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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: हरिराम बंसल फरार, पुलिस की छापेमारी तेज, 6 मौतों के बाद उठे सुरक्षा पर सवाल
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, September 7, 2026
Last Updated On: Monday, September 7, 2026
Satya Niketan Building Collapse: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने से छह लोगों की मौत और 11 लोग घायल हुए हैं. हादसे के बाद बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल फरार बताया जा रहा है. पुलिस ने उसकी तलाश में दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम में छापेमारी तेज कर दी है. रेनोवेशन और सुरक्षा नियमों पर भी सवाल हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, September 7, 2026
Satya Niketan Building Collapse: दक्षिणी दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे से दहल उठा. करीब 1:30 बजे एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी. यह इमारत छात्रों के लिए पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी और हादसे के वक्त अंदर कई लोग मौजूद थे. देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग मलबे में बदल गई और आसपास अफरा-तफरी मच गई. अब तक इस हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है.
CCTV में कैद हुआ खौफनाक मंजर
हादसे का एक CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें इमारत अचानक नीचे गिरती दिखाई देती है. वीडियो में आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते नजर आते हैं. एक व्यक्ति ने भी समय रहते वहां से दौड़कर अपनी जान बचाई. इस घटना ने इलाके में रहने वाले छात्रों और उनके परिवारों को झकझोर दिया है. राहत और बचाव दलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी.
हादसे के बाद मालिक हरिराम बंसल की तलाश
घटना के बाद पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक वह फिलहाल फरार है और उसकी तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं. पुलिस उसके संभावित ठिकानों के साथ-साथ रिश्तेदारों और करीबी लोगों के यहां भी दबिश दे रही है. गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तलाश अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द पकड़ने की कोशिश की जा रही है.
बेसमेंट में चल रहा था काम, यहीं से उठे सवाल
जांच में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल इमारत में चल रहे निर्माण या रेनोवेशन के काम को लेकर है. पुलिस के अनुसार, हादसे के समय ग्राउंड फ्लोर/बेसमेंट क्षेत्र में काम चल रहा था. करीब 40-50 साल पुरानी इस इमारत की संरचनात्मक मजबूती और मरम्मत के तरीके को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, काम के दौरान इमारत के ढांचे से छेड़छाड़ की गई थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है.
AIIMS में घायलों का इलाज, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस, NDRF, DDMA और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं. मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जबकि संकरी गलियों के कारण बचाव कार्य में कई चुनौतियां भी सामने आईं. AIIMS ट्रॉमा सेंटर में 11 लोगों को लाया गया था. AIIMS के मुताबिक, इनमें पांच लोगों को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि एक गंभीर घायल ने बाद में दम तोड़ दिया. कुछ घायलों का इलाज जारी है.
MCD और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल
हादसे के बाद सिर्फ बिल्डिंग मालिक ही नहीं, बल्कि निर्माण और सुरक्षा नियमों की निगरानी करने वाली व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं. रिपोर्ट्स में इमारत की उम्र, पीजी के तौर पर इस्तेमाल और निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं. MCD ने आसपास की एक अन्य पीजी इमारत को भी एहतियातन सील किया है और इलाके में सुरक्षा को लेकर जांच बढ़ाई गई है.
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, अब सामने आएगी पूरी तस्वीर
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे के बाद मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है. दिल्ली पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और लापरवाही समेत संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की है. अब जांच में यह साफ होना बाकी है कि आखिर इतनी पुरानी इमारत में किस स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई और हादसे से पहले सुरक्षा संबंधी कदम क्यों नहीं उठाए गए.
सत्य निकेतन का यह हादसा सिर्फ एक इमारत के गिरने की घटना नहीं है. यह दिल्ली में पुराने भवनों, अवैध या अनियमित पीजी और निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. छह लोगों की मौत के बाद अब सबसे जरूरी सवाल यही है कि जिम्मेदारी किसकी थी और ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा.













