दुनिया के सभी लोग परिवार का हिस्सा हैं : दलाई लामा

Authored By: स्मिता

Published On: Wednesday, January 1, 2025

Updated On: Wednesday, January 1, 2025

Dalai Lama ka sandesh: duniya ke sabhi log ek parivar ka hissa hain

1 जनवरी वैश्विक परिवार दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसे शांति और लोगों के साथ प्रेम और भाईचारा बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने कहा है कि पूरे विश्व को अपना कुटुंब मानें। इसमें दया और करुणा के भाव मददगार साबित हो सकते हैं। नए साल पर हम कुछ ऐसा ही संकल्प (Global Family Day) लें।

Authored By: स्मिता

Updated On: Wednesday, January 1, 2025

आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा (Dalai Lama) ने कहा है कि जीवन का उद्देश्य खुश रहना है। जन्म के क्षण से हर इंसान खुशी चाहता है। वह दुख नहीं चाहता है। न तो सामाजिक कंडीशनिंग, न ही शिक्षा और न ही किसी तरह की विचारधारा इस सोच पर असर डालती है। हम बस संतोष चाहते हैं। इसलिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि सबसे अधिक खुशी क्या लाएगी। मेरा मानना है कि पूरे विश्व को अपना कुटुंब यानी अपना परिवार माना जाए। इसमें सभी के प्रति दया और करुणा के भाव मददगार साबित हो सकते हैं। इससे विश्व बंधुत्व की भावना मुखर होगी। नए साल पर सभी लोगों को कुछ ऐसा ही संकल्प (Global Family Day) लेना चाहिए।

क्या है वैश्विक परिवार दिवस (Global Family Day)

दुनिया के लोग एक वैश्विक परिवार की तरह हैं। सभी लोगों के लिए दया और करूणा के भाव जगाकर दुनिया को रहने के लिए एक बेहतर जगह बनाया जा सकता है। इसलिए प्रति वर्ष साल के पहले दिन 1 जनवरी को वैश्विक परिवार दिवस (Global Family Day) मनाया जाता है।

कैसे प्राप्त करें खुशी (Happiness) 

हर तरह के सुख और दुख को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित करना संभव है: मानसिक और शारीरिक। मन हममें से अधिकांश पर सबसे अधिक प्रभाव डालता है। जब तक हम गंभीर रूप से बीमार न हों या बुनियादी ज़रूरतों से वंचित न हों, तब तक हमारी शारीरिक स्थिति जीवन में गौण भूमिका निभाती है। अगर शरीर संतुष्ट है, तो हम उसे लगभग अनदेखा कर देते हैं। मन हर घटना को दर्ज करता है, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो। इसलिए हमें मानसिक शांति (Mental Peace) प्राप्त करने के लिए सबसे अधिक प्रयास करना चाहिए। आंतरिक शांति (Inner Peace) प्रेम और करुणा के भाव के विकास से ही आती है।

मिलती है बाधा से निपटने की ताकत

जब तक हम इस दुनिया में रहते हैं, हमें समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर ऐसे समय में हम उम्मीद खो देते हैं और निराश हो जाते हैं, तो हम कठिनाइयों का सामना करने की अपनी क्षमता को कम कर देते हैं। जितना अधिक हम दूसरों की खुशी की परवाह करते हैं, उतना ही हमारा खुद का कल्याण (Wellness) होता है। दूसरों के लिए प्रेम और दया का भाव विकसित करने से मन अपने आप शांत हो जाता है। इससे हमारे मन में जो भी डर या असुरक्षा है, उन्हें दूर करने में मदद मिलती है। हमें आने वाली किसी भी बाधा से निपटने की ताकत मिलती है। यह जीवन में सफलता का अंतिम स्रोत है।

दूसरों के प्रति बनें दयालु (Kindness) 

अगर हम याद रखें कि सिर्फ़ हम ही नहीं बल्कि हर एक को दुख भोगना पड़ता है, तो यह ज़्यादा यथार्थवादी नज़रिया हमारी दृढ़ संकल्प शक्ति और परेशानियों पर विजय पाने की क्षमता को बढ़ा देता है। इस तरह हम धीरे-धीरे ज़्यादा दयालु बनने की कोशिश कर सकते हैं, यानी हम दूसरों के दुख के लिए सच्ची सहानुभूति और उनके दर्द को दूर करने की इच्छाशक्ति दोनों विकसित कर सकते हैं। इसके कारण हमारी अपनी शांति और आंतरिक शक्ति बढ़ेगी।

आंग्ल नववर्ष 2025 की शुरूआत भगवान गणेश की पूजा-अर्चना से करें : श्रीमहंत नारायण गिरि

नया वर्ष बुधवार से शुरू हुआ है। बुधवार का दिन भगवान गणेश (Shree Ganesh) को समर्पित है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा है कि इस अंग्रेजी नववर्ष की शुरूआत भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना से करें। हिंदू नववर्ष तो 30 मार्च से शुरू होगा, मगर जो लोग अंगेजी नववर्ष मनाते हैं उन्हें इस बार नए वर्ष की शुरूआत भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से करनी चाहिए। इससे उन पर पूरे वर्ष भगवान गणेश की कृपा बनी रहेगी। इस दिन श्री गणेश की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है। नए साल (New Year) के पहले दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें। स्वच्छ वस्त्र धारण कर ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद भगवान की आरती गाएं व भगवान को मोदक, लड्डू और फल का भोग लगाएं।

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स्मिता धर्म-अध्यात्म, संस्कृति-साहित्य, और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर शोधपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता में एक विशिष्ट नाम हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव समसामयिक और जटिल विषयों को सरल और नए दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने में उनकी दक्षता को उजागर करता है। धर्म और आध्यात्मिकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और साहित्य के विविध पहलुओं को समझने और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में उन्होंने विशेषज्ञता हासिल की है। स्वास्थ्य, जीवनशैली, और समाज से जुड़े मुद्दों पर उनके लेख सटीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करते हैं। उनकी लेखनी गहराई से शोध पर आधारित होती है और पाठकों से सहजता से जुड़ने का अनोखा कौशल रखती है।
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