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तिब्बत से आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल में मचाई तबाही, 7 की मौत, 1000 लोगों के बहने की आशंका
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, August 26, 2026
Last Updated On: Wednesday, August 26, 2026
नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत की ओर से आए तेज पानी ने भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ ला दी. टिमुरे समेत कई इलाकों में भारी तबाही हुई. 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 1000 लोगों के बहने की आशंका जताई गई है. राहत-बचाव अभियान जारी है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, August 26, 2026
नेपाल के रसुवा (Nepal Flood) जिले में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों की तस्वीर बदल दी. तिब्बत की ओर से आए तेज पानी के कारण लेन्दे खोला और भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा. टिमुरे बाजार और आसपास के इलाकों में पानी घुसने से घरों, वाहनों, पुलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है.
7 लोगों की मौत, बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की आशंका
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 7 लोगों की मौत की खबर सामने आई है. वहीं, करीब 1000 लोगों के बाढ़ की चपेट में आने या बह जाने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा ले रही हैं.
कस्टम क्षेत्र और नया पुल भी बाढ़ में बहा
बाढ़ का असर रसुवा सीमा नाके और कस्टम कार्यालय के आसपास भी दिखाई दिया. वहां खड़े कई वाहन और सामान तेज पानी में बह गए. पिछले साल की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए स्थान पर बनाया गया नया पुल भी इस बार पानी के तेज बहाव को नहीं झेल सका. इसके अलावा निचले इलाकों में मौजूद जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है.
तीन पुलिस चौकियां भी प्रभावित
बाढ़ की चपेट में नेपाल पुलिस के कई कार्यालय भी आए हैं. टिमुरे स्थित इलाका प्रहरी कार्यालय के साथ स्याफ्रुबेसी और रसुवागढ़ी की पुलिस चौकियों को नुकसान पहुंचा है. नुवाकोट तक बाढ़ का असर पहुंचने के बाद प्रशासन ने आसपास के जिलों में भी निगरानी बढ़ा दी है.
राहत-बचाव के लिए सेना ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाली सेना ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. प्रभावित क्षेत्रों में दो सैन्य हेलीकॉप्टर भेजे गए हैं. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल की तैयारी भी की गई है. स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं.
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने बुलाई आपात बैठक
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन से जुड़ी आपात बैठक बुलाई. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रभावित जिलों के अधिकारियों से लगातार जानकारी ली जा रही है. वहीं, गृह मंत्री सुदन गुरुंग की मौजूदगी में भी आपात बैठक कर राहत और खोज अभियान को लेकर जरूरी फैसले किए जा रहे हैं.
पांच जिलों में नदी किनारे रहने वालों को चेतावनी
भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में बढ़े पानी को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन के नदी किनारे बसे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. प्रशासन ने लोगों से जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.
कई रास्तों पर आवाजाही रोकी गई
बाढ़ के खतरे को देखते हुए काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया है. प्रशासन ने पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी-नुवाकोट-रसुवा-स्याफ्रुबेसी मार्ग और मुग्लिन-नारायणगढ़ सड़क पर यात्रा से बचने की सलाह दी है.
मदद के लिए हेल्पलाइन जारी
नेपाल प्रशासन ने आपात स्थिति में लोगों की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1234 जारी की है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि फंसे होने, बचाव की जरूरत या किसी अन्य आपात स्थिति में तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें. फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और बाढ़ से हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है.













