दिल्ली से ऋषिकेश तक दौड़ेगी नमो भारत, 9 शहरों से होकर गुजरेगा प्रस्तावित कॉरिडोर, सर्वे का काम शुरू

Authored By: Nishant Singh

Published On: Friday, August 7, 2026

Last Updated On: Friday, August 7, 2026

namo bharat rail
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Namo Bharat Rail: मेरठ से उत्तराखंड के बीच प्रस्तावित नमो भारत रेल परियोजना का रूट सर्वे शुरू हो गया है. करीब 150 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में होगा. मेरठ से ऋषिकेश तक प्रस्तावित यह रेल मार्ग 9 शहरों को जोड़ सकता है. इससे दिल्ली-एनसीआर, पर्यटन, चारधाम यात्रा और कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Friday, August 7, 2026

Namo Bharat Rail: दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच सफर को तेज और आसान बनाने की दिशा में नमो भारत रेल परियोजना ने एक कदम और आगे बढ़ाया है. मेरठ से उत्तराखंड के बीच प्रस्तावित इस रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के रूट का सर्वे शुरू हो गया है. उत्तराखंड सरकार ने सर्वे के लिए पहली किस्त जारी कर दी है, जिसके बाद अधिकारियों ने प्रस्तावित कॉरिडोर की जानकारी जुटाने का काम शुरू कर दिया है.

पहले तय होगा पूरा रूट, फिर आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट

सर्वे के दौरान सिर्फ जमीन और रास्ते की जांच ही नहीं होगी, बल्कि प्रस्तावित कॉरिडोर से जुड़े कई पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा. स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों से मास्टर प्लान, जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और मौजूदा यूटिलिटी नेटवर्क की जानकारी ली जाएगी. इन सभी आंकड़ों के आधार पर रूट का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा. अंतिम मार्ग तकनीकी जांच और सर्वे के बाद ही तय होगा.

150 किलोमीटर के कॉरिडोर में 78 KM उत्तराखंड में

प्रस्तावित नमो भारत रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 150 किलोमीटर बताई जा रही है. इसमें लगभग 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और करीब 78 किलोमीटर ट्रैक उत्तराखंड में होगा. उत्तराखंड में यह रेल मार्ग हरिद्वार से ऋषिकेश तक पहुंचने का प्रस्ताव है. ऋषिकेश को इस कॉरिडोर का अंतिम स्टेशन बनाए जाने की योजना है.

इन 9 शहरों को मिल सकती है सीधी कनेक्टिविटी

प्रारंभिक योजना के मुताबिक यह कॉरिडोर मेरठ से शुरू होकर सकौती, खतौली, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, रुड़की, भगवानपुर, हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश तक पहुंच सकता है. इस तरह प्रस्तावित रूट में कुल 9 प्रमुख शहर और क्षेत्र शामिल होंगे. हालांकि अभी इसे अंतिम रूट नहीं माना गया है. सर्वे और तकनीकी परीक्षण के बाद स्टेशनों तथा मार्ग में बदलाव संभव है.

चारधाम और पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा

इस परियोजना का असर केवल रोजाना सफर करने वाले यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा. तेज रेल संपर्क बनने से दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे धार्मिक व पर्यटन केंद्रों तक पहुंच आसान हो सकती है. चारधाम यात्रा के साथ स्थानीय पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी इससे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

कांवड़ यात्रा के बीच नमो भारत स्टेशनों पर बदलाव

इसी बीच कांवड़ यात्रा को देखते हुए एनसीआरटीसी ने गाजियाबाद और मोदीनगर के बीच स्थित 17 नमो भारत स्टेशनों पर अस्थायी व्यवस्था लागू की है. 12 अगस्त तक कुछ प्रवेश और निकास द्वार बंद रहेंगे और कुछ स्टेशनों पर पार्किंग की सुविधा भी सीमित रहेगी. सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है.

कुल मिलाकर, मेरठ से ऋषिकेश तक प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच परिवहन की तस्वीर बदल सकता है. फिलहाल सर्वे के जरिए इसकी जमीन तैयार की जा रही है और अंतिम रूट सामने आने के बाद परियोजना की दिशा और अधिक स्पष्ट होगी.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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