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हिमाचल में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, 798 करोड़ का नुकसान, 145 सड़कें बंद, बिजली-पानी व्यवस्था भी प्रभावित
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, August 7, 2026
Last Updated On: Friday, August 7, 2026
हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. राज्य में 145 सड़कें बंद, 224 ट्रांसफार्मर ठप और 14 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं. मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित है. 30 जून से 6 अगस्त तक बारिश से 142 लोगों की मौत हुई और करीब 797.86 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, August 7, 2026
Himachal Rain News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश लगातार परेशानी बढ़ा रही है. कई इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, जबकि बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल 145 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं. इसके अलावा 224 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं और 14 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं.
मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित जिला
बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिल रहा है. यहां 66 सड़कें बंद हैं और 182 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं. कुल्लू में 31 सड़कें और 31 ट्रांसफार्मर बंद हैं. सिरमौर में 28 सड़कें, शिमला में 12, कांगड़ा में पांच, ऊना में दो और किन्नौर में एक सड़क प्रभावित है. किन्नौर में चौरा-छोटा कंबा लिंक रोड बंद होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है.
सड़कों के अलावा बिजली व्यवस्था भी कई क्षेत्रों में पटरी से उतरी है. मंडी के बाद कुल्लू में सबसे अधिक ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं. शिमला में सात और सोलन में तीन ट्रांसफार्मर बंद हैं. वहीं पेयजल योजनाओं पर भी बारिश का असर पड़ा है, जिसमें शिमला की पांच योजनाएं प्रभावित बताई गई हैं.
डेढ़ सौ के करीब सड़कें बंद, बढ़ी आवाजाही की परेशानी
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान सड़कें बंद होना स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन जाता है. कई जगह मलबा और भूस्खलन आने से रास्ते बाधित हुए हैं. इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों के साथ-साथ जरूरी सेवाओं और सामान की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है. प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं.
मानसून में 142 लोगों की मौत
30 जून से 6 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में 142 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 224 लोग घायल हुए हैं. बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं ने सरकारी और निजी संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. संचयी रिपोर्ट के अनुसार अब तक कुल आर्थिक नुकसान करीब 797.86 करोड़ रुपये पहुंच गया है.
PWD समेत कई विभागों को भारी नुकसान
बारिश से सबसे अधिक आर्थिक नुकसान लोक निर्माण विभाग यानी PWD को हुआ है. इसके अलावा बिजली और जल शक्ति विभाग की संपत्तियां भी प्रभावित हुई हैं. शिक्षा, ग्रामीण विकास और दूसरे सरकारी विभागों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा है. सरकारी ढांचे के साथ-साथ लोगों के मकान, कृषि भूमि और बागवानी क्षेत्र भी मानसून की मार से प्रभावित हुए हैं.
बारिश के बीच प्रशासन की लोगों से अपील
लगातार खराब मौसम को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है. पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक भूस्खलन, सड़क बंद होने और अन्य घटनाओं का खतरा बना रहता है, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेकर ही यात्रा करना सुरक्षित रहेगा.
मानसून के अभी सक्रिय रहने के बीच हिमाचल में नुकसान का आंकड़ा आगे बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बंद सड़कों को खोलने, बिजली-पानी व्यवस्था बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने पर है.
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