कब और क्यों लगाया जाता है फेयर कैप? इंडिगो संकट के बाद सरकार का एक्शन

Authored By: Ranjan Gupta

Published On: Saturday, December 6, 2025

Last Updated On: Saturday, December 6, 2025

Fair Cap Policy: इंडिगो संकट के बाद सरकार ने एयरलाइन टिकट पर लगाया फेयर कैप, जानें कारण और असर.
Fair Cap Policy: इंडिगो संकट के बाद सरकार ने एयरलाइन टिकट पर लगाया फेयर कैप, जानें कारण और असर.

इंडिगो संकट के बाद जब हवाई किराए आसमान छूने लगे जहां दिल्ली से चेन्नई तक 1 लाख रुपये लेने जाने लगे, तब सरकार ने यात्रियों को राहत देने के लिए सभी एयरलाइंस पर फेयर कैप लागू कर दिया. जानिए, आखिर कब और क्यों लगाया जाता है फेयर कैप और इसका यात्रियों पर क्या असर पड़ता है.

Authored By: Ranjan Gupta

Last Updated On: Saturday, December 6, 2025

Fair Cap Policy: इंडिगो की हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द होने के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया. हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रह गए और दूसरी एयरलाइंस ने मौके का फायदा उठाते हुए किराए को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ा दिया. कुछ रूट्स पर टिकट की कीमत 1 लाख रुपये तक पहुंच गई, जिससे सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा. इसी उथल-पुथल के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस पर फेयर कैप लगा दिया. यानी अब कोई भी कंपनी मनमर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेगी. गौरतलब है कि दिल्ली से चेन्नई का हवाई किराया 1 लाख रुपये तक पहुंच गया है. जबकि दिल्ली से मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता जैसे हवाई रूट पर भी किराया 1 लाख रुपये के करीब दिखा रहा है. यह फैसला सिर्फ मौजूदा संकट का समाधान नहीं, बल्कि यह समझने का मौका भी है कि फेयर कैप आखिर होता क्या है, कब लगाया जाता है और क्यों जरूरी होता है.

सरकार ने लगाया फेयर कैप

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने एयरलाइंस की बढ़ती मनमानी पर रोक लगा दी है. मंत्रालय ने अपने रेगुलेटरी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सभी एयरलाइंस पर तुरंत फेयर कैप लागू कर दिया है. अब कोई भी एयरलाइन किसी रूट पर अचानक किराया नहीं बढ़ा सकेगी. सरकार ने साफ कहा है कि मौजूदा उथल-पुथल के बीच किसी भी तरह की ओवर प्राइसिंग या अवसरवादी किराया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एयरलाइंस को तय सीमा के भीतर ही किराया रखना होगा. यह नियम तब तक लागू रहेगा, जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते.

इंडिगो संकट और लगातार बढ़ रहे हवाई किरायों के बाद सरकार ने घरेलू उड़ानों पर अधिकतम किराए की सीमा भी तय कर दी है. यह नियम 6 दिसंबर 2025 से लागू हो चुका है. नई सीमा इस प्रकार है:

दूरी (KM) – अधिकतम किराया

  • 0-500 KM – ₹7,500
  • 500-1000 KM – ₹12,000
  • 1000-1500 KM – ₹15,000
  • 1500 KM से अधिक – ₹18,000

इन किरायों में UDF, PSF और टैक्स शामिल नहीं हैं. यह सीमा बिजनेस क्लास और UDAN योजनाओं वाली फ्लाइट्स पर लागू नहीं होगी.

कब और क्यों लगाया जाता है फेयर कैप?

फेयर कैप तब लगाया जाता है जब एयरलाइंस अचानक किराया बहुत ज्यादा बढ़ा देती हैं और इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ता है. सरकार ऐसे हालात में दखल देती है ताकि टिकट की कीमतें एक तय सीमा से ऊपर न जाएं. त्योहारों, छुट्टियों, किसी रूट पर फ्लाइट कम होने, प्राकृतिक आपदा या अचानक मांग बढ़ने जैसी स्थिति में यह कदम उठाया जाता है. फेयर कैप का मुख्य मकसद यात्रियों को मनमाने किराए से बचाना और हवाई यात्रा को किफायती बनाए रखना है. सरकार यह सुनिश्चित करती है कि एयरलाइनें मुनाफे के नाम पर यात्रियों का गलत फायदा न उठा सकें.

रियल-टाइम मॉनिटरिंग जारी

मंत्रालय ने एयरफेयर की निगरानी के लिए एक विशेष टीम भी बना दी है. यह टीम रियल-टाइम डेटा पर नजर रखेगी. साथ ही एयरलाइंस और ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल्स से सीधा समन्वय किया जाएगा. किसी भी गड़बड़ी या नियम तोड़ने पर एयरलाइंस के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी. मंत्रालय का कहना है कि यह फेयर कैप यात्रियों के हित में उठाया गया जरूरी और समय पर लिया गया कदम है ताकि किसी भी तरह का आर्थिक शोषण न हो.

इंडिगो संकट से सबक?

यह फैसला दिखाता है कि सरकार बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने जैसी घटनाओं को गंभीरता से ले रही है. इंडिगो की लगातार कैंसिलेशन ने पूरे एविएशन सेक्टर में प्राइस शॉक पैदा कर दिया था. अचानक बढ़े किरायों ने यात्रियों को परेशानी में डाल दिया. इसी स्थिति ने सरकार को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया. फेयर कैप उसी का नतीजा है, ताकि ऐसी स्थिति में यात्रियों को राहत मिल सके और बाजार संतुलित रह सके.

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About the Author: Ranjan Gupta
रंजन कुमार गुप्ता डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें डिजिटल न्यूज चैनल में तीन वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है. वे कंटेंट राइटिंग, गहन रिसर्च और SEO ऑप्टिमाइजेशन में माहिर हैं. शब्दों से असर डालना उनकी कला है और कंटेंट को गूगल पर रैंक कराना उनका जुनून! वो न केवल पाठकों के लिए उपयोगी और रोचक लेख तैयार करते हैं, बल्कि गूगल के एल्गोरिदम को भी ध्यान में रखते हुए SEO-बेस्ड कंटेंट तैयार करते हैं. रंजन का मानना है कि "हर जानकारी अगर सही रूप में दी जाए, तो वह लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है." यही सोच उन्हें हर लेख में निखरने का अवसर देती है.
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