कुकिंग ऑयल का री-यूज करना कितना हो सकता है खतरनाक? कैंसर सर्जन ने दी चेतावनी
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Tuesday, November 18, 2025
Updated On: Tuesday, November 18, 2025
डॉ. जयेश शर्मा सलाह देते हैं कि खाना पकाने के तेल का दोबारा इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि आपकी सेहत कुछ पैसों से कहीं ज्यादा कीमती है. उनका कहना है कि बचत करने के बजाय अपनी सेहत में निवेश करें, ताकि आगे चलकर महंगे अस्पताल के बिलों से बचा जा सके.
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Updated On: Tuesday, November 18, 2025
Reusing Cooking Oil Risks: खाना पकाने के तेल का दोबारा इस्तेमाल करना भले ही पैसों की बचत जैसा लगे, लेकिन यह आपकी सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह है. जब तेल को बार-बार गर्म किया जाता है, तो इसमें एल्डिहाइड, फ्री रेडिकल्स और ट्रांस फैट जैसे हानिकारक तत्व बनते हैं. ये शरीर की कोशिकाओं और डीएनए को नुकसान पहुँचाकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि बचा हुआ तेल दोबारा इस्तेमाल करने से शरीर में सूजन, पाचन संबंधी समस्याएँ और हार्ट डिज़ीज का जोखिम भी बढ़ सकता है. इसलिए, खाना पकाने के तेल को बार-बार गर्म करने से बचना जरूरी है.
रायपुर के आईटीएसए अस्पताल में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. जयेश शर्मा, जिनका 25 साल से ज्यादा का अनुभव है, कहते हैं कि थोड़े पैसे बचाने के लिए अपनी सेहत को खतरे में डालना बिल्कुल ठीक नहीं है, खासकर दिल और धमनियों के मामले में. उन्होंने 6 नवंबर को इंस्टाग्राम पर लोगों को चेतावनी दी कि तलने के बाद तेल को दोबारा इस्तेमाल करना एक बड़ी गलती है. हमारे घरों में चीज़ें बचाकर रखने और इस्तेमाल किए हुए तेल को ‘कीमती’ मानकर दोबारा यूज करने की आदत होती है, लेकिन डॉक्टर के अनुसार यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है.
तेल को दोबारा गर्म करने से हानिकारक यौगिक बनते हैं जो आपके शरीर पर कहर बरपा सकते हैं कैंसर सर्जरी के विशेषज्ञ डॉ. शर्मा के अनुसार, भारतीय रसोई में तेल को दोबारा गर्म करना ‘सबसे अस्वास्थ्यकर और खतरनाक प्रक्रिया’ है, क्योंकि इससे एल्डिहाइड, मुक्त कण और ट्रांस वसा का निर्माण होता है, जो कोशिकाओं और डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं और कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं .
क्यों तेल को दोबारा गर्म करना आपकी सेहत के लिए खतरनाक है
तेल को दोबारा गर्म करने से ऐसे हानिकारक तत्व बनते हैं जो शरीर को गंभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं. कैंसर सर्जरी के विशेषज्ञ डॉ. शर्मा के अनुसार, भारतीय रसोई में इस्तेमाल किए हुए तेल को दोबारा गर्म करना ‘सबसे अस्वास्थ्यकर और खतरनाक’ आदतों में से एक है. ऐसा करने से एल्डिहाइड, फ्री रेडिकल्स और ट्रांस फैट बनते हैं, जो हमारी कोशिकाओं और डीएनए को नुकसान पहुँचाकर कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं.
डॉ. शर्मा कहते हैं कि हमारे यहाँ बचा हुआ तेल फेंकना गलत माना जाता है और इसे दोबारा ‘सोने की तरह’ इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन बार-बार गर्म किया हुआ तेल शरीर के लिए बेहद हानिकारक साबित होता है.
सूरजमुखी और कुसुम का तेल दोबारा गर्म करना क्यों बेहद खतरनाक है
डॉ. शर्मा बताते हैं कि खाना पकाने के तेल को दोबारा गर्म करना सेहत के लिए नुकसानदायक है, लेकिन कुछ तेल इससे भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं. उनके अनुसार, सरसों और मूंगफली का तेल दोबारा इस्तेमाल करने पर भी नुकसान होता है, लेकिन यह तुलना में थोड़ा कम होता है. फिर भी, उन्होंने सलाह दी कि इनका भी दोबारा इस्तेमाल जितना हो सके, टालना चाहिए.
डॉ. शर्मा ने खास तौर पर चेतावनी दी कि सूरजमुखी और कुसुम के तेल को दोबारा गर्म करना बिल्कुल नहीं चाहिए, क्योंकि यह सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है. वह कहते हैं, ‘थोड़ा पैसा बचाने के चक्कर में अपनी धमनियों को नुकसान पहुँचाना समझदारी नहीं है. ‘
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