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इस राज्य सरकार का बड़ा प्लान, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर लग सकता है बैन
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, February 23, 2026
Last Updated On: Monday, February 23, 2026
Karnataka Government: कर्नाटक सरकार 16 साल से कम उम्र के छात्रों के लिए स्कूल और कॉलेज परिसरों में मोबाइल फोन पर बैन लगाने की तैयारी कर रही है. सरकार का मानना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया की लत बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल रही है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, February 23, 2026
Karnataka Government अब बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है. राज्य सरकार 16 साल से कम उम्र के छात्रों के लिए स्कूलों और कॉलेज परिसरों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर बैन लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. सरकार का मानना है कि कम उम्र में मोबाइल और सोशल मीडिया की आदत बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है, इसलिए अब इस पर सख्त नियंत्रण जरूरी हो गया है.
छात्रों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य बनी चिंता
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मुद्दे पर खुलकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि आज के छात्र पढ़ाई से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन में उलझे हुए हैं. सोशल मीडिया की लत बच्चों के व्यवहार, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है. कई मामलों में देखा गया है कि बच्चे गलत संगत, नशे और असामाजिक गतिविधियों की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं, जो समाज के लिए चिंता का विषय है.
कुलपतियों के साथ हुई अहम बैठक
इस प्रस्ताव को लेकर राज्य सरकार ने सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से सुझाव मांगे हैं. एक अहम बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा. सभी शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों की राय ली जाएगी, ताकि बच्चों के हित में सही और संतुलित निर्णय लिया जा सके. सरकार चाहती है कि शिक्षा का माहौल मोबाइल की वजह से प्रभावित न हो.
विदेशों के मॉडल से ले रही है प्रेरणा
बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि दुनिया के कई देश पहले से ही इस दिशा में कदम उठा चुके हैं. उदाहरण के तौर पर ऑस्ट्रेलिया में स्कूली छात्रों के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर सख्त नियम लागू हैं. वहीं जर्मनी भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने पर विचार कर रहा है. जर्मनी सरकार इसके लिए एक खास ऐप लाने की योजना बना रही है, जिससे बच्चों को केवल उम्र के अनुसार सुरक्षित कंटेंट ही दिखे.
किन छात्रों पर लागू होगा यह नियम?
सरकार ने साफ किया है कि यह प्रस्ताव केवल 16 वर्ष से कम उम्र के छात्रों के लिए होगा. कॉलेजों में पढ़ने वाले वयस्क छात्रों पर इस नियम को लागू करने की कोई योजना नहीं है. मकसद सिर्फ कम उम्र के बच्चों को डिजिटल लत से बचाना और उन्हें पढ़ाई की ओर दोबारा केंद्रित करना है.
अंतिम फैसला अभी बाकी
हालांकि यह फैसला अभी प्रस्ताव के स्तर पर है. अंतिम निर्णय लेने से पहले सरकार सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करेगी. अगर यह नियम लागू होता है, तो कर्नाटक उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर सख्त नियंत्रण है. माना जा रहा है कि यह कदम आने वाली पीढ़ी के मानसिक और शैक्षणिक भविष्य को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है.
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