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Mahashivratri 2026 Date: किस दिन मनाई जाएगी महाशिवरात्रि , जानिए पूजा तिथि, शुभ मुहूर्त, समय और संपूर्ण विधि
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, January 28, 2026
Last Updated On: Wednesday, January 28, 2026
Mahashivratri 2026 Date: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का अत्यंत पावन पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना को समर्पित होता है. साल 2026 में यह महापर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा. इस दिन व्रत, रात्रि जागरण और चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात शिव-भक्ति करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. शिवलिंग पर अभिषेक और मंत्र जाप से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. जानिए महाशिवरात्रि 2026 की सही पूजा तिथि, शुभ मुहूर्त, निशिता काल का समय और पूरी पूजा विधि….
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, January 28, 2026
Mahashivratri 2026 Date: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का ऐसा पर्व है, जो केवल एक त्योहार नहीं बल्कि आत्मिक जागरण की रात मानी जाती है. यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है और शैव परंपरा में इसका विशेष स्थान है. देशभर के शिव मंदिरों में इस दिन विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण किया जाता है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात शिव-भक्ति करने से जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और मन, शरीर व आत्मा तीनों शुद्ध होते हैं. यही कारण है कि हर साल श्रद्धालु बेसब्री से इस पावन तिथि का इंतज़ार करते हैं.
महाशिवरात्रि 2026 किस दिन मनाई जाएगी? अभी नोट कर लें डेट
अगर आप महाशिवरात्रि 2026 की तैयारी अभी से करना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है. साल 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आता है. चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 15 फरवरी 2026 को शाम 05:04 बजे होगी और इसका समापन 16 फरवरी 2026 को शाम 05:34 बजे होगा. चूंकि निशिता काल 15 फरवरी की रात को पड़ रहा है, इसलिए इसी दिन महाशिवरात्रि मनाना शास्त्रसम्मत और श्रेष्ठ माना गया है.
निशिता काल पूजा मुहूर्त और पारण का समय
महाशिवरात्रि की पूजा का सबसे महत्वपूर्ण समय निशिता काल होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी समय भगवान शिव की आराधना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है. साल 2026 में निशिता काल पूजा मुहूर्त रात 11:55 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा. वहीं व्रत रखने वाले श्रद्धालु महाशिवरात्रि का पारण 16 फरवरी 2026 को सुबह 6:42 बजे से दोपहर 3:10 बजे के बीच कर सकते हैं.
महाशिवरात्रि 2026 चार प्रहर पूजा का शुभ समय
महाशिवरात्रि की विशेषता इसकी चार प्रहर पूजा है, जिसमें रात को चार भागों में विभाजित कर भगवान शिव की आराधना की जाती है.
- प्रथम प्रहर पूजा का समय 15 फरवरी को शाम 06:11 से 09:23 बजे तक रहेगा.
- द्वितीय प्रहर पूजा 15 फरवरी की रात 09:23 से 12:36 बजे तक होगी.
- तृतीय प्रहर पूजा देर रात 12:36 से सुबह 03:47 बजे तक संपन्न की जाएगी.
- चतुर्थ प्रहर पूजा 16 फरवरी की सुबह 03:47 से 06:59 बजे तक की जाएगी.
चारों प्रहरों में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और भस्म अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है.
महाशिवरात्रि पूजा विधि: कैसे करें भगवान शिव को प्रसन्न
महाशिवरात्रि के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें. शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें. इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत और सफेद फूल अर्पित करें. “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव का ध्यान करें. रात में जागरण कर शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है.
महाशिवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
महाशिवरात्रि से जुड़ी कई पौराणिक मान्यताएं हैं. एक मान्यता के अनुसार इसी रात भगवान शिव ने तांडव नृत्य किया था, जबकि दूसरी मान्यता कहती है कि इसी दिन माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह संपन्न हुआ था. ऐसा विश्वास है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-शांति, वैवाहिक खुशहाली और मानसिक शांति प्राप्त होती है. महाशिवरात्रि केवल पूजा का दिन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और शिव-तत्व से जुड़ने का अवसर है.
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