दिल्ली तुर्कमान गेट हिंसा मामले में अब तक क्या-क्या हुआ? जानें अपडेट

Authored By: Ranjan Gupta

Published On: Thursday, January 8, 2026

Last Updated On: Thursday, January 8, 2026

Delhi Turkman Gate Violence से जुड़े मामले में अब तक क्या हुआ, पुलिस जांच, हालात और ताजा अपडेट की पूरी जानकारी.
Delhi Turkman Gate Violence से जुड़े मामले में अब तक क्या हुआ, पुलिस जांच, हालात और ताजा अपडेट की पूरी जानकारी.

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा ने राजधानी की सियासत और कानून-व्यवस्था दोनों को हिला दिया है. पथराव, पुलिसकर्मियों के घायल होने, साजिश की आशंका और सियासी बयानों के बीच दिल्ली पुलिस ने SIT गठित कर जांच तेज कर दी है. जानिए अब तक क्या-क्या सामने आया है.

Authored By: Ranjan Gupta

Last Updated On: Thursday, January 8, 2026

Delhi Turkman Gate Violence: दिल्ली के पुराने शहर इलाके तुर्कमान गेट में आधी रात को शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अचानक हिंसा में बदल गई. हालात उस वक्त बेकाबू हो गए जब पुलिस पर पथराव हुआ, बैरिकेड तोड़े गए और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. इस घटना के बाद न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए, बल्कि इसके पीछे साजिश और राजनीतिक भूमिका की आशंका भी गहराने लगी. दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है. CCTV फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट, ऑडियो क्लिप और सियासी मौजूदगी, हर एंगल से जांच जारी है. ऐसे में सवाल है कि तुर्कमान गेट हिंसा में अब तक क्या-क्या हुआ और आगे क्या एक्शन हो सकता है?

जांच के लिए स्पेशल टीम बनाई गई

तुर्कमान गेट हिंसा की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने एक स्पेशल टीम बनाई है. पुलिस ने अब तक करीब 50 लोगों की पहचान कर ली है. मामले की जांच को तेज करने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं. एक टीम पथराव करने वालों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी पर काम कर रही है. दूसरी टीम सोशल मीडिया से जुड़े एंगल की जांच कर रही है. वायरल वीडियो, पोस्ट और भड़काऊ मैसेज खंगाले जा रहे हैं.

सियासी एंगल भी रडार पर

इस मामले में सियासी कनेक्शन की भी जांच हो रही है. दिल्ली पुलिस के पास समाजवादी पार्टी के एक नेता की मौके पर मौजूदगी का वीडियो है. वीडियो की पुष्टि की जा रही है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह नेता वहां क्यों मौजूद थे. उनका मकसद क्या था. जरूरत पड़ने पर उनसे पूछताछ भी हो सकती है.

सूत्रों के मुताबिक पुलिस को एक ऑडियो क्लिप भी मिली है. इसमें एक शख्स लोगों को भड़काते हुए सुनाई दे रहा है. इस क्लिप के सामने आने के बाद पुलिस को शक है कि पथराव अचानक नहीं हुआ. बल्कि इसके पीछे पहले से योजना हो सकती है.

साजिश की आशंका से इनकार नहीं

दिल्ली पुलिस पूरे मामले को साजिश, उकसावे और प्लानिंग के नजरिए से देख रही है. हर एंगल की जांच की जा रही है. पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही है.

पांच आरोपी जेल भेजे गए

पथराव के मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें शहनवाज, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद कासिफ, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद कैफ शामिल हैं. देर रात सभी को जज के सामने पेश किया गया. कोर्ट ने पांचों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. आरोपियों को पटपड़गंज स्थित सिखा अपार्टमेंट में जज के सामने पेश कर जेल भेजा गया.

CCTV और सोशल मीडिया पर कड़ी नजर

दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया सेल ओपन सोर्स इंटेलिजेंस यानी ओसिंट के जरिए बाकी संदिग्धों की पहचान कर रही है. सोशल मीडिया पोस्ट और अकाउंट्स को ट्रैक किया जा रहा है. पुलिस 300 से ज्यादा CCTV फुटेज की जांच कर रही है. इसके साथ ही कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों के बॉडी कैम फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. हिरासत में लिए गए 10 अन्य पत्थरबाजों से लगातार पूछताछ की जा रही है.

FIR में क्या दर्ज है?

NDTV के पास मौजूद FIR के मुताबिक, चांदनी महल थाने के कॉन्स्टेबल संदीप के बयान पर केस दर्ज किया गया है. FIR में कहा गया है कि कोर्ट के आदेश पर MCD फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध कब्जा हटा रही थी. रात करीब 12:40 बजे बैरिकेडिंग के दौरान 30 से 35 लोगों की भीड़ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ी. BNSS की धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद भीड़ नहीं मानी. बैरिकेड तोड़ दिए गए. इसके बाद पुलिस पर पथराव शुरू हो गया. पथराव में SHO समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए. FIR में यह भी दर्ज है कि एक उपद्रवी ने कॉन्स्टेबल से लाउड हेलर छीनकर तोड़ दिया.

फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बड़ा एक्शन

कार्रवाई के दौरान 10 से 17 बुलडोजर और JCB मशीनों का इस्तेमाल किया गया. 70 से ज्यादा डंपर लगाए गए. 150 से अधिक MCD कर्मचारी मौके पर मौजूद थे. हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए. 9 जिलों के DCP रैंक के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे. ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की गई. मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है. आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. सियासी भूमिका, सोशल मीडिया सबूत और साजिश के एंगल पर जांच आगे बढ़ेगी.

‘अतिक्रमण हटाना हर सरकार की जिम्मेदारी’

इस मामले पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया था. कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई की. सचदेवा ने कहा कि यह मामला लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सामने आया. जांच में यह भी सामने आया कि परिसर का व्यवसायिक इस्तेमाल हो रहा था. यह जमीन दिल्ली नगर निगम की थी. कुछ लोगों ने कोर्ट में दोबारा अपील भी की थी.

सपा नेता का भड़काऊ बयान

सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की कार्रवाई होगी तो उसका रिएक्शन भी होगा. उन्होंने सवाल किया कि लोग कब तक बर्दाश्त करेंगे. कब तक मस्जिदें और मदरसे गिराए जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर नक्शा पास नहीं है तो कल जामा मस्जिद को भी अवैध कह दिया जाएगा.

एसटी हसन ने कहा कि अगर कल दिल्ली की जामा मस्जिद को गिराने पहुंच जाएं तो क्या भरोसा है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम दुश्मनी में सारी हदें पार की जा रही हैं. अगर जनता सड़कों पर उतर आई तो हालात काबू से बाहर हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि कार्रवाई सोच-समझकर और जायज़ दायरे में होनी चाहिए.

यूपी के SIR ड्राफ्ट पर भी सवाल

एसटी हसन ने उत्तर प्रदेश में SIR के ड्राफ्ट को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यूपी में विपक्षी दलों के वोट काटे जा रहे हैं. मुसलमानों से वफादारी के सबूत मांगे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह खुद अपना वोट चेक करा रहे हैं कि कहीं उनका वोट भी न कट गया हो.

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रंजन कुमार गुप्ता डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें डिजिटल न्यूज चैनल में तीन वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है. वे कंटेंट राइटिंग, गहन रिसर्च और SEO ऑप्टिमाइजेशन में माहिर हैं. शब्दों से असर डालना उनकी कला है और कंटेंट को गूगल पर रैंक कराना उनका जुनून! वो न केवल पाठकों के लिए उपयोगी और रोचक लेख तैयार करते हैं, बल्कि गूगल के एल्गोरिदम को भी ध्यान में रखते हुए SEO-बेस्ड कंटेंट तैयार करते हैं. रंजन का मानना है कि "हर जानकारी अगर सही रूप में दी जाए, तो वह लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है." यही सोच उन्हें हर लेख में निखरने का अवसर देती है.
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