अक्षरधाम टू जेवर एयरपोर्ट… 50 KM लंबा 8 लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे तैयार, दिल्ली-NCR को मिलेगी नई रफ्तार, जानिए पूरा रूट

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, August 6, 2026

Last Updated On: Thursday, August 6, 2026

Akshardham To Jewar Airport Expressway का 50 KM लंबा 8 लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे. दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक नया रूट.
Akshardham To Jewar Airport Expressway का 50 KM लंबा 8 लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे. दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक नया रूट.

Akshardham To Jewar Airport Expressway: दिल्ली के अक्षरधाम से जेवर एयरपोर्ट तक 50 किलोमीटर लंबा 8 लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा. करीब 4,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और पश्चिमी यूपी के यात्रियों को तेज व जाम-मुक्त सफर मिलेगा. साथ ही एयरपोर्ट के लिए नए मेट्रो रूट भी विकसित किए जाएंगे.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Thursday, August 6, 2026

Akshardham To Jewar Airport Expressway: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए आने वाले समय में सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है. दिल्ली के अक्षरधाम से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक एक नया 8 लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. करीब 50 किलोमीटर लंबे इस मेगा प्रोजेक्ट पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बिना ट्रैफिक जाम के सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचाना है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण करेगा, जबकि इसके साथ मेट्रो विस्तार की योजना भी तैयार कर ली गई है.

ऐसा होगा एक्सप्रेसवे का पूरा रूट

यह एलिवेटेड एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास स्थित दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से शुरू होगा. इसके बाद यह कालिंदी कुंज के पास यमुना पुश्ते के समानांतर आगे बढ़ेगा और हिंडन नदी को पार करते हुए ग्रेटर नोएडा पहुंचेगा. रास्ते में यह घरबरा, मुरादपुर, सेक्टर-27, सेक्टर-26, सेक्टर-24 और 24A जैसे इलाकों से होकर गुजरेगा. आगे जगनपुर के पास से यह मंझावली पुल की ओर जुड़ेगा और अंत में फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़कर सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच जाएगा. इस पूरे मार्ग में यमुना नदी पर लगभग 120 मीटर लंबा नया पुल और विशेष एलिवेटेड स्ट्रक्चर भी बनाया जाएगा, जिससे यात्रा और अधिक सुगम हो सकेगी.

दो हिस्सों में बनेगा एक्सप्रेसवे, कई इलाकों को मिलेगा लाभ

करीब 50 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का 27 किलोमीटर हिस्सा नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में बनेगा, जो सेक्टर-94 से शुरू होकर सेक्टर-150 और मंझावली पुल तक जाएगा. वहीं शेष 23 किलोमीटर का निर्माण यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में होगा, जो सेक्टर-23सी और 23एच तक पहुंचेगा. पूरे मार्ग पर ट्रैफिक को बिना किसी रुकावट के बनाए रखने के लिए चार बड़े इंटरचेंज और कई लूप तैयार किए जाएंगे. साथ ही डीएससी रोड से जुड़ने के लिए भी नए लूप बनाए जाएंगे ताकि वाहन आसानी से चढ़ और उतर सकें. इस परियोजना के लिए 26 गांवों के राजस्व नक्शे जुटाए जा चुके हैं और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तथा मिट्टी की जांच का कार्य शुरू किया जा रहा है.

दो चरणों में होगा निर्माण, पर्यावरण मंजूरी पर रहेगा फोकस

इस परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा. पहले चरण में नोएडा के सेक्टर-94 से लेकर यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-23एच तक एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी. इसके बाद दूसरे चरण में दिल्ली के अक्षरधाम से सेक्टर-94 तक का हिस्सा विकसित किया जाएगा. इस हिस्से में ओखला पक्षी विहार और अन्य पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों के कारण आवश्यक तकनीकी अनुमति और एनओसी प्राप्त की जाएगी. इसके लिए अलग से डीपीआर तैयार होगी. अधिकारियों का कहना है कि सभी मंजूरियां मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली के अक्षरधाम, मयूर विहार, पटपड़गंज, कालिंदी कुंज, सरिता विहार और आसपास के इलाकों के लोग बिना ट्रैफिक सिग्नल के सीधे जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे. हरियाणा के फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल से आने वाले यात्रियों को मंझावली पुल के जरिए सीधे इस एक्सप्रेसवे का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. वहीं उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा, साहिबाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को भी जाम से राहत मिलेगी और एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी कम समय लगेगा. यह परियोजना पूरे एनसीआर की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है.

मेट्रो विस्तार से और मजबूत होगी कनेक्टिविटी

सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि जेवर एयरपोर्ट को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी भी तेज हो गई है. नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) एक्वा लाइन का विस्तार करते हुए सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक दो नए रूट विकसित करेगा. इस परियोजना के सिविल निर्माण का जिम्मा लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को सौंपा गया है. करीब 1,200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना के तहत सेक्टर-44, सेक्टर-96, सेक्टर-97, सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-93 और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे. केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अगले तीन से चार महीनों में निर्माण शुरू होने की संभावना है और इसे लगभग तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी की ओर बढ़ता NCR

अधिकारियों का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भविष्य में बढ़ने वाले यात्री दबाव को देखते हुए सड़क और मेट्रो दोनों परियोजनाओं की योजना तैयार की गई है. एक्सप्रेसवे और मेट्रो नेटवर्क के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर के लोगों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी. इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापार, निवेश, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे. आने वाले वर्षों में यह परियोजना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे बेहतर कनेक्टेड एयरपोर्ट्स में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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