TMC Bank Account: TMC के 440 करोड़ रुपये वाले बैंक खाते क्यों हुए फ्रीज? जानिए ED की कार्रवाई, हाईकोर्ट के आदेश और पार्टी का पक्ष
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, July 10, 2026
Last Updated On: Friday, July 10, 2026
TMC Bank Account: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी है. मामले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. हाईकोर्ट ने सीमित खर्च की अनुमति दी है, जबकि जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, July 10, 2026
TMC Bank Account: प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. इस कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. एक ओर जांच एजेंसी इसे चल रही जांच का हिस्सा बता रही है, वहीं दूसरी ओर टीएमसी इसे राजनीतिक कार्रवाई करार देते हुए सवाल उठा रही है. मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है और इस पर कानूनी प्रक्रिया भी जारी है.
क्या है पूरा मामला?
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई एविएशन सेक्टर से जुड़ी केयरवेल समूह की कंपनियों की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई. जांच की शुरुआत बिधाननगर साइबर थाने में दर्ज एक एफआईआर से हुई थी. शिकायत में कुछ संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, धन के कथित गलत इस्तेमाल और टीएमसी के कुछ बैंक खातों के जरिए राशि ट्रांसफर किए जाने के आरोप लगाए गए थे. जांच के दौरान एजेंसी ने तीन बैंक खातों में मौजूद 440.42 करोड़ रुपये की राशि पर रोक लगा दी.
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचने के बाद अदालत ने अंतरिम व्यवस्था लागू की. कोर्ट ने एक विशेष अधिकारी (स्पेशल ऑफिसर) की नियुक्ति की है, जो 30 सितंबर 2026 तक खातों से होने वाले खर्च की निगरानी करेंगे. अदालत ने स्पष्ट किया कि खातों से केवल पार्टी के नियमित और आवश्यक प्रशासनिक खर्चों के लिए ही धन निकाला जा सकेगा. प्रत्येक खर्च का पूरा विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य जांच पूरी होने तक वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता बनाए रखना है.
TMC का क्या कहना है?
टीएमसी ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि राजनीतिक दलों के खातों पर कार्रवाई हो सकती है, तो अन्य संस्थाओं के फंड की भी समान रूप से जांच होनी चाहिए. उन्होंने मंदिरों में मिलने वाले चंदे की जांच का मुद्दा भी उठाया. हालांकि उन्होंने किसी विशेष मंदिर का नाम नहीं लिया. पार्टी का कहना है कि वह कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगी और अपना पक्ष अदालत के सामने रखेगी.
शिकायत से जांच तक कैसे पहुंचा मामला?
इस पूरे मामले की शुरुआत 18 जून को दर्ज एक शिकायत से हुई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा कुछ धनराशि कथित रूप से अवैध स्रोतों से जुड़ी हो सकती है. इसके बाद स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की और आगे चलकर मामला ईडी के पास पहुंचा. एजेंसी ने वित्तीय दस्तावेजों और लेनदेन की जांच के बाद खातों पर रोक लगाने का फैसला लिया.
आगे क्या होगा?
फिलहाल मामले की जांच जारी है और किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी या दोष को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है. आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट, अदालत की सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. यह मामला केवल वित्तीय जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ऐसे में सभी की नजर अब जांच की अगली प्रगति और अदालत के आगामी आदेशों पर बनी हुई है.
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