क्या झुर्रियां, ढीलापन और डल स्किन से बचाव चाहते हैं? डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताए 7 भरोसेमंद एंटी-एजिंग स्रोत
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Friday, December 19, 2025
Updated On: Friday, December 19, 2025
बढ़ती उम्र तो रोक नहीं सकते, लेकिन चेहरे पर असर दिखने से बचा जा सकता है. सही एंटी-एजिंग उत्पाद त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाए रखते हैं. त्वचा विशेषज्ञ ने एंटी-एजिंग के लिए 7 सबसे महत्वपूर्ण स्किनकेयर तत्व बताए हैं, जिन्हें प्रोडक्ट चुनते समय जरूर देखना चाहिए.
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Updated On: Friday, December 19, 2025
Anti Aging Solutions: उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इसका असर चेहरे पर जल्दी दिखे, यह जरूरी नहीं. समय को पीछे नहीं किया जा सकता, पर सही एंटी-एजिंग स्किनकेयर से त्वचा को लंबे समय तक मुलायम और चमकदार रखा जा सकता है. आज बाजार में कई ऐसे प्रोडक्ट मिलते हैं जो झुर्रियां, दाग-धब्बे और उम्र के निशान कम करने का दावा करते हैं. लेकिन हर प्रोडक्ट असरदार हो, यह जरूरी नहीं. ऐसे में त्वचा विशेषज्ञों की सलाह बेहद काम की होती है. एक स्किन एक्सपर्ट ने एंटी-एजिंग के लिए 7 सबसे जरूरी स्किनकेयर तत्व बताए हैं, जिन पर आपको कोई भी प्रोडक्ट खरीदते समय जरूर ध्यान देना चाहिए.
एंटी-एजिंग स्किनकेयर में जरूरी तत्व
त्वचा विशेषज्ञ डॉ. प्रिया पूजा, जो काया लिमिटेड में क्षेत्रीय चिकित्सा प्रमुख हैं, बताती हैं कि एंटी-एजिंग के लिए सही तत्वों का चुनाव बहुत जरूरी होता है. उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसे 7 खास एक्टिव इंग्रेडिएंट्स चुने हैं, जिनका इस्तेमाल वे अपने क्लिनिक में मरीजों की एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट प्लान तैयार करने के लिए करती हैं. इन तत्वों की मदद से त्वचा की उम्र से जुड़े असर, जैसे झुर्रियां, ढीलापन और डलनेस को कम किया जा सकता है. इसलिए जब भी कोई एंटी-एजिंग स्किनकेयर प्रोडक्ट लें, तो इन जरूरी तत्वों की मौजूदगी जरूर जांचनी चाहिए.
रेटिनॉइड्स: एंटी-एजिंग का सबसे जरूरी तत्व
रेटिनॉइड्स त्वचा को मुलायम और साफ बनाने में मदद करते हैं. त्वचा विशेषज्ञ डॉ. पूजा बताती हैं कि वे महीन रेखाओं, रूखी त्वचा और उम्र के शुरुआती असर के इलाज के लिए सबसे पहले विटामिन A से बने रेटिनॉइड्स का इस्तेमाल कराती हैं. ये तत्व त्वचा में कोलेजन बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे झुर्रियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. डॉ. पूजा के अनुसार, शुरुआत हमेशा हल्के रेटिनॉल या रेटिनल प्रोडक्ट से करनी चाहिए और उसे रात में लगाना बेहतर होता है. इससे त्वचा धीरे-धीरे इसकी आदत डाल लेती है और जलन की संभावना कम रहती है.
विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट: त्वचा की चमक का राज
एंटी-एजिंग के लिए डॉ. पूजा जिस दूसरे जरूरी तत्व की सलाह देती हैं, वह है विटामिन C सीरम. उनके अनुसार, त्वचा को रूखेपन, प्रदूषण और बाहरी नुकसान से बचाने के लिए इसे रोज़ की स्किनकेयर रूटीन में शामिल करना चाहिए. विटामिन C त्वचा की रंगत को साफ और निखरा हुआ बनाता है. साथ ही, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व धूप और प्रदूषण से होने वाले नुकसान से त्वचा की रक्षा करते हैं. नियमित इस्तेमाल से त्वचा ज्यादा चमकदार, स्वस्थ और जवान दिखने लगती है.
हाइलूरोनिक एसिड: त्वचा के लिए सुपर हाइड्रेटर
हाइलूरोनिक एसिड त्वचा को हाइड्रेट और मुलायम बनाने का काम करता है. यह त्वचा में पानी की मात्रा बढ़ाकर उसे भरा-भरा और कोमल बनाता है, साथ ही सूखापन और महीन रेखाओं को कम करने में मदद करता है. डॉ. पूजा बताती हैं कि क्लिनिक में हाइलूरोनिक एसिड-आधारित फिलर्स का इस्तेमाल गाल, आंखों के नीचे और होंठों की वॉल्यूम बढ़ाने के लिए किया जाता है, जिससे चेहरे को लिफ्टिंग इफेक्ट मिलता है. हालांकि, इसका इस्तेमाल हमेशा सही मात्रा और सावधानी के साथ करना चाहिए, ताकि त्वचा सुरक्षित और स्वस्थ बनी रहे.
पेप्टाइड्स: त्वचा की मजबूती और लचीलापन
अगर आप अभी तक पेप्टाइड्स का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो अब इसे अपनी स्किनकेयर रूटीन में शामिल करने का समय है. पेप्टाइड्स त्वचा को कसा हुआ, चिकना और लचीला बनाते हैं. ये त्वचा की लोच बढ़ाकर इसे जवान और मजबूत बनाए रखते हैं. डॉ. पूजा बताती हैं कि पेप्टाइड्स की छोटी आणविक संरचना कोलेजन और इलास्टिन बनाने में मदद करती है. ये खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जिनकी त्वचा रेटिनॉइड्स के प्रति संवेदनशील है या जिन्हें आंखों और मुंह के आसपास अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है.
नियासिनमाइड: त्वचा की बहुमुखी देखभाल
डॉ. पूजा बताती हैं कि नियासिनमाइड भारतीय त्वचा के लिए उनके पसंदीदा एंटी-एजिंग तत्वों में से एक है. यह बड़े रोमछिद्रों को नियंत्रित करता है, त्वचा की लालिमा कम करता है और रंगत को एकसमान बनाता है. साथ ही, समय से पहले पिगमेंटेशन और धब्बों को रोकने में मदद करता है. नियासिनमाइड सभी प्रकार की त्वचा के लिए सुरक्षित है चाहे आपकी त्वचा मुंहासों वाली हो, संवेदनशील हो या रोसैसिया से प्रभावित. इसे किसी भी स्किनकेयर रूटीन में आसानी से शामिल किया जा सकता है.
एक्सोसोम और वृद्धि कारक: त्वचा की पुनर्जनन की ताकत
पुनर्योजी स्किनकेयर में एक्सोसोम और वृद्धि कारक नई दिशा दे रहे हैं. ये त्वचा की प्राकृतिक मरम्मत प्रक्रिया में मदद करते हैं, बनावट और रंगत को सुधारते हैं, त्वचा को चिकनी, जीवंत और चमकदार बनाते हैं. डॉ. पूजा के अनुसार, एक्सोसोम और वृद्धि कारक मिलकर कोशिकाओं को आपस में संदेश भेजने और खुद को रिपेयर करने में सक्षम बनाते हैं. इसका नतीजा यह होता है कि त्वचा अधिक लचीली, स्वस्थ और दमकती हुई दिखती है. ये तत्व विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं, जो उम्र या तनाव के कारण त्वचा की गुणवत्ता में गिरावट महसूस कर रहे हैं.
एएचए और प्रोफेशनल पील्स: त्वचा की चमक और निखार
अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (एएचए), जैसे ग्लाइकोलिक और लैक्टिक एसिड, त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद हैं. ये मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाकर त्वचा को चिकना और दमकता बनाते हैं. डॉ. पूजा बताती हैं कि क्लिनिक में वे फोटोएजिंग के लक्षणों, जैसे बेजान त्वचा, झुर्रियां और उम्र के धब्बे के इलाज के लिए प्रोफेशनल एएचए या हाइब्रिड पील्स का इस्तेमाल करती हैं. इसके साथ-साथ रोज़ाना सनस्क्रीन लगाना, कुछ विशेष सक्रिय तत्वों का उपयोग और समय-समय पर निर्धारित चिकित्सा प्रक्रियाएं भी त्वचा को स्वस्थ और जवान बनाए रखने में मदद करती हैं.
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