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विध्वंस के 1000 वर्ष बाद आस्था का महासंगम: सोमनाथ में ऐतिहासिक महाशिवरात्रि, उमड़ेंगे 5 लाख श्रद्धालु
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, February 11, 2026
Last Updated On: Wednesday, February 11, 2026
Mahashivratri in Somnath: विध्वंस के 1000 वर्ष बाद सोमनाथ मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि ऐतिहासिक बनने जा रही है. करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के बाद श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है. कड़े सुरक्षा इंतजाम, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कैलाश खेर की प्रस्तुति इस उत्सव को खास बनाएंगे.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, February 11, 2026
Mahashivratri in Somnath: गुजरात के तट पर स्थित विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर इस बार सोमनाथ में आस्था का ऐसा महासंगम देखने को मिलेगा, जो बीते कई दशकों में दुर्लभ माना जा रहा है. अनुमान है कि इस वीकेंड करीब 5 लाख श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए सोमनाथ पहुंचेंगे. यह आयोजन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि यह सोमनाथ मंदिर के विध्वंस के 1000 वर्ष पूरे होने के बाद मनाई जा रही पहली भव्य महाशिवरात्रि है.
स्वाभिमान पर्व के बाद बढ़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
पिछले महीने आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के बाद से मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त उछाल देखा गया है. यह राष्ट्रीय आयोजन 8 से 11 जनवरी के बीच आयोजित हुआ था, जो वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले ऐतिहासिक हमले की स्मृति में रखा गया था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने देशभर का ध्यान सोमनाथ की ओर खींचा. अधिकारियों के अनुसार, जहां पहले रोजाना करीब 20 हजार श्रद्धालु मंदिर आते थे, अब यह संख्या बढ़कर 75 हजार प्रतिदिन तक पहुंच चुकी है.
महाशिवरात्रि को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में
15 फरवरी को पड़ने वाली महाशिवरात्रि को देखते हुए गिर सोमनाथ जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. कलेक्टर एन.वी. उपाध्याय ने बताया कि भारी भीड़ को संभालने के लिए सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के सुचारु दर्शन मिलें और किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो.
10 गेट, वन-वे सिस्टम और 24 घंटे मेडिकल सुविधा
भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा जांच गेट की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है. इसके साथ ही दर्शन व्यवस्था को आसान बनाने के लिए वन-वे एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया जाएगा. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी. मंदिर परिसर और पार्किंग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भंडारे, प्रसाद वितरण और अतिरिक्त काउंटर भी लगाए जा रहे हैं.
आस्था के साथ संस्कृति का रंग: कैलाश खेर देंगे प्रस्तुति
महाशिवरात्रि केवल पूजा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह एक सांस्कृतिक उत्सव का रूप भी लेगी. गुजरात पर्यटन निगम की ओर से 14, 15 और 16 फरवरी को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों में प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर समेत देशभर के नामी कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे. भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा सोमनाथ क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूब जाएगा.
सोमनाथ: जिसे मिटाया नहीं जा सका
सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि हजार वर्षों की अडिग आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है. बार-बार हुए आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद यह मंदिर हर बार पहले से अधिक भव्य रूप में खड़ा हुआ. आज जब विध्वंस के 1000 वर्ष बाद यहां लाखों श्रद्धालु उमड़ने जा रहे हैं, तो यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि आस्था को कभी मिटाया नहीं जा सकता.
निष्कर्ष: इतिहास, आस्था और उत्सव का संगम
इस महाशिवरात्रि पर सोमनाथ केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि इतिहास, श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत संगम बन जाएगा. लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, भव्य आयोजन और कड़े सुरक्षा इंतजाम इस पर्व को यादगार बनाने जा रहे हैं. विध्वंस के 1000 वर्ष बाद सोमनाथ में होने वाला यह उत्सव आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था और आत्मगौरव की प्रेरणा बनकर उभरेगा.
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