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इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जेल से अस्पताल पहुंचेंगे इमरान
Authored By: अरुण श्रीवास्तव
Published On: Tuesday, August 18, 2026
Last Updated On: Tuesday, August 18, 2026
इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. जेल से अस्पताल पहुंचने की खबर के बाद पाकिस्तान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.
Authored By: अरुण श्रीवास्तव
Last Updated On: Tuesday, August 18, 2026
Imran Khan Supreme Court Relief: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के संस्थापक इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मंगलवार 18 अगस्त को पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने अडियाला जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि 73 वर्षीय इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में इलाज और चिकित्सकीय जांच के लिए स्थानांतरित किया जाए. अदालत का यह आदेश ऐसे समय आया है जब लंबे समय से इमरान खान के परिवार और उनकी पार्टी की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही थी.
आंखों की परेशानी बनी बड़ा मुद्दा
इमरान खान की सेहत को लेकर विवाद नया नहीं है. उनके परिवार और कानूनी टीम ने पहले भी दावा किया है कि उनकी दाहिनी आंख की रोशनी से जुड़ी समस्या गंभीर रही है और उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच कराने की जरूरत है. इसी मांग को लेकर उनके वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. अदालत के सामने जेल प्रशासन की ओर से इमरान की स्वास्थ्य स्थिति और जेल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं से संबंधित जानकारी भी रखी गई.
सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद अस्पताल में स्थानांतरण का निर्देश दिया. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इमरान को कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल ले जाया जाएगा और फिलहाल 16 सितंबर तक वहां रखने का आदेश है.
परिवार से मुलाकात पर भी अदालत का रुख
मामला केवल इलाज तक सीमित नहीं रहा. अदालत के सामने इमरान खान के परिवार से मुलाकात की मांग भी रखी गई थी. अदालत ने परिवार के सदस्यों से उनकी मुलाकात के अधिकार को भी महत्व दिया. इसके अलावा उनके इलाज और स्वास्थ्य की निगरानी के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्टों के अनुसार इस प्रक्रिया में इमरान के निजी डॉक्टरों को भी शामिल किया जा सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट को सार्वजनिक या मीडिया में साझा करने को लेकर भी सावधानी बरतने का निर्देश दिया है. इसका मतलब साफ है कि अदालत इस मामले को राजनीतिक विवाद से अलग रखते हुए चिकित्सकीय आधार पर देखना चाहती है.
जेल प्रशासन और परिवार के दावों में अंतर
इमरान खान की सेहत को लेकर पाकिस्तान में दो अलग तस्वीरें सामने आती रही हैं. जेल प्रशासन का कहना है कि उन्हें नियमित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक डॉक्टर उनकी जांच करते हैं और रक्तचाप, हृदय गति तथा ऑक्सीजन स्तर जैसे स्वास्थ्य मानकों पर नजर रखी जाती है. हाल में जेल प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि उनकी आंखों की स्थिति में सुधार हुआ है.
इसके उलट इमरान का परिवार और उनकी पार्टी लंबे समय से बेहतर विशेषज्ञ चिकित्सा और अस्पताल में इलाज की मांग करते रहे हैं. फरवरी में उनकी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में उनकी आंखों का इलाज कराने की मांग की थी. यह मामला कई महीनों की कानूनी और राजनीतिक खींचतान के बाद अब अदालत के ताजा आदेश तक पहुंचा है.
इमरान अभी भी जेल में क्यों हैं
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मामलों में सजा हो चुकी है. वे और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं, जबकि पाकिस्तान की सरकार और अदालतों के सामने यह मामले कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं. रॉयटर्स के अनुसार इमरान 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद से लगातार राजनीतिक और कानूनी संकट में रहे हैं.
इसलिए अस्पताल भेजे जाने के आदेश को उनकी रिहाई के तौर पर देखना सही नहीं होगा. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल उनके इलाज और स्वास्थ्य जांच से जुड़ा निर्देश दिया है. उनकी जेल की सजा या दूसरे मामलों में चल रही कानूनी प्रक्रिया इससे अलग है.
सियासत पर क्या पड़ेगा असर
इमरान खान पाकिस्तान की राजनीति में अब भी सबसे प्रभावशाली विपक्षी नेताओं में गिने जाते हैं. उनकी पार्टी को 2024 के चुनाव के दौरान कई कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, इसके बावजूद उसका जनाधार पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. ऐसे में अस्पताल स्थानांतरण का फैसला उनके समर्थकों के लिए राहत की खबर है.
फिलहाल इस आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने जेल में बंद एक पूर्व प्रधानमंत्री की चिकित्सा जरूरतों को लेकर सीधे हस्तक्षेप किया है. आने वाले दिनों में इमरान खान की मेडिकल जांच की रिपोर्ट और उनके इलाज की स्थिति महत्वपूर्ण होगी. यह फैसला उनके स्वास्थ्य के लिहाज से राहत जरूर है, लेकिन पाकिस्तान की जटिल राजनीति में इससे जुड़े सवाल अभी खत्म नहीं हुए हैं.
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