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Chaitra Month 2026: चैत्र में एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा कब पड़ेंगी, जानिए व्रत की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, March 7, 2026
Last Updated On: Saturday, March 7, 2026
Chaitra Month 2026: चैत्र मास को सनातन धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है और इसी महीने से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है. इस दौरान कई महत्वपूर्ण व्रत और तिथियां आती हैं. इनमें एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा का खास महत्व होता है. आइए जानते हैं चैत्र मास 2026 में ये तिथियां कब पड़ेंगी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, March 7, 2026
Chaitra Month 2026: सनातन धर्म में चैत्र मास का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यही वह पवित्र महीना है जब हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है और पूरे वर्ष के धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने इसी माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से सृष्टि की रचना शुरू की थी. इसलिए चैत्र मास को नए आरंभ, सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है. इस पूरे महीने में कई बड़े पर्व और व्रत आते हैं, जिनमें एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है. ये तिथियां हर महीने आती हैं, लेकिन चैत्र मास में इनका महत्व और भी बढ़ जाता है. इसलिए भक्तजन इन दिनों में व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और भगवान की आराधना कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
चैत्र मास में एकादशी व्रत का महत्व
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति आती है. हर माह में दो एकादशी पड़ती हैं- एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में. चैत्र मास में भी दो प्रमुख एकादशी आती हैं, जिन्हें पापमोचनी एकादशी और कामदा एकादशी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इन दोनों व्रतों का पालन करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ मिलता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसलिए भक्त इस दिन विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और व्रत का पालन करते हैं.
पापमोचनी एकादशी 2026: तिथि और पूजा का शुभ समय
पापमोचनी एकादशी चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है. भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और विष्णु भगवान की आराधना करते हैं.
- पापमोचनी एकादशी तिथि शुरू: 14 मार्च 2026, सुबह 08:10.
- तिथि समाप्त: 15 मार्च 2026, सुबह 09:16.
- व्रत रखने की तिथि: 15 मार्च 2026.
- पूजा का शुभ समय: सुबह 08:01 से दोपहर 12:30 तक.
कामदा एकादशी 2026: कब रखा जाएगा व्रत
कामदा एकादशी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली महत्वपूर्ण एकादशी है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
- कामदा एकादशी तिथि शुरू: 28 मार्च 2026, सुबह 08:45.
- तिथि समाप्त: 29 मार्च 2026, सुबह 07:46.
- व्रत रखने की तिथि: 29 मार्च 2026.
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है.
चैत्र अमावस्या 2026: तिथि और धार्मिक महत्व
चैत्र अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित माना जाता है. इस दिन लोग स्नान, दान और तर्पण कर अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं. धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या के दिन किए गए दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है.
- अमावस्या तिथि शुरू: 18 मार्च 2026, सुबह 08:25.
- तिथि समाप्त: 19 मार्च 2026, सुबह 06:52.
- अमावस्या मनाई जाएगी: 18 मार्च 2026.
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:52 से 05:40.
- गोधूलि मुहूर्त: 06:29 से 06:53 शाम.
- विजय मुहूर्त: 02:30 से 03:18 दोपहर.
- अमृत काल: 09:37 से 11:10 सुबह.
चैत्र पूर्णिमा 2026: पूजा और चंद्र दर्शन का महत्व
चैत्र मास की पूर्णिमा का भी विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इस दिन स्नान, दान और व्रत करने की परंपरा है. भक्त भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा करते हैं. मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.
- पूर्णिमा तिथि शुरू: 01 अप्रैल 2026, सुबह 07:06.
- तिथि समाप्त: 02 अप्रैल 2026, सुबह 07:41.
- पूर्णिमा मनाई जाएगी: 02 अप्रैल 2026.
- चंद्रोदय: शाम 07:02 बजे.
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:38 से 05:24 सुबह.
- विजय मुहूर्त: 02:30 से 03:20 दोपहर.
- गोधूलि मुहूर्त: 06:38 से 07:01 शाम.
- निशिता मुहूर्त: रात 12:01 से 12:47.
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