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Ekadashi 2026: मार्च महीने में कौन सी एकादशी कब पड़ेगी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और व्रत महत्व
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, February 25, 2026
Last Updated On: Wednesday, February 25, 2026
Ekadashi March 2026: मार्च 2026 में चैत्र माह के दौरान पापमोचनी और कामदा एकादशी का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन एकादशी व्रतों को रखने और भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. जानिए दोनों एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, February 25, 2026
Ekadashi 2026: मार्च 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इसी महीने से हिंदू पंचांग का चैत्र माह शुरू होगा. चैत्र मास को नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और यह महीना देवी दुर्गा की आराधना को समर्पित होता है. इसी दौरान चैत्र नवरात्रि, राम नवमी जैसे बड़े पर्व आते हैं. इस पावन महीने में भगवान विष्णु को समर्पित दो महत्वपूर्ण एकादशी व्रत-पापमोचनी और कामदा एकादशी भी पड़ते हैं, जिनका विशेष आध्यात्मिक महत्व बताया गया है.
चैत्र माह और एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व है. पूरे साल में कुल 24 एकादशी व्रत आते हैं, जो भगवान विष्णु की कृपा पाने का विशेष माध्यम माने जाते हैं. चैत्र माह की एकादशियां इसलिए भी खास होती हैं क्योंकि यह समय नए आरंभ, आत्मशुद्धि और साधना का होता है. मान्यता है कि इस महीने एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और मन, शरीर व आत्मा तीनों शुद्ध होते हैं.
पापमोचनी एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, पापमोचनी एकादशी चैत्र माह के कृष्ण पक्ष में आती है. वर्ष 2026 में यह व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा. मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं.
- एकादशी तिथि आरंभ: 14 मार्च 2026, सुबह 08:10 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त: 15 मार्च 2026, सुबह 09:16 बजे
- व्रत रखने की तिथि: 15 मार्च 2026
- पारण की तिथि: 16 मार्च 2026
पापमोचनी एकादशी का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पापमोचनी एकादशी का व्रत व्यक्ति को पापों से मुक्त करने वाला होता है. कहा जाता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियम के साथ करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं. जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. साथ ही, मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त होता है. यह व्रत आत्मशुद्धि और आत्मचिंतन का विशेष अवसर माना जाता है.
कामदा एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
कामदा एकादशी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है और इसे अत्यंत फलदायी माना जाता है. वर्ष 2026 में यह व्रत 29 मार्च को रखा जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और नकारात्मक दोषों से मुक्ति मिलती है.
- एकादशी तिथि आरंभ: 28 मार्च 2026, सुबह 08:45 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त: 29 मार्च 2026, सुबह 07:46 बजे
- व्रत रखने की तिथि: 29 मार्च 2026
- पारण की तिथि: 30 मार्च 2026
कामदा एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों, विशेषकर पद्म पुराण में बताया गया है कि कामदा एकादशी का व्रत अत्यंत फलदायी होता है. इस व्रत को करने से ब्रह्महत्या जैसे बड़े पापों और अनजाने में किए गए दोषों से भी मुक्ति मिलती है. मान्यता है कि यह व्रत पिशाचत्व और नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव को समाप्त करता है. जो श्रद्धालु सच्चे मन से इस व्रत को करते हैं, उनके जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य का वास होता है.
निष्कर्ष: मार्च 2026 की एकादशी क्यों है खास
मार्च 2026 में आने वाली पापमोचनी और कामदा एकादशी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और नई शुरुआत का भी प्रतीक हैं. यदि श्रद्धा, नियम और विश्वास के साथ इन व्रतों को किया जाए, तो जीवन की अनेक समस्याओं से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति संभव मानी जाती है. यही कारण है कि चैत्र माह की ये एकादशियां भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती हैं.
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