भारतीय फुटबॉल का काला साल 2025, एशियन कप फेल, ISL बंद और सिस्टम की पूरी पोल खुली
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, February 3, 2026
Updated On: Tuesday, February 3, 2026
ISL: साल 2025 भारतीय फुटबॉल के लिए निराशा, अव्यवस्था और टूटती उम्मीदों का प्रतीक बन गया. एशियन कप 2027 के लिए क्वालिफाई न कर पाना, फीफा रैंकिंग में गिरावट, ISL का ठप होना और प्रशासनिक नाकामी ने खेल को गहरे संकट में डाल दिया. हालांकि महिला और जूनियर टीमों की सफलता ने भविष्य के लिए हल्की-सी उम्मीद जरूर जगाई.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Tuesday, February 3, 2026
Indian Football 2025: ISL: साल 2025 भारतीय खेल जगत के लिए कई मायनों में यादगार रहा, लेकिन फुटबॉल के लिए यह साल एक बुरे सपने जैसा साबित हुआ. जहां एक ओर भारत ने अन्य खेलों में उपलब्धियां हासिल कीं, वहीं फुटबॉल मैदान पर असफलताओं की लंबी कतार लग गई. खराब प्रदर्शन, प्रशासनिक अव्यवस्था और घरेलू लीग के ठप होने ने भारतीय फुटबॉल को गहरे संकट में धकेल दिया. यह साल उम्मीदों से ज्यादा टूटे सपनों का प्रतीक बन गया.
एशियन कप से बाहर होना: सबसे बड़ा झटका
भारतीय मेन्स फुटबॉल टीम के लिए 2025 की सबसे बड़ी निराशा रही एएफसी एशियन कप 2027 के लिए क्वालिफाई न कर पाना. यह सिर्फ एक टूर्नामेंट से बाहर होना नहीं था, बल्कि भारतीय फुटबॉल की गिरती हालत का आईना था. बांग्लादेश और हॉन्ग कॉन्ग जैसी निचली रैंक वाली टीमों से हार ने यह साफ कर दिया कि टीम न सिर्फ तकनीकी रूप से पिछड़ रही है, बल्कि आत्मविश्वास भी खो चुकी है. फीफा वर्ल्ड कप तो पहले ही दूर था, अब एशिया कप से बाहर होना शर्मिंदगी से कम नहीं था.
फीफा रैंकिंग में गिरावट और मैदान की बेबसी
2025 में भारतीय टीम की फीफा रैंकिंग गिरकर 142 पर पहुंच गई, जो हालात की गंभीरता को बयां करती है. बांग्लादेश के खिलाफ 22 साल बाद मिली हार और वह गोल, जो गोलकीपर के पैरों के बीच से निकला, भारतीय फुटबॉल की बेबसी का प्रतीक बन गया. मैदान पर न रणनीति दिखी, न जज्बा और न ही जीत की भूख.
कोच बदला, किस्मत नहीं
साल के बीच में कोच बदले गए. मनोलो मार्केज की जगह खालिद जमील को जिम्मेदारी सौंपी गई. शुरुआती तौर पर CAFA नेशन्स कप में तीसरा स्थान हासिल कर टीम ने थोड़ी उम्मीद जगाई. ताजिकिस्तान और ओमान के खिलाफ जीत ने संकेत दिया कि सही दिशा में काम हो सकता है, लेकिन यह चमक ज्यादा दिन नहीं टिक पाई. एशियन कप क्वालिफिकेशन की असफलता ने एक बार फिर सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
सुनील छेत्री की वापसी और विदाई
भारतीय फुटबॉल के सबसे बड़े चेहरे सुनील छेत्री ने 2025 में संन्यास तोड़कर वापसी की, जिससे फैंस को उम्मीद बंधी. लगा कि अनुभव फिर से टीम को संभालेगा, लेकिन हालात इतने बिगड़े हुए थे कि एक खिलाड़ी सब कुछ नहीं बदल सकता था. आखिरकार नवंबर में छेत्री ने दोबारा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया, जो एक भावनात्मक पल भी था और कड़वी सच्चाई भी.
मेसी का दौरा और अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी
लियोनेल मेसी का भारत दौरा कागज़ों पर बड़ा इवेंट था, लेकिन जमीनी हकीकत शर्मनाक रही. कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में अव्यवस्था, खराब मैनेजमेंट और बदइंतजामी ने भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया. यह दौरा भारतीय फुटबॉल को प्रेरणा देने के बजाय उसकी कमजोरियों को दुनिया के सामने ले आया.
ISL ठप, भविष्य अधर में
मैदान से बाहर हालात और भी खराब रहे. ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन नई कमर्शियल पार्टनरशिप नहीं जुटा सका, जिससे इंडियन सुपर लीग का 12वां सीजन शुरू ही नहीं हो पाया. क्लबों ने ऑपरेशन रोक दिए, खिलाड़ी असमंजस में फंस गए और स्पॉन्सर पीछे हटने लगे. सुप्रीम कोर्ट से लेकर खेल मंत्रालय और राष्ट्रपति तक को हस्तक्षेप करना पड़ा, फिर भी हालात नहीं सुधरे.
खिलाड़ियों की FIFA से गुहार
संकट इतना गहरा हो गया कि सुनील छेत्री, गुरप्रीत संधू और संदेश झिंगन जैसे खिलाड़ियों को FIFA से भावुक अपील करनी पड़ी. उनका संदेश साफ था- वे राजनीति नहीं, सिर्फ फुटबॉल खेलना चाहते हैं. यह अपील भारतीय फुटबॉल के प्रशासनिक फेल्योर की सबसे बड़ी गवाही बनी.
अंधेरे में उम्मीद की किरण
इतनी निराशा के बीच महिला और जूनियर टीमों ने उम्मीद जगाई. भारतीय महिला टीम ने एएफसी विमेंस एशियन कप 2026 के लिए सीधे क्वालिफाई किया, वहीं U-17 टीम ने SAFF चैम्पियनशिप जीतकर एशियन कप का टिकट कटाया. ये उपलब्धियां बताती हैं कि जमीनी स्तर पर टैलेंट मौजूद है, बस उसे सही दिशा चाहिए.
निष्कर्ष: खोया हुआ साल, लेकिन सब कुछ खत्म नहीं
कुल मिलाकर 2025 भारतीय फुटबॉल के लिए अस्थिरता, अव्यवस्था और खोए हुए अवसरों का साल रहा. मैदान के अंदर हार और बाहर सिस्टम की विफलता ने खेल को गहरे संकट में डाल दिया. फिर भी युवा खिलाड़ियों और महिला फुटबॉल की सफलता यह संकेत देती है कि अगर सुधार हुए, तो भविष्य अभी भी बचाया जा सकता है.
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