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Fertility Tips for Men: स्पर्म काउंट या क्वालिटी? पुरुषों की फर्टिलिटी में क्या निभाता है सबसे बड़ा रोल, एक्सपर्ट से समझिए पूरी बात
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, July 25, 2026
Last Updated On: Saturday, July 25, 2026
Fertility Tips for Men: पुरुषों की फर्टिलिटी केवल स्पर्म काउंट पर निर्भर नहीं करती, बल्कि स्पर्म की क्वालिटी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है. विशेषज्ञों के अनुसार मोटिलिटी, मॉर्फोलॉजी और जेनेटिक गुणवत्ता गर्भधारण की संभावना बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. स्वस्थ जीवनशैली और समय पर जांच से स्पर्म हेल्थ में प्रभावी सुधार संभव है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, July 25, 2026
Fertility Tips for Men: आज के समय में इनफर्टिलिटी केवल महिलाओं की समस्या नहीं रह गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यदि कोई दंपति लगातार 12 महीने तक प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पाता, तो इसे इनफर्टिलिटी माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुरुषों की फर्टिलिटी भी एक बड़ा कारण हो सकती है. खराब जीवनशैली, धूम्रपान, शराब का अधिक सेवन, मोटापा, हार्मोनल असंतुलन, संक्रमण और अनियंत्रित डायबिटीज जैसी कई वजहें पुरुषों के स्पर्म को प्रभावित कर सकती हैं. अच्छी बात यह है कि समय पर जांच, सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इन समस्याओं में काफी सुधार किया जा सकता है.
क्या सिर्फ स्पर्म काउंट ही तय करता है फर्टिलिटी?
अक्सर लोग मान लेते हैं कि अगर स्पर्म काउंट ज्यादा है, तो पुरुष पूरी तरह फर्टाइल है. लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह पूरी सच्चाई नहीं है. स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या गोस्वामी बताती हैं कि फर्टिलिटी का आकलन केवल स्पर्म की संख्या से नहीं किया जाता. जितना महत्व स्पर्म काउंट का है, उतना ही महत्व उसकी गुणवत्ता यानी स्पर्म क्वालिटी का भी है. यदि स्पर्म की संख्या अच्छी हो लेकिन वे अपना काम सही ढंग से न कर पाएं, तो गर्भधारण की संभावना कम हो सकती है.
स्पर्म क्वालिटी क्यों होती है इतनी महत्वपूर्ण?
स्पर्म क्वालिटी का मतलब केवल स्पर्म का मौजूद होना नहीं, बल्कि उसका स्वस्थ और सक्रिय होना भी है. इसमें तीन प्रमुख बातें देखी जाती हैं स्पर्म की मोटिलिटी (चलने की क्षमता), मॉर्फोलॉजी (आकार) और जेनेटिक गुणवत्ता. यदि स्पर्म ठीक से आगे नहीं बढ़ पा रहे हों या उनका आकार सामान्य न हो, तो उनके लिए अंडाणु तक पहुंचकर निषेचन करना मुश्किल हो जाता है. वहीं, यदि स्पर्म की संख्या थोड़ी कम भी हो लेकिन उनकी गुणवत्ता अच्छी हो, तो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावना बनी रहती है. इसलिए केवल संख्या नहीं, बल्कि स्पर्म की कार्यक्षमता अधिक मायने रखती है.
सीमेन एनालिसिस से मिलती है पूरी तस्वीर
पुरुषों की फर्टिलिटी जांचने के लिए डॉक्टर केवल स्पर्म काउंट नहीं देखते, बल्कि सीमेन एनालिसिस कराते हैं. इस जांच में स्पर्म की संख्या, गति, आकार, जीवित स्पर्म का प्रतिशत और उनकी गुणवत्ता सहित कई पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है. इन सभी रिपोर्टों को साथ देखकर ही यह तय किया जाता है कि फर्टिलिटी सामान्य है या किसी इलाज की जरूरत है. यही कारण है कि किसी एक पैरामीटर के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं माना जाता.
इन आदतों से बेहतर हो सकती है स्पर्म हेल्थ
पुरुष अपनी फर्टिलिटी को बेहतर बनाने के लिए कुछ आसान लेकिन असरदार बदलाव अपना सकते हैं.
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं.
- संतुलित और पौष्टिक भोजन करें.
- नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रित रखें.
- डायबिटीज और हार्मोन संबंधी समस्याओं का समय पर इलाज कराएं.
- पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें.
- किसी भी समस्या की स्थिति में स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लें.
IVF में भी स्पर्म क्वालिटी निभाती है अहम भूमिका
विशेषज्ञों के अनुसार, IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) जैसे आधुनिक प्रजनन उपचारों में भी स्पर्म की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण होती है. जितने स्वस्थ और सक्रिय स्पर्म होंगे, निषेचन सफल होने और अच्छे एम्ब्रियो बनने की संभावना उतनी ही अधिक होगी. इसलिए इलाज के दौरान भी डॉक्टर स्पर्म की समग्र गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हैं.
सिर्फ संख्या नहीं, पूरी स्पर्म हेल्थ है सफलता की कुंजी
फर्टिलिटी के मामले में स्पर्म काउंट और स्पर्म क्वालिटी दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सबसे अधिक मायने रखती है ओवरऑल स्पर्म हेल्थ. स्वस्थ, सक्रिय और अच्छी गुणवत्ता वाले स्पर्म ही सफल गर्भधारण की संभावना बढ़ाते हैं. यदि लंबे समय से संतान प्राप्ति में परेशानी आ रही है, तो पुरुषों को भी समय रहते जांच करानी चाहिए. सही जानकारी, स्वस्थ जीवनशैली और विशेषज्ञ की सलाह से फर्टिलिटी से जुड़ी कई समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है.
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