UGC ने जारी की 32 फर्जी यूनिवर्सिटी की लिस्ट, एडमिशन से पहले ऐसे बचें छात्रों के साथ होने वाली ठगी से
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, August 7, 2026
Updated On: Friday, August 7, 2026
UGC Fake Universities List: UGC ने देशभर में 32 फर्जी यूनिवर्सिटी की पहचान कर छात्रों और अभिभावकों को सतर्क किया है. इनमें सबसे ज्यादा 12 संस्थान दिल्ली में हैं. ये संस्थान UGC से मान्यता प्राप्त नहीं हैं और वैध डिग्री जारी नहीं कर सकते. एडमिशन से पहले यूनिवर्सिटी और कोर्स की मान्यता जांचना जरूरी है.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Friday, August 7, 2026
UGC Fake Universities List: देश में उच्च शिक्षा के नाम पर छात्रों को गुमराह करने वाले संस्थानों पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सख्ती बढ़ा दी है. शिक्षा मंत्रालय ने राज्यसभा में जानकारी दी कि देशभर में 32 ऐसे संस्थानों की पहचान की गई है, जिन्हें फर्जी यूनिवर्सिटी के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है. ये संस्थान UGC अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त नहीं हैं और इन्हें वैध डिग्री जारी करने का अधिकार भी नहीं है. ऐसे में कॉलेज या यूनिवर्सिटी चुनते समय छात्रों और अभिभावकों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है.
शिकायत मिलने के बाद होती है जांच
शिक्षा मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार के अनुसार, UGC ने फर्जी यूनिवर्सिटी की सूची फरवरी 2026 में जारी की थी. किसी संस्थान के खिलाफ शिकायत मिलने पर आयोग पहले उसे नोटिस भेजकर जवाब मांगता है. यदि संस्थान की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होता, तो आगे जांच की जाती है. आरोप सही पाए जाने पर संस्थान को फर्जी यूनिवर्सिटी की सूची में शामिल किया जाता है.
दिल्ली में सबसे ज्यादा ऐसे संस्थान
UGC की जानकारी के मुताबिक, 32 फर्जी यूनिवर्सिटी में सबसे ज्यादा 12 दिल्ली में हैं. उत्तर प्रदेश में चार संस्थानों की पहचान हुई है. वहीं आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में दो-दो संस्थान सूची में शामिल हैं. अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और झारखंड में एक-एक फर्जी यूनिवर्सिटी की पहचान की गई है. आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन संस्थानों के खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई करने को कहा है.
एडटेक कंपनियों को भी चेतावनी
UGC ने ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े कुछ मामलों पर भी चिंता जताई है. आयोग के अनुसार, कुछ एडटेक कंपनियां यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर ऑनलाइन या ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के जरिए डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रमों का प्रचार कर रही थीं. UGC ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अनधिकृत फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए संचालित कार्यक्रमों को मान्यता नहीं मिलेगी. नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों और संबंधित पक्षों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है.
एडमिशन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
फर्जी संस्थानों से बचने के लिए केवल विज्ञापन या सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही जानकारी पर भरोसा करना सही नहीं है. किसी भी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से पहले उसकी UGC मान्यता और संबंधित कोर्स की वैधता जरूर जांचनी चाहिए. खासतौर पर ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम चुनते समय यह देखना जरूरी है कि संबंधित पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक मंजूरी मौजूद है या नहीं.
छात्रों को कम फीस, आकर्षक विज्ञापन, बड़े-बड़े दावे या सोशल मीडिया प्रचार देखकर जल्दबाजी में एडमिशन लेने से बचना चाहिए. डिग्री की मान्यता जांचे बिना लिया गया दाखिला आगे नौकरी और उच्च शिक्षा के दौरान परेशानी खड़ी कर सकता है.
फर्जी संस्थानों के खिलाफ कैसे होती है कार्रवाई?
UGC के पास ऐसे संस्थानों की शिकायतों की जांच के लिए एंटी-मालप्रैक्टिस सेल भी है. आयोग समय-समय पर संदिग्ध संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी करता है और छात्रों को सावधान करने के लिए फर्जी यूनिवर्सिटी की राज्यवार सूची प्रकाशित करता है. जरूरत पड़ने पर संबंधित राज्य सरकारों से ऐसे संस्थानों के खिलाफ FIR और अन्य कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया जाता है.
इसलिए किसी भी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता की आधिकारिक जानकारी जांचना ही सबसे सुरक्षित कदम है.
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