रोज खाने-पीने की ये 5 चीज़ें स्लो कर रही हैं आपका मेटाबॉलिज़्म, जानिए एक्सपर्ट की राय

Authored By: Galgotias Times Bureau

Published On: Monday, December 8, 2025

Updated On: Monday, December 8, 2025

Metabolism Slowing Daily Foods: रोजमर्रा की 5 चीज़ें जो आपका मेटाबॉलिज़्म स्लो कर सकती हैं, जानें एक्सपर्ट की राय और जानें किन चीज़ों से बचना है.

जानें 5 ऐसी आम खाने-पीने की चीज़ों के बारे में, जो आपके मेटाबॉलिज़्म को धीमा कर सकती हैं और आपको जल्दी थका सकती हैं. साथ ही, जानिए कैसे सही और हेल्दी विकल्प चुनकर आप अपनी ऊर्जा बढ़ा सकते हैं और एक बेहतर, स्वस्थ जीवनशैली अपना सकते हैं.

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Updated On: Monday, December 8, 2025

Metabolism Slowing Daily Foods: कई बार ऐसा होता है कि दोपहर होते-होते आपकी ऊर्जा गिरने लगती है या फिर वजन कम होने का नाम नहीं लेता. इसकी एक बड़ी वजह आपका धीमा मेटाबॉलिज़्म हो सकता है, और इसके पीछे मुख्य कारण होता है गलत खानपान. मेटाबॉलिज़्म दरअसल शरीर का वह सिस्टम है जो खाना पचाकर ऊर्जा में बदलता है. जब यह सही तरह से काम करता है, तो शरीर ज्यादा कैलोरी जलाता है और आप एक्टिव महसूस करते हैं. लेकिन मैदा, ज्यादा चीनी और तला-भुना खाना इसे धीरे-धीरे सुस्त बना देता है. इसलिए सेहतमंद खाना चुनना बहुत जरूरी है.

ये 5 आम चीज़ें जो आपके मेटाबॉलिज़्म को धीमा कर देती हैं

न्यूट्रीया की कंसल्टेंट न्यूट्रिशनिस्ट सिद्धि कृपाल के अनुसार, हमारी रोज़ की कुछ खाने-पीने की चीज़ें शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज़्म) को धीमा कर सकती हैं. इसका असर हमारी एनर्जी और काम करने की क्षमता पर पड़ता है. हम जल्दी थकने लगते हैं और वजन भी बढ़ सकता है. उन्होंने ऐसे 5 सामान्य खाद्य और पेय पदार्थों के बारे में बताया है, जो मेटाबॉलिज़्म को नुकसान पहुँचाते हैं. साथ ही, उन्होंने यह भी सुझाव दिए हैं कि किन बेहतर और हेल्दी विकल्पों को अपनाकर आप अपने मेटाबॉलिज़्म को दोबारा तेज कर सकते हैं.

मीठे ड्रिंक्स जो शरीर को सुस्त बना देते हैं

कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक पीने में ताजगी तो देते हैं, लेकिन इनमें बहुत ज्यादा चीनी होती है. यह चीनी खून में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ा देती है, जिससे थोड़ी देर बाद आपको थकान और नींद आने लगती है. न्यूट्रिशन एक्सपर्ट सिद्धि कृपाल के अनुसार, ज्यादा मीठे पेय पीने से शरीर के लिए इंसुलिन को सही तरीके से इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है और मेटाबॉलिज़्म धीमा हो सकता है. साथ ही, ये लिक्विड कैलोरी पेट नहीं भरती, इसलिए आप बाद में और ज्यादा खा लेते हैं. इसलिए मीठी ड्रिंक्स की जगह पानी, हर्बल चाय या बिना चीनी वाले फ्लेवर्ड पानी को चुनना बेहतर है.

सफेद ब्रेड और मैदा वाले फूड्स क्यों नुकसान करते हैं

सफेद ब्रेड, मैदा से बना पास्ता और दूसरे रिफाइंड अनाज खाने में बहुत अच्छे लगते हैं, लेकिन इनमें फाइबर और ज़रूरी पोषक तत्व बहुत कम होते हैं. ये चीज़ें शरीर में जल्दी पच जाती हैं, जिससे शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है और थोड़ी देर बाद फिर थकान महसूस होने लगती है. इससे वजन बढ़ने और पेट की चर्बी जमा होने का खतरा भी बढ़ जाता है. बेहतर है कि सफेद अनाज की जगह साबुत अनाज जैसे ब्राउन ब्रेड, ओट्स और ब्राउन राइस को अपनाएँ. ये आपकी एनर्जी को लंबे समय तक बनाए रखते हैं और आपके मेटाबॉलिज़्म के लिए भी फायदेमंद होते हैं.

रेडी-टू-ईट फूड जो धीरे-धीरे सेहत बिगाड़ते हैं

इंस्टेंट नूडल्स, चिप्स और फ्रोजन खाना जल्दी और आसानी से मिल जाता है, इसलिए लोग इन्हें ज़्यादा खा लेते हैं, लेकिन इन पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड में नमक, खराब फैट और केमिकल्स की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. ये चीज़ें शरीर में सूजन पैदा करती हैं और फैट बर्न करने की ताकत कम कर देती हैं, जिससे आपका मेटाबॉलिज़्म धीमा हो सकता है.

एक पोषण विशेषज्ञ ने बताया कि तीन बच्चों के एक पिता ने वीकेंड पर घर का हेल्दी खाना बनाना शुरू किया. कुछ ही दिनों में उन्हें ज्यादा एनर्जी महसूस होने लगी और पूरे परिवार को ताज़ा, घर के बने खाने का फायदा मिलने लगा. इसलिए कितना भी बिज़ी हों, घर का सादा खाना ही सबसे अच्छा विकल्प है.

बिना प्रोटीन का नाश्ता क्यों नहीं है सही विकल्प

नाश्ता मेटाबॉलिज़्म को शुरू करने का सबसे अहम समय होता है, लेकिन कई लोग इसमें प्रोटीन लेना भूल जाते हैं. अगर नाश्ते में सिर्फ़ मीठी चीज़ें या सादा टोस्ट खाया जाए, तो शरीर को पर्याप्त ताकत नहीं मिलती और कुछ ही देर में फिर भूख लगने लगती है.

पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, नाश्ते में अंडे, ग्रीक योगर्ट, दाल-चिल्ला या प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाउडर शामिल करना बेहतर रहता है. प्रोटीन शरीर को मज़बूती देता है, मांसपेशियों की मरम्मत करता है और ज़्यादा कैलोरी बर्न करने में मदद करता है, जिससे मेटाबॉलिज़्म तेज़ रहता है.

गलत तेल जो मेटाबॉलिज़्म को नुकसान पहुँचा सकते हैं

खाना बनाने के लिए तेल जरूरी होता है, लेकिन हर तेल सेहत के लिए अच्छा नहीं होता. ताड़ का तेल, सूरजमुखी का तेल और मक्के का तेल जैसे परिष्कृत तेलों में ओमेगा-6 फैटी एसिड ज्यादा होता है. इन्हें ज़्यादा मात्रा में लेने से शरीर में सूजन बढ़ सकती है, जिससे मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ सकता है.

इसकी जगह जैतून का तेल या नारियल का तेल बेहतर विकल्प हैं. ये दिल के लिए भी अच्छे होते हैं और शरीर के मेटाबॉलिज़्म को सही तरीके से काम करने में मदद करते हैं.

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