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पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट को लेकर क्यों बढ़ी परेशानी? कैश भुगतान के पोस्टर से बढ़ी हलचल
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, September 19, 2026
Last Updated On: Saturday, September 19, 2026
2,000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू होने की खबर के बीच पेट्रोल पंपों पर कैश भुगतान को लेकर हलचल बढ़ गई है. कुछ जगहों पर कैश के पोस्टर लगाए गए हैं. हालांकि पेट्रोल पंपों के लिए अलग फ्लैट MDR व्यवस्था बताई गई है. जानें पूरा मामला.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, September 19, 2026
UPI Charge Petrol Pump: यूपीआई ने पेट्रोल और डीजल का भुगतान बेहद आसान बना दिया है, लेकिन अब बड़े डिजिटल पेमेंट को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों की चिंता बढ़ रही है. 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR व्यवस्था लागू होने वाली है. इसके बाद पेट्रोल पंपों पर भी डिजिटल भुगतान को लेकर नई स्थिति बन सकती है.
अलवर के पेट्रोल पंपों पर दिखने लगा बदलाव
राजस्थान के अलवर में सामने आई ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक कुछ पेट्रोल पंपों पर कैश भुगतान को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं. ग्राहकों को 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान से बचने की सलाह दी जा रही है. हालांकि, नई व्यवस्था अभी लागू नहीं हुई है और कुछ पंप संचालक फिलहाल UPI भुगतान स्वीकार कर रहे हैं. पंप संचालकों के बीच इस बात को लेकर भी स्पष्टता की कमी बताई जा रही है कि नई व्यवस्था उनके कारोबार पर किस तरह लागू होगी. दूसरी ओर, ग्राहकों में भी इसे लेकर सवाल हैं कि भविष्य में पेट्रोल डीजल भरवाते समय डिजिटल भुगतान करना कितना सुविधाजनक रहेगा.
2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा person-to-merchant UPI लेनदेन पर सामान्य MDR 0.4% होगा. यह शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि संबंधित व्यापारी से लिया जाना है. सरकार और बैंकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि व्यापारी इस शुल्क को सीधे ग्राहक पर न डालें. हालांकि पेट्रोल और ईंधन से जुड़े भुगतान सामान्य 0.4% श्रेणी से अलग बताए गए हैं. रिपोर्टों के अनुसार 2,000 रुपये से अधिक के ऐसे लेनदेन पर ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा. यानी 5,000 या 10,000 रुपये के ईंधन भुगतान पर प्रतिशत के हिसाब से शुल्क बढ़ने के बजाय तय शुल्क ₹5 रहेगा.
पेट्रोल पंप संचालक क्यों जता रहे हैं चिंता?
पेट्रोल पंप डीलरों का कहना है कि ईंधन कारोबार में पहले से ही मार्जिन और परिचालन लागत को लेकर दबाव रहता है. इसी वजह से कुछ डीलर नए MDR को लेकर आपत्ति जता रहे हैं. मुंबई समेत कुछ जगहों के पेट्रोल पंप संगठनों ने ईंधन भुगतान को MDR से पूरी तरह बाहर रखने की मांग की है. कुछ डीलरों ने यह भी संकेत दिया है कि अगर पेट्रोल पंपों को शुल्क से छूट नहीं मिलती, तो वे 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान को स्वीकार करना बंद कर सकते हैं. हालांकि यह अभी डीलर संगठनों की मांग और चेतावनी है, देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर UPI बंद होने का कोई सामान्य नियम लागू नहीं हुआ है.
आम ग्राहक के लिए क्या है इसका मतलब?
ग्राहकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि प्रस्तावित MDR सीधे उनसे वसूलने वाला UPI चार्ज नहीं है. यानी ग्राहक के बैंक खाते से सामान्य तौर पर अतिरिक्त MDR नहीं काटा जाना है. हालांकि, किसी पेट्रोल पंप का भुगतान स्वीकार करने का तरीका उसके संचालक के फैसले और आगे आने वाले निर्देशों पर निर्भर कर सकता है.
छोटे कारोबारियों पर भी नहीं पड़ेगा हर जगह असर
नई व्यवस्था सभी UPI लेनदेन पर लागू नहीं है. 2,000 रुपये तक के कई मर्चेंट पेमेंट इससे बाहर हैं और छोटे कारोबारी भी निर्धारित शर्तों के तहत राहत की श्रेणी में रहेंगे. रिपोर्टों के अनुसार UPI से महीने में 1 लाख रुपये तक प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों पर यह MDR लागू नहीं होगा. फिलहाल पेट्रोल पंपों पर कैश भुगतान को लेकर बढ़ती चर्चा का असली असर 15 अक्टूबर के बाद ज्यादा स्पष्ट होगा. तब यह देखना अहम होगा कि डीलरों की मांग पर क्या फैसला होता है और पेट्रोल-डीजल के भुगतान में UPI की सुविधा किस रूप में जारी रहती है.













