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नीतीश सरकार का बड़ा चुनावी फैसला: हर परिवार को 125 यूनिट बिजली मुफ्त, 1.67 करोड़ उपभोक्ताओं को होगा सीधा लाभ
Authored By: सतीश झा
Published On: Thursday, July 17, 2025
Last Updated On: Thursday, July 17, 2025
Free Electricity Bihar 2025 योजना के तहत नीतीश सरकार ने चुनाव से पहले बड़ा एलान किया है. अब बिहार के हर परिवार को हर महीने 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी, जिससे 1.67 करोड़ उपभोक्ताओं को सीधे लाभ पहुंचेगा. यह फैसला आम जनता को राहत देने और चुनावी समीकरण साधने की दिशा में अहम माना जा रहा है. बिहार में विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2025) से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने एक बड़ा और जनहितैषी फैसला लेते हुए राज्य के लाखों परिवारों को राहत देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अब राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट बिजली बिल्कुल मुफ्त दी जाएगी.राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला आगामी चुनावों से पहले नीतीश सरकार की एक जनहितैषी पहल है, जिससे उन्हें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है.
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Thursday, July 17, 2025
Free Electricity Bihar 2025: सरकार के अनुसार, इस योजना का सीधा लाभ 1 करोड़ 67 लाख परिवारों को मिलेगा, जो राज्य के कुल घरेलू बिजली उपभोक्ताओं का एक बड़ा हिस्सा है. यह कदम न केवल आम जनता की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करेगा, बल्कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत देगा. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने कहा, “जो भी घरेलू उपभोक्ता हैं उन्हें 1 किलोवाट तक जो फिक्स चार्ज है, वो भी नहीं देना पड़ेगा और 125 यूनिट तक जो बिजली बिल आएगा. वो राज्य सरकार अनुदान के तौर पर सोलर युक्त बनाने तक अनुदान देते रहेगी.125 यूनिट से अधिक जो खर्च कर रहे हैं उनको बिल देना है. 125 यूनिट तक बिहार की सरकार अनुदान देगी.
सामाजिक न्याय और आर्थिक मदद की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि राज्य का हर नागरिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे. यह फैसला सामाजिक न्याय और आर्थिक मदद की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.”
एक बड़ा चुनावी मास्टरस्ट्रोक
इस निर्णय को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा चुनावी मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है. एनडीए (NDA) सरकार का यह कदम जनता को सीधे लाभ पहुंचाने वाला है और इसका असर आगामी चुनावों में साफ तौर पर देखने को मिल सकता है. विपक्ष ने हालांकि इस फैसले को चुनावी लाभ के लिए लिया गया “लुभावना वादा” बताया है, लेकिन जनता के बीच इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.
बिहार में बिजली क्रांति, जेडीयू सांसद संजय कुमार झा का बड़ा बयान
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसले की जानकारी देते हुए जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सांसद संजय कुमार झा (Sanjay Kumar Jha) ने कहा है कि राज्य सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है. उन्होंने बताया, “मुख्यमंत्री ने एक बहुत ही ऐतिहासिक निर्णय लिया है. बिहार में कुल 1.87 करोड़ घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें से 1.67 करोड़ उपभोक्ता हर महीने 125 यूनिट तक बिजली की खपत करते हैं. इसका मतलब है कि अब 1.67 करोड़ परिवारों को बिजली मुफ्त में दी जाएगी.” इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी बड़ा कदम उठा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में 56 लाख परिवारों को मुफ्त सोलर सिस्टम प्रदान किया जाएगा, जबकि शेष परिवारों को 50% सब्सिडी पर सोलर इंस्टॉलेशन की सुविधा मिलेगी.
सांसद संजय झा के इस बयान को राज्य सरकार की ‘हर घर बिजली’ और ‘हरित ऊर्जा’ मिशन के तहत एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है. यह निर्णय जहां एक ओर आम जनता की जेब पर भार को कम करेगा, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण-संवेदनशील ऊर्जा विकल्पों को अपनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना पूरी पारदर्शिता के साथ लागू होती है, तो यह बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है.
बोले केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, जनहित में लिया गया स्वागत योग्य फैसला
घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने के फैसले पर केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे जनहित में लिया गया ऐतिहासिक कदम बताया है. मांझी ने कहा, “नीतीश सरकार का फैसला स्वागत योग्य है. 125 यूनिट बिजली फ्री की गई है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। यह कदम गरीबों, मजदूरों और निम्न मध्यम वर्ग के लिए बहुत सहायक साबित होगा.”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले से राज्य के राजस्व पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा. यह निर्णय सोच-समझकर लिया गया है. इससे सरकार को कोई राजस्व घाटा नहीं होगा, बल्कि लोगों में सरकार के प्रति भरोसा और बढ़ेगा.

















