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जीरो बैलेंस वालों की बल्ले-बल्ले… RBI ने खोला खजाना, अब बैंक अकाउंट में मिलेंगी हैरान कर देने वाली फ्री सुविधाएं
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, December 6, 2025
Last Updated On: Saturday, December 6, 2025
जीरो बैलेंस अकाउंट वालों के लिए एक ऐसी खुशखबरी आई है, जिसने लाखों ग्राहकों को चौंका दिया है. RBI ने एक बड़ा नियम बदलकर ऐसी सुविधाएं जोड़ दी हैं, जो पहले कभी नहीं मिली थीं. अनलिमिटेड डिपॉजिट से लेकर फ्री डेबिट कार्ड और डिजिटल पेमेंट पर जीरो चार्ज… आखिर क्या है इस नए फैसले के पीछे की बड़ी वजह? जानिए कैसे 2026 से आपकी बैंकिंग पूरी तरह बदलने वाली है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, December 6, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के लाखों जीरो बैलेंस अकाउंट धारकों को बड़ा तोहफ़ा दिया है. बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट, जिन्हें आमतौर पर जीरो बैलेंस अकाउंट कहा जाता है, अब और ज्यादा सुविधाजनक बनने वाले हैं. कई नई फ्री सेवाओं को शामिल करके RBI ने साफ कर दिया है कि अब आम ग्राहक भी बैंकिंग की हर जरूरी सुविधा बिना किसी अतिरिक्त लागत के ले पाएंगे. यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए वरदान साबित होंगे, जो साधारण बैंकिंग सेवाओं पर निर्भर रहते हैं.
फ्री सुविधाओं का दायरा बढ़ा – अब बैंकिंग होगी और आसान
RBI ने BSBD अकाउंट के तहत मिलने वाली फ्री सुविधाओं को काफी विस्तृत कर दिया है. अब ग्राहक हर महीने अनलिमिटेड कैश डिपॉजिट कर सकेंगे, यानी बैंक में पैसे जमा करने पर कोई सीमा या शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, अब उन्हें फ्री ATM या डेबिट कार्ड मिलेगा, जिसके लिए सालाना नवीनीकरण शुल्क भी नहीं लिया जाएगा.
इसके अलावा, ग्राहक को हर साल कम से कम 25 पन्नों की चेकबुक बिल्कुल मुफ्त मिलेगी। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, पासबुक और मंथली स्टेटमेंट भी अब पूरी तरह फ्री होंगे. यानी, पहले जहां कई सुविधाओं पर बैंक अलग-अलग चार्ज लगाते थे, अब वे सब आम ग्राहक को बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के मिलेंगी. RBI ने बैंकों को 7 दिन का समय दिया है, जिसमें उन्हें अपने सिस्टम को नए नियमों के हिसाब से अपडेट करना होगा.
फ्री विड्रॉल लिमिट: अब हर महीने आराम से चार बार निकासी
नए नियमों के तहत, हर बैंक को महीने में कम से कम चार फ्री कैश विड्रॉल की सुविधा देनी होगी। इसमें बैंक के अपने ATM, दूसरे बैंकों के ATM और बैंक की शाखा से किए गए सभी प्रकार के कैश निकासी शामिल होंगे। सबसे अहम बात यह है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन अब
विड्रॉल में नहीं गिने जाएंगे। यानी-
- UPI
- IMPS
- NEFT
- RTGS
इन सभी डिजिटल पेमेंट तरीकों का उपयोग करने पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और इन्हें मासिक 4 ट्रांजैक्शन की सीमा में नहीं जोड़ा जाएगा. इससे डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा मिलेगा और लोग सुरक्षित, तेजी वाले डिजिटल भुगतान का अधिक इस्तेमाल कर पाएंगे.
कौन ले सकता है इन सुविधाओं का लाभ?
जो ग्राहक पहले से BSBD अकाउंट रखते हैं, वे इन नई सुविधाओं को एक्टिवेट कराने के लिए बैंक में अनुरोध कर सकते हैं। दूसरी ओर, रेगुलर सेविंग्स अकाउंट रखने वाले ग्राहक अपना अकाउंट BSBD प्रकार में बदलवा सकते हैं, बशर्ते उनके नाम से किसी दूसरे बैंक में सेविंग्स अकाउंट मौजूद न हो. यह बदलाव विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद हैं, जो एक ही बैंक पर निर्भर रहते हैं और अतिरिक्त चार्ज से बचना चाहते हैं.
नए नियम कब से लागू होंगे?
RBI ने घोषणा की है कि ये नए प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू होंगे। हालांकि, किसी बैंक को यदि चाहे तो इन्हें इससे पहले भी लागू करने की अनुमति है। यह पूरी तरह बैंक की इच्छा पर निर्भर करेगा कि वे अपने ग्राहकों को यह सुविधा कितनी जल्दी देना चाहते हैं। यह अपडेट RBI के “Responsible Business Conduct Directions, 2025” का हिस्सा है, जिसके तहत BSBD अकाउंट्स की व्यवस्था को और पारदर्शी और ग्राहक-हितैषी बनाया जा रहा है.
एक नज़र में नए बदलाव
- महीने में 4 फ्री कैश विड्रॉल, ATM और बैंक शाखा दोनों से
- डिजिटल भुगतान (UPI, IMPS, NEFT, RTGS, PoS) विड्रॉल सीमा में शामिल नहीं होंगे
- साल में 25 पन्नों की मुफ्त चेकबुक
- फ्री पासबुक या मंथली स्टेटमेंट
- फ्री इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग
- बिना वार्षिक शुल्क वाला मुफ्त ATM/डेबिट कार्ड
क्यों किए गए ये बदलाव?
इन सुविधाओं का मुख्य मकसद यह है कि समाज के हर तबके तक बैंकिंग सेवाएं सहज रूप से पहुंचें. कई लोग चार्ज और लिमिट्स की वजह से बैंकिंग से दूरी बना लेते हैं, खासकर ग्रामीण और लोअर इनकम ग्राहकों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है. RBI का उद्देश्य है कि BSBD अकाउंट को और लोकप्रिय बनाया जाए ताकि किसी भी नागरिक को बुनियादी बैंकिंग सेवाओं के लिए आर्थिक बोझ न उठाना पड़े. यह नियम देश के लगभग सभी प्रकार के बैंकों पर लागू होंगे-
- लोकल एरिया बैंक
- रूरल कोऑपरेटिव बैंक
- अर्बन कोऑपरेटिव बैंक
- स्मॉल फाइनेंस बैंक
- पेमेंट बैंक
- कमर्शियल बैंक
बैंकिंग का नया दौर, आम ग्राहक होंगे सबसे बड़े लाभार्थी
RBI द्वारा किए गए ये बदलाव जीरो बैलेंस अकाउंट धारकों को न सिर्फ राहत देंगे, बल्कि बैंकिंग को और सुरक्षित, सरल और सुलभ बनाएंगे. आने वाले समय में इन फैसलों का सकारात्मक असर देश की वित्तीय समावेशन नीति पर भी देखने को मिलेगा. अब आम ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त बोझ के आधुनिक बैंकिंग सेवाओं का पूरा लाभ उठा पाएंगे.
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