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क्या वर्क वीज़ा पर रह रहे भारतीय कपल के अमेरिका में जन्मे बच्चों को अब नहीं मिलेगी अमेरिकी नागरिकता?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, October 24, 2025
Last Updated On: Friday, October 24, 2025
कभी अमेरिका में जन्म लेना मतलब वहां की नागरिकता पक्की. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. डोनाल्ड ट्रंप के नए आदेश ने भारतीयों के “अमेरिकन ड्रीम” पर ब्रेक लगा दिया है. अब H-1B या L-1 वीज़ा पर रह रहे भारतीय कपल के अमेरिका में जन्मे बच्चे को जन्मसिद्ध नागरिकता नहीं मिलेगी. सवाल उठता है- अब इन बच्चों को कौन-सी नागरिकता मिलेगी? जवाब चौंकाने वाला है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, October 24, 2025
US Citizenship Rules: अमेरिका-दुनिया का वो देश जिसे “ड्रीमलैंड” कहा जाता है. हर साल हजारों भारतीय वहां H-1B या L-1 वर्क वीज़ा लेकर जाते हैं, ताकि बेहतर भविष्य और स्थायी जीवन की तलाश पूरी हो सके. बहुत से भारतीय कपल का सपना होता है कि अगर उनका बच्चा वहीं जन्म ले, तो उसे अमेरिकी नागरिकता मिले और भविष्य में उसी के ज़रिए परिवार को भी नागरिकता का रास्ता आसान हो जाए. लेकिन अब ये सपना डोनाल्ड ट्रंप के नए आदेश के बाद धुंधला पड़ता दिख रहा है.
ट्रंप का आदेश और नई नागरिकता नीति
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया कार्यकारी आदेश में कहा है कि 19 फरवरी 2025 के बाद प्रवासी माता-पिता से जन्मे बच्चे को जन्मसिद्ध अमेरिकी नागरिकता नहीं दी जाएगी.
यानि अगर किसी भारतीय कपल के पास H-1B, L-1 या स्टूडेंट वीज़ा है और उनका बच्चा अमेरिका में पैदा होता है, तो अब वह अपने जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिक नहीं माना जाएगा. यह आदेश प्रवासियों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के उद्देश्य से लिया गया है.
हालांकि, इस आदेश को लेकर अमेरिकी अदालत में चुनौती दी गई है और फिलहाल अदालत ने इस पर अस्थायी रोक लगा दी है. लेकिन ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वे इस रोक के खिलाफ अपील करेंगे. इस बीच हजारों भारतीय परिवारों में चिंता का माहौल बना हुआ है.
प्रवासी भारतीयों में मची अफरा-तफरी
ट्रंप के आदेश का सबसे बड़ा असर वर्क वीज़ा पर रह रहे भारतीयों पर पड़ा है, क्योंकि अमेरिका हर साल जितने H-1B वीज़ा जारी करता है, उनमें लगभग 72% भारतीयों के पास होते हैं.
ऐसे में जिन भारतीय महिलाओं की डिलीवरी फरवरी के आसपास तय थी, वे अब डेडलाइन से पहले बच्चे को जन्म देने की कोशिश कर रही हैं ताकि बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके.
कई मामलों में तो कुछ कपल ने सी-सेक्शन (C-section) का रास्ता अपनाया है ताकि 19 फरवरी से पहले बच्चा जन्म ले सके और उसका नागरिकता अधिकार सुरक्षित रहे.
अब सवाल-इन बच्चों को किस देश की नागरिकता मिलेगी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर बच्चे को अमेरिका में जन्म के बावजूद नागरिकता नहीं मिलेगी, तो वह किस देश का नागरिक होगा?
प्रवासन विशेषज्ञ सुल्तान अहमद के अनुसार, नए आदेश के बाद अमेरिका में जन्मे ऐसे बच्चों को अब “जन्मसिद्ध नागरिकता” नहीं मिलेगी. उन्हें नागरिकता पाने के लिए अपने माता-पिता की राष्ट्रीयता या किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए आवेदन करना होगा.
यानि यह बच्चा केवल तभी अमेरिकी नागरिक बन सकता है जब वह बाद में किसी वैध प्रक्रिया के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करे, जैसे स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) या माता-पिता की नागरिकता बदलने की स्थिति में.
भारतीय नागरिकता पाने की प्रक्रिया
- अब सवाल भारतीय माता-पिता का है- क्या उनका बच्चा भारत का नागरिक बन सकता है? जवाब है हां, बिल्कुल.
- भारत के नागरिकता कानून के मुताबिक, अगर दोनों माता-पिता भारतीय हैं, तो उनका बच्चा चाहे दुनिया में कहीं भी जन्म ले, वह “वंश के आधार पर भारतीय नागरिक” माना जाएगा.
- हालांकि, इसके लिए माता-पिता को बच्चे का जन्म भारतीय दूतावास या कॉन्सुलेट में रजिस्टर कराना जरूरी होगा. अगर ऐसा नहीं किया गया तो बच्चे की भारतीय नागरिकता को लेकर जटिलता बढ़ सकती है.
- इसके अलावा, अगर बच्चा पहले से अमेरिकी नागरिक बन चुका है (यानि 19 फरवरी से पहले पैदा हुआ), तो उसे भारतीय नागरिकता तभी मिल सकती है जब वह अमेरिकी नागरिकता त्याग दे, क्योंकि भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता.
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