Lifestyle News
भारत को मिली पहली डेंगू वैक्सीन की सौगात, QDENGA को DCGI की मंजूरी, जानें किस उम्र में लगेगी
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, July 20, 2026
Last Updated On: Monday, July 20, 2026
Dengue Vaccine: भारत में पहली बार डेंगू से बचाव के लिए QDENGA वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है. 4 से 60 वर्ष तक के लोग यह टीका लगवा सकेंगे और पहले डेंगू होने की जांच भी जरूरी नहीं होगी. विशेषज्ञों के अनुसार, यह वैक्सीन गंभीर संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करने में मददगार है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, July 20, 2026
Dengue Vaccine: हर साल मानसून के आते ही डेंगू के मामलों में तेजी देखने को मिलती है. मच्छरों से फैलने वाली यह बीमारी हजारों लोगों को अस्पताल तक पहुंचा देती है और कई बार जानलेवा भी साबित होती है. अब इस चुनौती से निपटने के लिए भारत को बड़ी सफलता मिली है. पहली बार देश में डेंगू से बचाव के लिए QDENGA वैक्सीन को मंजूरी दी गई है. इससे उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में डेंगू के गंभीर मामलों और अस्पताल में भर्ती होने की संख्या में कमी आएगी.
क्या खास है यह नई वैक्सीन?
अब तक डेंगू से बचाव के लिए लोगों को केवल मच्छरों से सुरक्षा और समय पर इलाज पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन QDENGA वैक्सीन इस दिशा में नया विकल्प लेकर आई है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे लगवाने से पहले यह जानने की आवश्यकता नहीं होगी कि व्यक्ति पहले कभी डेंगू से संक्रमित हुआ है या नहीं. यानी जिन लोगों को पहले डेंगू हो चुका है और जिन्हें कभी संक्रमण नहीं हुआ, दोनों ही इस वैक्सीन का लाभ ले सकते हैं. यह सुविधा टीकाकरण को अधिक आसान और व्यापक बनाएगी.
किन लोगों को मिलेगा लाभ और कैसे लगेगी वैक्सीन?
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने इस वैक्सीन को 4 वर्ष से 60 वर्ष तक के लोगों के लिए मंजूरी दी है. टीकाकरण की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी. पहली डोज के तीन महीने बाद दूसरी डोज दी जाएगी. यह टीका त्वचा के नीचे लगाया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि निर्धारित समय पर दोनों डोज लेने से बेहतर सुरक्षा मिल सकती है.
भारत के लिए क्यों है यह उपलब्धि महत्वपूर्ण?
भारत उन देशों में शामिल है जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में डेंगू के मामले सामने आते हैं. बदलते मौसम, शहरीकरण और जलभराव जैसी समस्याओं के कारण संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में एक प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध होना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे न केवल गंभीर मरीजों की संख्या कम हो सकती है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव भी घटने की उम्मीद है.
चारों प्रकार के डेंगू वायरस से सुरक्षा का दावा
डेंगू केवल एक प्रकार का वायरस नहीं, बल्कि इसके चार अलग-अलग प्रकार होते हैं. यदि किसी व्यक्ति को अलग-अलग प्रकार का संक्रमण दोबारा हो जाए तो बीमारी अधिक गंभीर हो सकती है. इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए इस वैक्सीन को चारों प्रकार के वायरस के खिलाफ सुरक्षा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है. क्लीनिकल अध्ययनों में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और गंभीर संक्रमण के जोखिम को कम करने में इसे प्रभावी पाया गया है.
WHO की स्वीकृति ने बढ़ाया भरोसा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही इस वैक्सीन की उपयोगिता को स्वीकार कर चुका है. गुणवत्ता और सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरने के बाद इसे कई देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है. भारत सहित अब तक 43 देशों में इसे मंजूरी मिल चुकी है और करोड़ों डोज वितरित की जा चुकी हैं. इससे इस वैक्सीन की विश्वसनीयता और बढ़ गई है.
वैक्सीन के साथ सावधानी भी जरूरी
विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि वैक्सीन डेंगू से सुरक्षा का मजबूत साधन है, लेकिन इससे बचाव के सामान्य उपायों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
डेंगू से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें.
- कूलर, गमले और टंकियों की नियमित सफाई करें.
- पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें.
- मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करें.
- तेज बुखार, बदन दर्द या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं.
स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
QDENGA वैक्सीन की मंजूरी भारत के लिए केवल एक नई दवा की उपलब्धता नहीं, बल्कि डेंगू नियंत्रण की रणनीति में बड़ा बदलाव है. यदि टीकाकरण के साथ स्वच्छता, मच्छर नियंत्रण और समय पर उपचार पर भी बराबर ध्यान दिया जाए, तो आने वाले वर्षों में डेंगू के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है. यह कदम देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
यह भी पढ़ें :- मौसम बदलते ही हो जाते हैं बीमार? अपनाएं ये 5 आसान आदतें, इम्यूनिटी रहेगी सुपर स्ट्रॉन्ग
















