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Diabetes: डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी खाना कितना सही? स्वाद के साथ शुगर कंट्रोल का भी रखें ध्यान
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, August 11, 2026
Last Updated On: Tuesday, August 11, 2026
Diabetes: डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं हैं, लेकिन इनकी मात्रा और सामग्री पर ध्यान देना जरूरी है. कम नमक-चीनी वाला घर का अचार, ताजी हरी चटनी और भुना पापड़ बेहतर विकल्प हो सकते हैं. बाजार के उत्पादों में मौजूद अतिरिक्त नमक, चीनी और तेल से सावधानी बरतना जरूरी है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, August 11, 2026
Diabetes: डायबिटीज में खान-पान को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा मीठी चीजों, चावल, रोटी और ब्रेड की होती है. लेकिन भारतीय थाली में स्वाद बढ़ाने वाली छोटी-छोटी चीजें भी नजरअंदाज नहीं की जा सकतीं. अचार, पापड़ और चटनी कम मात्रा में लिए जाते हैं, फिर भी इनका चुनाव और बनाने का तरीका ब्लड शुगर पर असर डाल सकता है. इसलिए डायबिटीज वाले लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि कौन सा विकल्प बेहतर है और किसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए.
अचार: स्वाद के साथ नमक और चीनी पर नजर
डायबिटीज में अचार को पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं माना जाता, लेकिन इसकी मात्रा और सामग्री पर ध्यान देना चाहिए. सरसों के तेल और सिरके में तैयार किया गया नींबू या आम का अचार थोड़ी मात्रा में लिया जा सकता है. हालांकि, बाजार में मिलने वाले कई अचारों में नमक, तेल और कभी-कभी अतिरिक्त चीनी की मात्रा अधिक हो सकती है. ऐसे अचार का नियमित या ज्यादा सेवन स्वास्थ्य के लिए सही विकल्प नहीं है. इसलिए घर का बना कम नमक और बिना अतिरिक्त चीनी वाला अचार बेहतर विकल्प हो सकता है.
चटनी में छिपा है बेहतर विकल्प
चटनी की बात करें तो हर चटनी का असर एक जैसा नहीं होता. ताजी धनिया-पुदीना चटनी, खासकर दही के साथ तैयार की गई चटनी, कम कार्बोहाइड्रेट वाला विकल्प हो सकती है. हरी सब्जियों, नारियल या तिल से बनी चटनी भी सही मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाई जा सकती है. वहीं ज्यादा चीनी डालकर बनाई गई टमाटर की चटनी या बाजार की तैयार चटनी से सावधानी बरतनी चाहिए. इनमें छिपी चीनी और अन्य सामग्री ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती है.
पापड़ में फर्क पड़ता है बनाने के तरीके से
पापड़ को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि वह किस तरह पकाया गया है. डीप फ्राई किया हुआ पापड़ अतिरिक्त तेल और कैलोरी बढ़ा देता है. इसके बजाय भुना हुआ पापड़ अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प हो सकता है. हालांकि, उड़द या मूंग से बने पापड़ में कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं, इसलिए इसे भी बिना मात्रा का ध्यान रखे नहीं खाना चाहिए. खासकर जब भोजन में पहले से ही रोटी, चावल या अन्य कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें शामिल हों, तब पापड़ की मात्रा सीमित रखना समझदारी है.
बाजार की चीजों से क्यों बरतें सावधानी?
पैकेट में मिलने वाले अचार, चटनी और पापड़ सुविधाजनक जरूर होते हैं, लेकिन इन्हें खरीदते समय लेबल पढ़ना जरूरी है. इनमें नमक, चीनी, तेल और प्रिजर्वेटिव की मात्रा अलग-अलग हो सकती है. डायबिटीज के साथ दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं होने पर ज्यादा नमक या कैलोरी वाला भोजन अतिरिक्त परेशानी पैदा कर सकता है. इसलिए घर में ताजी सामग्री से तैयार विकल्प चुनना अधिक आसान तरीका है, क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उसकी मात्रा पर बेहतर नियंत्रण रहता है.
कितनी मात्रा में खाएं?
डायबिटीज में किसी एक खाद्य पदार्थ को सिर्फ उसके नाम के आधार पर पूरी तरह अच्छा या खराब कहना सही नहीं होगा. एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार अचार, पापड़ और चटनी को मुख्य भोजन के बजाय स्वाद बढ़ाने वाली छोटी मात्रा में रखना बेहतर है. भुना पापड़ चुनें, ताजी और कम चीनी वाली चटनी लें और अचार की मात्रा सीमित रखें. भोजन में कुल कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और प्रोटीन का संतुलन भी महत्वपूर्ण है. साथ ही हर व्यक्ति का ब्लड शुगर और इलाज अलग होता है, इसलिए व्यक्तिगत डाइट के लिए डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है.
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