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मैथिली ठाकुर का बड़ा बयान: तेजस्वी पर तंज, सदन में ‘मुकाबले’ की कमी और अलीनगर को आदर्श बनाने का संकल्प
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, December 5, 2025
Last Updated On: Friday, December 5, 2025
बिहार की युवा MLA मैथिली ठाकुर ने अपने पहले विधानसभा अनुभव के बाद ऐसा बयान दिया है जिसने हलचल मचा दी है. सदन के माहौल, विपक्ष की भूमिका और अपनी जिम्मेदारियों को लेकर उन्होंने जिस साफगोई से बात रखी, उसने उन्हें नई राजनीतिक आवाज के रूप में उभारा है. अलीनगर को आदर्श क्षेत्र बनाने का उनका संकल्प और वाद–विवाद में दमदार उपस्थिति की तैयारी, यही इस पूरी कहानी की असली शुरुआत है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, December 5, 2025
Maithili Thakur Big Statement: बिहार की युवा MLA मैथिली ठाकुर इन दिनों अपने पहले विधानसभा अनुभव को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने सदन में वाद–विवाद को करीब से देखने के बाद खुले शब्दों में कहा कि यह अनुभव उनके लिए सीख और जिम्मेदारी दोनों लेकर आया है. मैथिली ने कहा कि उन्होंने पहली बार इतने ध्यान से सदन की हर बात सुनी और महसूस किया कि राजनीति में मजबूत तर्क, तैयारी और आत्मविश्वास कितना जरूरी होता है. उन्होंने बताया कि यह शुरुआत भर है, आगे वह खुद को और बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत करेंगी.
तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर तीखी टिप्पणी
अपने बयान में मैथिली ठाकुर ने सबसे पहले विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी को सदन में मौजूद रहना चाहिए था, क्योंकि बड़ी बहसों में विपक्ष की मजबूत दलीलें माहौल को संतुलित और प्रभावी बनाती हैं. उन्होंने कहा कि तेजस्वी की गैरहाजिरी ने बहस को अधूरा महसूस कराया और ऐसा लगा कि विपक्ष की तरफ से कोई ठोस मुद्दा सामने नहीं आ रहा. मैथिली ने बताया कि वह चाहती थीं कि मुकाबला सख्त हो, ताकि दोनों पक्षों की बातों में दम दिखे और जनता को सही तस्वीर मिल सके.
विधानसभा का अनुभव: टीवी से जमीन तक का फर्क
मैथिली ने कहा कि सदन में बैठकर उन्हें अहसास हुआ कि जो चीज़ें वह टीवी पर देखती थीं, असल में उससे कहीं ज्यादा गंभीर और जिम्मेदार माहौल होता है. उन्होंने कहा कि हर बहस, हर शब्द और हर जवाब का वजन होता है, और यह अनुभव उन्हें अपने राजनीतिक करियर के लिए नई सीख देता है. उन्होंने इसे अपनी सबसे बड़ी सीख बताते हुए कहा कि सदन में बोलने के लिए तैयारी, तर्क और सटीक भाषा सब कुछ जरूरी है. वह इस अनुभव को चुनौती की तरह लेते हुए अपनी तैयारी और मजबूत करने में जुट गई हैं.
अलीनगर को आदर्श क्षेत्र बनाने का लक्ष्य
अपने क्षेत्र को लेकर मैथिली ठाकुर ने कहा कि वह केवल नाम बदलने की राजनीति में विश्वास नहीं करतीं. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उनसे मज़ाक में कहा था कि जीतने के बाद अलीनगर का नाम बदलकर सीतानगर कर दें, लेकिन वह चाहती हैं कि अलीनगर अपने काम की वजह से उदाहरण बने, न कि केवल नाम की वजह से. मैथिली ने भरोसा दिलाया कि वह अलीनगर को ऐसा मॉडल क्षेत्र बनाएंगी जिसे देखकर लोग खुद कहें कि यहां सच में बदलाव आया है. उनका सपना है कि उनका काम अलग दिखे और लोग उनके प्रयासों को याद रखें.
युवा विधायक की सोच: उम्र नहीं, काम मायने रखता है
मैथिली ने कहा कि वह बिहार के सभी विधायकों में एक अलग पहचान बनाना चाहती हैं. युवा होने के कारण उन पर उम्मीदें भी ज्यादा हैं और वह चाहती हैं कि अपने काम से साबित करें कि राजनीति में न उम्र मायने रखती है और न अनुभव की कमी बल्कि मायने रखती है ईमानदार सोच और लगातार मेहनत. वह नए तरीकों, नए प्रयोगों और आधुनिक सोच के साथ काम करना चाहती हैं ताकि क्षेत्र के लोगों को वास्तविक लाभ मिले.
सरकार के कामों का बचाव और विपक्ष की आलोचना
विपक्ष द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर भी मैथिली ने बात की. उन्होंने कहा कि गरीबों के हितों पर सवाल उठाए गए, लेकिन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हर आरोप का शांत और तथ्यपूर्ण जवाब दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का हर फैसला गरीबों और जरूरतमंदों को मजबूत करने के लिए है. मैथिली ने कहा कि उन्हें समझ आया कि जो लोग गलत कामों में शामिल हैं, वे ही सुशासन से घबराते हैं. इससे उन्हें यह भी विश्वास मिला कि सरकार अपनी नीतियों को लेकर स्पष्ट और प्रतिबद्ध है.
हर दिन सीखने का संकल्प और सदन में मजबूत भूमिका का लक्ष्य
मैथिली ठाकुर ने कहा कि यह पूरा सत्र उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा. उन्होंने महसूस किया कि सदन में तर्क-वितर्क की प्रकिया कितनी गहन होती है और कैसे हर बात का जवाब सोच-समझकर देना होता है. वह इस सीख को अपनी राजनीतिक यात्रा की मजबूत नींव मानती हैं. उन्होंने साफ कहा कि वह हर दिन कुछ नया सीख रही हैं और जब उनका वक्त आएगा, तो अपनी बात मजबूती से रखकर दिखाएंगी.
अलीनगर: जिम्मेदारी और वादों की पूंजी
अंत में उन्होंने कहा कि अलीनगर उनके लिए सिर्फ विधानसभा क्षेत्र नहीं बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है. वह चाहती हैं कि लोगों को महसूस हो कि उन्होंने सही प्रतिनिधि चुना है. वह लगातार लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान पर काम करने की योजना बना रही हैं. मैथिली ने स्पष्ट कर दिया कि वह सिर्फ चर्चा में रहने वाली नेता नहीं, बल्कि अपनी बात और काम दोनों से फर्क लाने वाली नई आवाज हैं.
यह पूरा बयान बताता है कि मैथिली ठाकुर अपने राजनीतिक सफर को गंभीरता से ले रही हैं और जल्द ही सदन की बहसों में उनकी मजबूत उपस्थिति देखने को मिलेगी.















