अब 55 देशों में वीजा फ्री घूम सकेंगे भारतीय: पासपोर्ट रैंकिंग में भारत की छलांग, जानें पड़ोसी देशों की स्थिति

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, January 15, 2026

Last Updated On: Thursday, January 15, 2026

Indian Passport Visa Free: भारतीय पासपोर्ट धारकों को 55 देशों में वीजा फ्री एंट्री, रैंकिंग में भारत की छलांग और पड़ोसी देशों की स्थिति.
Indian Passport Visa Free: भारतीय पासपोर्ट धारकों को 55 देशों में वीजा फ्री एंट्री, रैंकिंग में भारत की छलांग और पड़ोसी देशों की स्थिति.

साल 2026 भारतीय यात्रियों के लिए अच्छी खबर लेकर आया है. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग सुधरकर 80वें स्थान पर पहुंच गई है. अब भारतीय नागरिक 55 देशों में वीजा फ्री, वीजा ऑन अराइवल या eTA के जरिए यात्रा कर सकते हैं. यह बदलाव दिखाता है कि वैश्विक मंच पर भारत की स्वीकार्यता धीरे-धीरे मजबूत हो रही है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Thursday, January 15, 2026

 Indian Passport Visa Free: साल 2026 की शुरुआत भारतीय यात्रियों के लिए राहत और उम्मीद की खबर लेकर आई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार दर्ज किया गया है. यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि उस भरोसे का संकेत है जो दुनिया भारत और उसके नागरिकों पर कर रही है. विदेश घूमने, पढ़ाई करने या काम के सिलसिले में जाने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह बदलाव अहम है, क्योंकि इससे यात्रा की बाधाएं कुछ हद तक आसान हुई हैं.

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026: भारत की रैंकिंग में सुधार

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की ताजा सूची के मुताबिक, भारतीय पासपोर्ट अब 80वें स्थान पर पहुंच गया है. पिछले साल 2025 में भारत 85वें नंबर पर था, यानी एक साल में भारत ने 5 पायदान की छलांग लगाई है. 85वीं रैंक पर नाइजर और अल्जीरिया जैसे देश भी रहे हैं. लंबे समय से स्थिरता या गिरावट के बाद यह सुधार इस बात का संकेत है कि भारत धीरे-धीरे पासपोर्ट पावर के मामले में आगे बढ़ रहा है.

55 देशों में वीजा फ्री या आसान एंट्री की सुविधा

भारतीय पासपोर्ट धारक अब 55 देशों में बिना पहले वीजा के यात्रा कर सकते हैं. इनमें वीजा फ्री एंट्री, वीजा ऑन अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (eTA) शामिल हैं. भले ही पिछले साल यह संख्या 57 थी, लेकिन रैंकिंग में सुधार बताता है कि भारत की स्थिति स्थिर होकर बेहतर दिशा में बढ़ रही है. साल 2006 में भारत 71वें स्थान पर था, फिर गिरावट आई, और अब भारत मिड-टियर कैटेगरी में खुद को संभाल रहा है.

दुनिया का सबसे पावरफुल पासपोर्ट कौन सा?

अगर बात सबसे ताकतवर पासपोर्ट की करें तो सिंगापुर एक बार फिर पहले स्थान पर है. सिंगापुर के नागरिक 192 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं. दूसरे स्थान पर जापान और साउथ कोरिया हैं, जिन्हें 188 देशों में एंट्री मिलती है. तीसरे नंबर पर डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, स्पेन और लक्जमबर्ग जैसे यूरोपीय देश हैं, जिनके पासपोर्ट से 186 देशों में सफर संभव है.

UAE की ऐतिहासिक छलांग

इस लिस्ट में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का प्रदर्शन खास तौर पर चर्चा में है. UAE ने 2006 से अब तक 57 पायदान की छलांग लगाई है और 2026 में यह 5वें स्थान पर पहुंच गया है. UAE पासपोर्ट धारक अब 149 देशों में वीजा फ्री या आसान एंट्री पा सकते हैं. यह दिखाता है कि मजबूत कूटनीति और वैश्विक संबंध किसी देश के पासपोर्ट को कितनी ताकत दे सकते हैं.

अमेरिका, पाकिस्तान और बांग्लादेश की स्थिति

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में अमेरिकी पासपोर्ट ने टॉप-10 में वापसी की है. अमेरिका अब 10वें स्थान पर है और उसके नागरिक 179 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं. पिछले साल अमेरिका 12वें नंबर पर खिसक गया था. वहीं, भारत के पड़ोसी देशों की स्थिति कमजोर बनी हुई है. बांग्लादेश 95वें और पाकिस्तान 98वें स्थान पर है, जो यह दिखाता है कि क्षेत्रीय स्तर पर भारत की स्थिति इन देशों से बेहतर है.

दुनिया का सबसे कमजोर पासपोर्ट

इस सूची में सबसे निचले पायदान पर अफगानिस्तान है. अफगानी पासपोर्ट को 101वीं रैंक मिली है, जिससे वहां के नागरिक सिर्फ 24 देशों में ही यात्रा कर सकते हैं. यह उदाहरण बताता है कि राजनीतिक स्थिरता, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंध किसी भी देश की यात्रा स्वतंत्रता को सीधे प्रभावित करते हैं.

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स क्या और क्यों है अहम?

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया की सबसे भरोसेमंद पासपोर्ट रैंकिंग मानी जाती है. इसे लंदन स्थित हेनले एंड पार्टनर्स तैयार करता है और इसमें 199 पासपोर्ट्स को शामिल किया जाता है. रैंकिंग का आधार यह होता है कि किसी देश का नागरिक 227 देशों और क्षेत्रों में बिना पहले वीजा के कहां-कहां जा सकता है. इसके लिए IATA (इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन) के डेटा का इस्तेमाल किया जाता है. यह इंडेक्स साफ दिखाता है कि वैश्विक यात्रा की आजादी हर किसी के लिए बराबर नहीं है.

यह भी पढ़ें :- कब और क्यों लगाया जाता है फेयर कैप? इंडिगो संकट के बाद सरकार का एक्शन

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

अन्य लाइफस्टाइल खबरें