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इंडिगो क्राइसिस: दो दिन में 300+ फ्लाइट्स रद्द, आखिर वजह क्या है?
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Thursday, December 4, 2025
Last Updated On: Thursday, December 4, 2025
इंडिगो इस समय अपनी सबसे बड़ी ऑपरेशनल संकट में फंसी हुई है. देशभर में उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं और यात्रियों की परेशानी चरम पर है. सिर्फ 3 और 4 दिसंबर को ही एयरलाइन को करीब 300 फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं. हालात इतने बिगड़ गए हैं कि DGCA ने तुरंत इंडिगो को तलब कर लिया है. क्या वजह है कि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन अचानक ठप पड़ गई? रोस्टर की गड़बड़ी, क्रू शॉर्टेज, टेक्निकल दिक्कतें या कुछ और जानिए पूरी सच्चाई.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Thursday, December 4, 2025
Indigo Crisis: देश की सबसे भरोसेमंद और सबसे बड़ी एयरलाइन मानी जाने वाली इंडिगो इन दिनों भारी संकट से गुजर रही है. सुबह से लेकर रात तक देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद हर जगह एक ही नजारा है. लंबी कतारें, परेशान यात्री और लगातार मिल रही कैंसिलेशन की खबरें. सिर्फ 48 घंटों में इंडिगो को करीब 250 से 300 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी हैं, जिससे हजारों लोग फंस गए. इस अचानक आए ऑपरेशनल ब्रेकडाउन ने सरकार और एविएशन रेगुलेटर DGCA को भी अलर्ट कर दिया है. DGCA ने तुरंत एयरलाइन को जवाबदेही के लिए बुला लिया है. लेकिन असली सवाल यह है कि आखिर ऐसा हुआ क्यों? क्या पायलटों का रोस्टर बिगड़ा है? क्या क्रू की कमी है?
क्या कंपनी की Lean Manpower Strategy इस संकट की जड़ है? या फिर यह सब उन नियमों का असर है, जो जून 2025 की भयानक एयर इंडिया क्रैश के बाद सख्ती से लागू किए गए?
इंडिगो का दावा है कि तकनीकी दिक्कतें, एयरपोर्ट कंजेशन और मौसम जैसे कई कारण एक साथ मिलकर हालात बिगाड़ रहे हैं. लेकिन अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि मामला इससे कहीं ज्यादा गंभीर और गहरा है. मिसमैनेजमेंट, पुराने रोस्टर पैटर्न और कम हायरिंग ने स्थिति को और खराब बना दिया है. एयरलाइन कह रही है कि अगले 48 घंटों में स्थिति सुधर जाएगी, लेकिन यात्रियों की उम्मीदें टूट चुकी हैं और एयरलाइन पर सवाल पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गए हैं. इस बड़े संकट का पूरा सच समझने से पहले, ये जानना जरूरी है कि इंडिगो आखिर किस ऑपरेशनल जाल में फंस गई है.
इंडिगो की फ्लाइट्स क्यों हो रही हैं कैंसिल?
इंडिगो ने पैसेंजर्स से माफी मांगी है. कंपनी का कहना है कि हालात अचानक बिगड़े हैं. मुश्किलें एक नहीं, कई हैं. कुछ ऐसी दिक्कतें सामने आईं जिनका अंदाजा पहले नहीं था. एयरलाइन के मुताबिक, छोटे-छोटे टेक्निकल ग्लिच लगातार सामने आ रहे हैं. कई जगह मौसम खराब है. ऊपर से एयरपोर्ट कंजेक्शन ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. एयरपोर्ट कंजेक्शन मतलब एक ही एयरपोर्ट से उड़ान भरने और उतरने वाली फ्लाइट्स की संख्या जरूरत से ज्यादा. ऐसे में एयरलाइन को अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ता है.
इसके अलावा क्रू मेंबर की शिफ्ट बदलने के नियम भी कामकाज को धीमा कर रहे हैं. याद दिला दें कि 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट क्रैश हुई थी. इस हादसे में 241 लोगों की मौत हुई थी. कई क्रू मेंबर भी इस हादसे में जान गंवा बैठे थे. सिर्फ एक पैसेंजर ही बच पाया था. इस एक्सीडेंट की जांच में एक अहम बात सामने आई थी जिसमें क्रू मेंबर काफी थके हुए थे. यही वजह है कि अब एयरलाइन कंपनियां क्रू रोस्टर के नियमों पर कोई लापरवाही नहीं कर रहीं. हर नियम सख्ती से लागू किया जा रहा है.
इंडिगो की मुश्किल कब खत्म होगी?
इंडिगो का कहना है कि वो हर स्तर पर हालात संभालने की कोशिश कर रही है. कंपनी उम्मीद कर रही है कि अगले 48 घंटों में स्थिति काफी हद तक काबू में आ जाएगी. देश के बड़े एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद सब जगह अफरातफरी जैसा माहौल है. जगह-जगह लंबी कतारें दिख रही हैं. सैकड़ों पैसेंजर्स को अपनी ही फ्लाइट की जानकारी नहीं मिल पा रही है. इससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है.
एयर इंडिया क्रैश के बाद से FDTL यानी Flight Duty Time Limitations के नियम काफी सख्त हो गए हैं. इन नियमों के तहत क्रू मेंबर का रेस्ट टाइम बढ़ा दिया गया है. नाइट फ्लाइट्स कम कर दी गई हैं. ड्यूटी घंटे घट गए हैं. इतने बदलावों के बीच कई क्रू मेंबर छुट्टी पर भी हैं, जिससे ऑपरेशन और धीमा हो गया है. पायलट एसोसिएशन ने भी इस पूरे मामले में बड़ी बात कही है. उनके मुताबिक दिक्कत सिर्फ नियमों की नहीं है. असल बात यह है कि इंडिगो Lean Manpower Strategy पर चलती है. कम लोगों में ज्यादा काम. नए लोगों की हायरिंग बंद है. सैलरी बढ़ोतरी भी रुकी हुई है. पायलट्स का बफर भी नहीं है. इन्हीं वजहों से इंडिगो की परेशानी उम्मीद से ज्यादा बढ़ गई है.
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