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ट्रंप ने फिर फोड़ा टैरिफ बम: 25% तक टैक्स, जानिए किस पर पड़ेगा असर
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, October 18, 2025
Last Updated On: Saturday, October 18, 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 1 नवंबर से आयातित ट्रकों और बसों पर 25% और 10% का नया टैरिफ लगाया है. इसका उद्देश्य अमेरिकी ऑटो उद्योग को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाना और उत्पादन देश में बढ़ाना है. इस फैसले से मेक्सिको जैसे बड़े निर्यातक देशों को झटका लगेगा, वहीं अमेरिकी कंपनियों को 3.75% क्रेडिट से राहत मिलेगी. यह कदम उद्योग और रोजगार दोनों पर असर डाल सकता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, October 18, 2025
Trump Tariff Hike 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार में हलचल मचा दी है. उन्होंने 1 नवंबर से आयातित मध्यम और भारी ट्रकों तथा उनके पार्ट्स पर 25% और बसों पर 10% टैरिफ लगाने का आदेश जारी किया है. ट्रंप ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर उठाया गया कदम बताया है. उनका उद्देश्य अमेरिका में अधिक ऑटो उत्पादन को बढ़ावा देना और विदेशी प्रतिस्पर्धा से घरेलू कंपनियों की रक्षा करना है.
नए आदेश के तहत क्या-क्या बदला?
ट्रंप के आदेश के अनुसार, अमेरिकी वाहन निर्माता 2030 तक अमेरिका में असेंबल किए गए वाहनों पर सुझाए गए खुदरा मूल्य का 3.75% क्रेडिट प्राप्त कर सकते हैं. यह क्रेडिट आयातित पुर्जों पर टैरिफ की लागत को कम करने में मदद करेगा. इसी तरह, अमेरिकी इंजन निर्माण और अमेरिकी मध्यम और भारी ट्रक उत्पादन के लिए भी 3.75% का अतिरिक्त क्रेडिट दिया जाएगा. इसका मकसद यह है कि अमेरिकी निर्माता विदेशी आयात पर निर्भरता कम करें और उत्पादन देश में ही बढ़ाएं.
कौन-कौन से वाहन और पार्ट्स शामिल हैं?
नए टैरिफ में श्रेणी 3 से श्रेणी 8 तक के सभी ट्रक शामिल हैं. इसमें बड़े पिक-अप ट्रक, मूविंग ट्रक, कार्गो ट्रक, डंप ट्रक और 18-पहिया ट्रैक्टर शामिल हैं. ट्रंप का कहना है कि यह कदम अमेरिकी निर्माता कंपनियों को अनुचित विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए उठाया गया है. इससे पैकर के स्वामित्व वाली पीटरबिल्ट और डेमलर के स्वामित्व वाली फ्रेटलाइनर जैसी कंपनियों को फायदा होगा.
मेक्सिको और अन्य देशों पर असर
ट्रंप के इस फैसले से सबसे बड़ा झटका मेक्सिको को लग सकता है, क्योंकि यह अमेरिका को मध्यम और भारी ट्रकों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है. अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स पहले ही ट्रंप से अपील कर चुका था कि नए टैरिफ न लगाए जाएं. उनका कहना था कि मेक्सिको, कनाडा, जापान, जर्मनी और फिनलैंड जैसे शीर्ष आयातक देश अमेरिका के सहयोगी या नजदीकी साझेदार हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नहीं हैं.
अमेरिकी वाहन कंपनियों को राहत
इस आदेश से जीएम, फोर्ड, टोयोटा, स्टेलंटिस, होंडा, टेस्ला और अन्य वाहन निर्माता कंपनियों को पहले से लगाए गए आयातित ऑटो पार्ट्स शुल्क से वित्तीय राहत भी मिलेगी. वाणिज्य विभाग ने जून में योजना बनाई थी कि अप्रैल 2026 तक पात्र अमेरिकी असेंबल्ड वाहनों के मूल्य का 3.75% ऑफसेट दिया जाएगा, और अगले वर्ष यह 2.5% होगा. इससे अमेरिकी कंपनियों के लिए उत्पादन लागत में कमी आएगी और वे अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगी.
क्रेडिट विस्तार और अधिक प्रोत्साहन
रिपब्लिकन सीनेटर बर्नी मोरेनो ने कहा कि संशोधित क्रेडिट पांच वर्षों तक 3.75% पर बनाए रखा जाएगा और इसे अधिक पुर्जों तक बढ़ाया गया है. इससे वाहन निर्माता कंपनियों को उत्पादन अमेरिका में स्थानांतरित करने के लिए अधिक प्रोत्साहन मिलेगा. यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए रोजगार बढ़ाने और ऑटो उद्योग को मजबूत करने में मदद करेगा.
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