Assembly Election News
बिहार के SIR को लेकर संसद में महासंग्राम, क्या होगा इसका परिणाम?
Authored By: सतीश झा
Published On: Friday, August 1, 2025
Last Updated On: Friday, August 1, 2025
संसद के मानसून सत्र के दौरान बिहार में SIR (Selective Inclusion & Removal) प्रक्रिया को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया.
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Friday, August 1, 2025
SIR: राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आरोप लगाया कि बिहार में मतदाता (Voters in Bihar) सूची से नामों को जानबूझकर हटाया जा रहा है और यह ‘वोट चोरी’ की संगठित साजिश है. उन्होंने लोकसभा में कहा, “हमारे पास इस बात के स्पष्ट सबूत हैं कि चुनाव आयोग (Election Commission of India) वोट चोरी में शामिल है. चुनाव आयोग में ऊपर से नीचे तक जो भी इस काम में शामिल है, हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे. आप भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं और यह देशद्रोह से कम नहीं है. आप कहीं भी हों, भले ही आप सेवानिवृत्त हों, हम आपको ढूंढ निकालेंगे.”
राहुल गांधी के इस तीखे बयान के बाद सदन में भारी शोर-शराबा हुआ और सत्ता पक्ष ने विरोध जताया. भाजपा सांसदों ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कांग्रेस मुद्दों के अभाव में बेबुनियाद आरोप लगा रही है.
क्या है SIR विवाद?
सूत्रों के मुताबिक, बिहार में कुछ क्षेत्रों में मतदाता सूची में Selective Inclusion and Removal की शिकायतें सामने आई हैं, जिसमें विशेष वर्गों के नाम हटाने और कुछ वर्गों के नाम जोड़ने का आरोप है. इसे लेकर विपक्षी दल खासतौर पर कांग्रेस (Congress) और राजद (RJD) सरकार पर लगातार हमलावर हैं.
जब जीतते हैं तो चुनाव आयोग ठीक, हारते हैं तो देशद्रोह!
भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के तीखे आरोपों का करारा जवाब दिया है. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जहां चुनाव आयोग पर वोट चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया, वहीं रविशंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी की सारी नाराजगी इसलिए है कि उन्हें वोट नहीं मिलता. तो हम क्या करें? उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और कांग्रेस को पहले अपने अंदर झांक कर देखना चाहिए कि जनता उन्हें वोट क्यों नहीं देती है. जब वे जीतते हैं तो चुनाव आयोग ठीक होता है, लेकिन हारते ही उसे देशद्रोही कहने लगते हैं.”
रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, “वे देश हार गए तीसरी बार, महाराष्ट्र हार गए, हरियाणा हार गए, दिल्ली हार गए, अब वे बिहार भी हारेंगे, बंगाल भी हारेंगे… तो इसमें भाजपा या चुनाव आयोग क्या करे?”
SIR अभियान पर भी दी सफाई
बिहार में चल रहे SIR (Special Intensive Revision) अभियान को लेकर उन्होंने कहा, “जहां तक सवाल SIR का है, तो 99.9% लोगों ने बिहार में फॉर्म भरे हैं. कानून भी यही कहता है कि जो असली वोटर है और वहीं उस क्षेत्र में रहता है, वही वोट देगा.” रविशंकर प्रसाद ने सवाल उठाया, “अगर फर्जी वोटरों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो कांग्रेस और राजद को परेशानी क्यों हो रही है? क्या वे जाली मतदाताओं के भरोसे चुनाव जीतना चाहते हैं?”
राहुल गांधी को दी नसीहत
भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेता को सीधी बात करने की सलाह दी. उन्होंने कहा, “कभी तो राहुल गांधी को साफ-साफ बात करनी चाहिए, देश को भ्रमित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.” बिहार की सियासत में SIR अभियान को लेकर चल रहे इस घमासान ने आगामी चुनावों की सरगर्मियों को और तेज कर दिया है. विपक्ष जहां इसे सत्ता पक्ष की साजिश बता रहा है, वहीं भाजपा इसे लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी कदम बता रही है.
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का तीखा पलटवार: “तेजस्वी यादव घबराहट में हैं, हार तय है”
बिहार में चल रहे SIR विवाद और उस पर संसद से सड़क तक मचे सियासी घमासान के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं पर संवैधानिक संस्थाओं के अपमान का आरोप लगाया. विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “ये लोग संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं. अपनी तयशुदा हार का ठीकरा अब चुनाव आयोग पर फोड़ने का बहाना ढूंढ रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा कि जनता को भ्रमित करने के लिए विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन उनकी साजिश सफल नहीं होगी.
उपमुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए कहा, “तेजस्वी यादव घबराहट में हैं। उन्हें अपनी हार साफ दिखाई दे रही है. इसलिए अब वो चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान को बदनाम करने में लगे हैं.”
यह बयान उस समय आया है, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास वोट चोरी के स्पष्ट सबूत हैं और वे दोषियों को बख्शेंगे नहीं. इसके जवाब में विजय सिन्हा का यह बयान सत्तापक्ष की ओर से सख्त रुख को दर्शाता है.
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
अब तक चुनाव आयोग की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अंदरखाने यह चर्चा है कि आयोग इन आरोपों की गंभीरता से जांच कर सकता है. यदि राहुल गांधी द्वारा पेश किए गए तथ्यों की पुष्टि होती है, तो यह मामला चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर सकता है.
संभावित परिणाम
- राजनीतिक तनाव बढ़ेगा – सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच टकराव और तीव्र होगा.
- चुनाव आयोग की साख पर सवाल – यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो आयोग की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल उठ सकता है.
- संवैधानिक कार्रवाई संभव – संसद में इस मुद्दे पर विशेष चर्चा या जांच समिति की मांग उठ सकती है.
- विधानसभा और लोकसभा चुनावों पर प्रभाव – यह विवाद 2025 के बिहार विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव की राजनीति को प्रभावित कर सकता है.
बिहार के SIR विवाद ने न केवल संसद में हलचल मचा दी है, बल्कि यह देश की चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर बहस को जन्म दे चुका है. अब नजर इस पर रहेगी कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और विपक्ष अपनी बात को कितनी मजबूती से आगे बढ़ाता है.
यह भी पढ़ें :- बिहार में SIR को लेकर सियासत गरम, संसद से सड़क तक INDI गठबंधन का विरोध प्रदर्शन















