही आपकी पूरी यात्रा को बीच में ही रोक सकती है.
बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगी यात्रा की इजाजत
अब चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है. उत्तराखंड सरकार ने यात्रियों की संख्या को नियंत्रित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह नियम लागू किया है. रजिस्ट्रेशन के बाद मिलने वाली स्लिप आपकी यात्रा का पास मानी जाती है, जिसे हर समय साथ रखना जरूरी होता है. इसी स्लिप के जरिए प्रशासन जीपीएस सिस्टम से यात्रियों की निगरानी भी करता है, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके. बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा करने वालों को रास्ते में ही रोका जा सकता है.
2026 में बदले नियम, जानना है बेहद जरूरी
चारधाम यात्रा 2026 के लिए नियमों को पहले से ज्यादा सख्त किया गया है. अगर आप अपनी निजी या व्यावसायिक गाड़ी से यात्रा कर रहे हैं, तो ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड अनिवार्य होगा. ऊंचाई वाले क्षेत्रों को देखते हुए हेल्थ एडवाइजरी का पालन करना भी जरूरी है. कुछ धामों में मोबाइल या कमरे से फोटोग्राफी की अनुमति नहीं होगी. वहीं गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक जारी रहेगी. नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माना या यात्रा रोकने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है.
हेलीकॉप्टर सेवा भी पहले से बुक कर लें
केदारनाथ धाम की कठिन चढ़ाई बुजुर्गों, बीमारों और कम समय में यात्रा पूरी करने वालों के लिए चुनौती बन सकती है. ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा बड़ी राहत देती है. लेकिन अब यह सुविधा भी बिना पूर्व बुकिंग के नहीं मिलेगी. हेलीकॉप्टर टिकट केवल ऑनलाइन बुक होते हैं और यह सेवा मौसम, वजन सीमा और तकनीकी कारणों पर निर्भर करती है. कई बार खराब मौसम की वजह से उड़ानें रद्द भी हो जाती हैं, इसलिए पूरी यात्रा की योजना बनाते समय इसका विकल्प जरूर रखें.
घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है. इसके लिए यात्रियों को उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाना होगा. यहां नाम, मोबाइल नंबर, यात्रा की तारीख और धामों की जानकारी भरनी होती है. इसके साथ आधार कार्ड या किसी वैध पहचान पत्र को अपलोड करना जरूरी है. मोबाइल पर आए ओटीपी से वेरिफिकेशन करने के बाद क्यूआर कोड वाली रजिस्ट्रेशन स्लिप डाउनलोड की जा सकती है.
व्हाट्सएप, कॉल और ऑफलाइन विकल्प भी मौजूद
जो लोग वेबसाइट का इस्तेमाल नहीं कर पाते, उनके लिए व्हाट्सएप से रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी दी गई है. इसके लिए 8394833833 नंबर पर “YATRA” लिखकर भेजना होता है और पूछी गई जानकारी भरनी होती है. इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 0135-1364 पर कॉल करके भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, बरकोट, सोनप्रयाग, पांडुकेश्वर और गोविंद घाट जैसे प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स पर बने काउंटरों की सुविधा भी उपलब्ध है.
सही तैयारी से ही सफल होगी चारधाम यात्रा
चारधाम यात्रा जीवन का एक आध्यात्मिक अनुभव है, लेकिन इसके लिए सही जानकारी और समय पर तैयारी बेहद जरूरी है. रजिस्ट्रेशन, नियमों की जानकारी और यात्रा से जुड़े इंतजाम अगर पहले से पूरे कर लिए जाएं, तो रास्ते की परेशानियों से बचा जा सकता है. याद रखें, थोड़ी-सी सतर्कता आपकी यात्रा को यादगार बना सकती है, और एक छोटी-सी चूक पूरे प्लान पर भारी पड़ सकती है.
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