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डील से पहले धमाके: कीव पर मिसाइल–ड्रोन की बरसात, शांति वार्ता पर सस्पेंस
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Saturday, December 27, 2025
Last Updated On: Saturday, December 27, 2025
एक तरफ रूस-उक्रेन में शांति समझौते की उम्मीदें हैं, तो दूसरी तरफ मिसाइल और ड्रोन हमले भी हो रहे हैं. ज़ेलेंस्की–ट्रंप मीटिंग से पहले रूस का हमला यह संकेत देता है कि जंग अभी भी अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर है.
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Saturday, December 27, 2025
Kyiv Missile Drone: युद्ध खत्म होने की संभावित डील से पहले रूस-यूक्रेन के हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक महत्वपूर्ण बैठक कल (28 दिसंबर) को होनी है. इस बैठक से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और कई अन्य इलाकों पर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला कर दिया है. इससे स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है.
यूक्रेन की राजधानी कीव पर इस नए हमले ने न सिर्फ यूक्रेन की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है, बल्कि यह भी संकेत कर दिया कि शांति की राह अभी बेहद कठिन है.
रात भर दहला कीव
शनिवार (27 दिसंबर) रात रूस ने राजधानी कीव समेत यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी इलाकों को निशाना बनाया. राजधानी कीव में धमाकों की तेज़ आवाज़ें सुनी गईं. इसके बाद यूक्रेन की एयर डिफेंस यूनिट्स तुरंत हरकत में आ गईं.
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘टेलीग्राम’ पर यूक्रेन की सेना ने जानकारी दी है कि मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की कोशिशें की जा रही हैं. वहीं यूक्रेन की वायुसेना की ओर से कहा गया है कि रूसी ड्रोन कई दिशाओं से राजधानी की ओर बढ़ रहे थे. करीब चार घंटे तक कीव में एयर रेड अलर्ट जारी रहा. यूक्रेन के लिए राहत की बात यह रही कि तत्काल किसी बड़े नुकसान या बिजली कटौती की खबर नहीं आई है. लेकिन आम लोगों में दहशत का माहौल साफ दिख रहा है.
रूसी ताकत का प्रदर्शन
रूस ने कीव पर यह हमला ऐसे समय किया है, जब ज़ेलेंस्की ने घोषणा की है कि फ्लोरिडा में उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एक बेहद अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक में दोनों देशों के राष्ट्रपति लगभग चार साल से जारी युद्ध खत्म करने के लिए संभावित शांति समझौते पर चर्चा होगी.
इस बैठक पर ज़ेलेंस्की ने यहां तक कहा दिया है कि बातचीत का मुख्य फोकस इस सवाल पर होगा कि युद्ध रुकने की स्थिति में कौन-सा इलाका किसके कंट्रोल में रहेगा. फरवरी 2022 में रूस के हमले के बाद शुरू हुआ, यह संघर्ष दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे घातक युद्ध माना जा रहा है.
- ज़ेलेंस्की–ट्रंप मीटिंग से पहले यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला.
- यूक्रेन की राजधानी कीव और दूसरे इलाकों पर रात भर ड्रोन, मिसाइल से हमला.
- कल यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ इलाके, सुरक्षा गारंटी पर करेंगे चर्चा.
- रूसी अधिकारी लड़ाई खत्म करने की बातचीत को मान रहे हैं, एक ‘टर्निंग पॉइंट’.
इलाके सबसे बड़ी कूटनीतिक अड़चन
चार साल से चल रहे युद्ध पर विराम लगाने की कोशिशों में सबसे बड़ी रुकावट इलाकों के कंट्रोल को लेकर है. रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनेट्स्क और डोनबास के इलाकों से पीछे हटे. कीव इस पर तैयार नहीं है. कीव की मांग है कि मौजूदा युद्ध रेखाओं पर ही लड़ाई रोकी जाए.
बैठक से पहले ज़ेलेंस्की ने कहा, ‘अमेरिका की अगुवाई में तैयार हो रही 20-पॉइंट शांति योजना लगभग 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है, लेकिन इलाके का मसला अब भी सबसे संवेदनशील बिंदु बना हुआ है.
सुरक्षा गारंटी पर ज़ोर
ज़ेलेंस्की ने साफ कहा कि किसी भी समझौते की रीढ़ मजबूत सुरक्षा गारंटी होनी चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि सोवियत संघ के टूटने के बाद यूक्रेन को जो सुरक्षा आश्वासन मिले थे, वे कागज़ी साबित हुए.
जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने कथित तौर पर 15 साल की सुरक्षा गारंटी डील का प्रस्ताव दिया है. इसे और आगे बढ़ाया जा सकता है. लेकिन कीव इससे भी मजबूत, कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता चाहता है, ताकि भविष्य में रूस की आक्रामकता रोकी जा सके.
ट्रंप का सख्त संदेश
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि इस पूरी प्रक्रिया की ‘मुख्य ताकत’ अमेरिका है. उनका कहना है कि जब तक वह किसी डील को मंजूरी नहीं देंगे, तब तक कुछ भी फाइनल नहीं होगा.
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ज़ेलेंस्की के साथ उनकी बैठक सकारात्मक हो सकती है. उसके बाद वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी जल्द बातचीत करना चाहते हैं.
न्यूक्लियर प्लांट और फ्री इकोनॉमिक ज़ोन
इलाकों के अलावा एक और बड़ा मुद्दा ज़ापोरिज़्ज़िया न्यूक्लियर पावर प्लांट है. यह यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है और फिलहाल रूस के कब्ज़े में है. इसका कंट्रोल किसके पास रहेगा, यह भी बातचीत का अहम हिस्सा है. सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि एक प्रस्ताव है कि अगर यूक्रेन डोनेट्स्क के कुछ हिस्से छोड़ता है, तो वहां एक ‘फ्री इकोनॉमिक जोन’ बनाया जाएगा. इसकी शर्तें अभी तय नहीं हैं.
जनमत संग्रह भी विकल्प
ज़ेलेंस्की ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका यूक्रेन पक्ष का समर्थन नहीं करता है, तो वह 20-पॉइंट प्लान को जनमत संग्रह में ले जा सकते हैं. इसके लिए शर्त है कि रूस कम से कम 60 दिन के युद्ध विराम पर सहमत हो, ताकि शांति समझौते पर जनमत संग्रह की तैयारी हो सके.
रूसी प्रतिक्रिया
रूस की ओर से उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा है कि शांति वार्ता एक ‘टर्निंग पॉइंट’ पर पहुंच सकती है. हालांकि यह भी सही है कि कीव और मॉस्को के ड्राफ्ट में बड़ा फर्क है. क्रेमलिन ने पुष्टि की है कि ट्रंप प्रशासन और रूस के बीच शांति प्रस्तावों को लेकर संपर्क बना हुआ है.
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