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UP Budget Session 2026: विकास, रोजगार और सुरक्षा का मेगा रोडमैप, योगी सरकार के बजट में बड़े ऐलान
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, February 11, 2026
Last Updated On: Wednesday, February 11, 2026
UP Budget Session 2026: उत्तर प्रदेश बजट सत्र 2026 में योगी सरकार ने 9.12 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया. इसमें युवाओं को 10 लाख रोजगार, 40 लाख टैबलेट, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बढ़ा निवेश, नए मेडिकल कॉलेज, मजबूत कानून व्यवस्था, किसानों के लिए एग्री-एक्सपोर्ट हब, महिला सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष जोर दिया गया है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, February 11, 2026
UP Budget Session 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम रहा, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट रखते हुए साफ संदेश दिया कि सरकार का फोकस विकास के साथ-साथ रोजगार, सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और किसानों की आय बढ़ाने पर है. करीब 9.12 लाख करोड़ रुपये के इस मेगा बजट को अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 12.9 प्रतिशत अधिक है.
चुनाव से पहले आखिरी पूर्ण बजट, इसलिए अहम फैसले
यह बजट इसलिए भी खास है क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है. ऐसे में सरकार ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की है. बजट से पहले हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों पर मुहर लगी और बजट भाषण के दौरान सरकार ने दावा किया कि बीते वर्षों में कानून व्यवस्था से लेकर अर्थव्यवस्था तक यूपी ने ऐतिहासिक छलांग लगाई है.
10 लाख रोजगार और 40 लाख टैबलेट: युवाओं पर सबसे बड़ा दांव
इस बजट का सबसे बड़ा आकर्षण युवाओं के लिए किए गए ऐलान रहे. सरकार ने दावा किया कि प्रदेश में अब तक 10 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा चुके हैं और आगे भी रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता रहेगी.
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत अब 40 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन दिए जाएंगे, जिसके लिए 2,374 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत 163 केंद्रों पर 23 हजार से ज्यादा युवाओं को मुफ्त कोचिंग दी जा रही है, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी भागीदारी बढ़े.
शिक्षा में निवेश, नियुक्तियों का रिकॉर्ड
शिक्षा क्षेत्र में सरकार ने बड़े पैमाने पर निवेश और नियुक्तियों का दावा किया है. राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 8,966 पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में 2017 से अब तक 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया है.
बजट में शिक्षा के लिए 12.4 प्रतिशत राशि आवंटित की गई है, जिससे स्कूलों की गुणवत्ता, शिक्षकों की संख्या और डिजिटल सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा.
स्वास्थ्य सेक्टर को मजबूती: मेडिकल कॉलेज और सीटों में इजाफा
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा पर भी इस बजट में खास ध्यान दिया गया है. चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. प्रदेश में अब कुल 81 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं.
14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये रखे गए हैं. एमबीबीएस सीटों की संख्या 2017 में 4,540 से बढ़कर 12,800 और पीजी सीटें 1,221 से बढ़कर 4,995 हो चुकी हैं. लखनऊ के कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये और असाध्य रोगों के मुफ्त इलाज के लिए 130 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
कानून व्यवस्था पर सरकार का आत्मविश्वास
योगी सरकार ने बजट भाषण में कानून व्यवस्था को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया. सरकार का दावा है कि 2016 की तुलना में डकैती में 89 प्रतिशत, लूट में 85 प्रतिशत और हत्या में 47 प्रतिशत की कमी आई है.
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी गिरावट का दावा किया गया है. पुलिस विभाग के आवासीय और अनावासीय भवनों के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. मिशन शक्ति के तहत महिला बीट कर्मियों के लिए वाहनों की खरीद पर भी बजट रखा गया है.
कृषि में नंबर वन यूपी, किसानों पर फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है. गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला और आम जैसे उत्पादों में यूपी का योगदान सबसे ज्यादा है.
सिंचित क्षेत्र 2016-17 के 2.16 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है. डीजल पंपों को सोलर आधारित सिस्टम में बदलने की योजना बनाई गई है. साथ ही किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए एग्री एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे.
उद्योग, निवेश और स्टार्टअप में यूपी की छलांग
उद्योग और निवेश के मोर्चे पर सरकार ने बड़े आंकड़े पेश किए. अब तक करीब 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हो चुके हैं, जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार की संभावना है.
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन चुका है, जहां 65 प्रतिशत मोबाइल फोन का उत्पादन होता है. इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. स्टार्टअप रैंकिंग में यूपी को ‘लीडर’ श्रेणी में जगह मिली है.
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक योजनाएं
बजट में महिला सशक्तिकरण को भी खास जगह दी गई है. मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के जरिए स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाजार से जोड़ा जाएगा.
सरकार ने बेटियों की शादी के लिए 1 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी.
इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सेक्टर में बड़ा निवेश
सड़कों और सेतु निर्माण के लिए 34,468 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सिंचाई योजनाओं पर 18 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
ऊर्जा क्षेत्र में ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 5,878 मेगावाट से बढ़कर 9,120 मेगावाट हो चुकी है, जबकि सौर ऊर्जा में भी यूपी ने बड़ी छलांग लगाई है.
अर्थव्यवस्था की तस्वीर: बढ़ती आय, घटती बेरोजगारी
बजट भाषण में बताया गया कि प्रदेश का GSDP बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये हो गया है. प्रति व्यक्ति आय 2016-17 में 54,564 रुपये से बढ़कर 1,09,844 रुपये पहुंच गई है और 2025-26 में इसके 1.20 लाख रुपये होने का अनुमान है.
सरकार का दावा है कि करीब 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं और बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है.
निष्कर्ष: विकास और विश्वास का बजट
कुल मिलाकर यूपी बजट 2026 को विकास, रोजगार और सुरक्षा का रोडमैप कहा जा सकता है. सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बुनियादी ढांचे से लेकर युवाओं और किसानों तक, हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति तैयार है. चुनाव से पहले आए इस बजट ने साफ कर दिया है कि योगी सरकार विकास और सुशासन को ही अपना सबसे बड़ा मुद्दा बना रही है.
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