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क्या जेल से बाहर आएगा अमृतपाल सिंह? पैरोल की मांग पर आज होगी सुनवाई
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Friday, November 21, 2025
Last Updated On: Friday, November 21, 2025
पंजाब की खडूर साहिब सीट से सांसद अमृतपाल सिंह की पैरोल याचिका पर आज पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. एनएसए के तहत डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल ने संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए अस्थायी रिहाई की मांग की है. इससे पहले भी उन्हें शपथ ग्रहण के लिए पैरोल मिल चुकी है, जिससे उम्मीदें और बहस दोनों बढ़ गई हैं.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Friday, November 21, 2025
पंजाब की खडूर साहिब लोकसभा सीट से सांसद अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक नई याचिका दायर की है जिसपर आज सुनवाई होनी हैं. उन्होंने अदालत से अपनी अस्थायी रिहाई यानी पैरोल की मांग की है. अमृतपाल चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिए जाएं कि उन्हें पैरोल पर रिहा किया जाए. उन्होंने यह भी कहा है कि अगर पैरोल संभव नहीं है, तो संसद सत्र के दौरान उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए.
याचिका में बताया गया है कि उनके खिलाफ 17 अप्रैल 2024 को तीसरा डिटेंशन आदेश जारी हुआ था. बाद में एडवाइजरी बोर्ड ने इस आदेश को सही माना और 24 जून को इसकी पुष्टि भी कर दी. अमृतपाल ने 13 नवंबर को पैरोल के लिए प्रतिनिधित्व दिया था, जो अब तक लंबित है. फिलहाल अमृतपाल सिंह डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं. उनकी गिरफ्तारी नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हुई थी. उन्होंने याचिका में NSA की धारा 15 का हवाला दिया है. यह धारा सरकार को खास हालात में बंदी को अस्थायी रिहाई देने का अधिकार देती है.
याचिका में क्या कहा गया?
अमृतपाल की याचिका संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत दायर हुई है. इसमें केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और अमृतसर के डीएम को पक्षकार बनाया गया है. अदालत में आज इस मामले की सुनवाई तय है. याचिका में कहा गया है कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा. इसलिए उन्हें इस अवधि के लिए पैरोल दी जाए ताकि वे बतौर सांसद अपनी जिम्मेदारी निभा सकें.
पहले भी मिल चुकी है पैरोल
इससे पहले 5 जुलाई 2024 को भी अमृतपाल को चार दिनों की पैरोल मिली थी. इसी दौरान उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में ले जाया गया, जहां उन्होंने सांसद पद की शपथ ली. याचिका में यह भी बताया गया है कि उनके साथी कुलवंत सिंह धालीवाल उर्फ कुलवंत सिंह रावके को भी NSA के तहत डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया था. उन्हें भी अपने चाचा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सात दिन की पैरोल दी गई थी.
कौन हैं अमृतपाल सिंह?
23 फरवरी 2023 को अजनाला थाने में एक बड़ा विवाद हुआ था. खालिस्तानी समर्थक माने जाने वाले अमृतपाल सिंह ने अपने एक साथी को छुड़वाने के लिए बड़ी भीड़ के साथ हमला कर दिया था. इस घटना में एसपी जुगराज सिंह, एएसआई जतिंदर सिंह और होमगार्ड जवान सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे. अजनाला पुलिस ने अमृतपाल सहित 19 नामजद और करीब 250 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया था. इसके बाद पंजाब सरकार ने उन पर NSA लगाया और उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया. इसके बावजूद अमृतपाल सिंह ने पिछले साल लोकसभा चुनाव लड़ा और खडूर साहिब सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की.
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