असम में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत का बड़ा ऐलान, हर प्रभावित परिवार को मिलेगी 75 हजार रुपये की सहायता
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, August 3, 2026
Updated On: Monday, August 3, 2026
असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए प्रति परिवार 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है. पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये जारी किए गए हैं. राहत शिविरों, पुनर्वास और प्रभावित किसानों की मदद के लिए भी सरकार ने तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Monday, August 3, 2026
Assam Flood Relief 2026: असम में लगातार आई बाढ़ ने हजारों परिवारों का जीवन प्रभावित कर दिया है. कई लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, खेती को भारी नुकसान पहुंचा है और बड़ी संख्या में लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. ऐसे समय में असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है. सरकार ने प्रत्येक पात्र परिवार को 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है और इसकी पहली किस्त भी जारी कर दी है.
पहली किस्त में 15 हजार रुपये, आगे मिलेगी पूरी सहायता
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने डिब्रूगढ़ से राहत राशि की पहली किस्त जारी की. जिन परिवारों के मकान बाढ़ में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें शुरुआती चरण में 15 हजार रुपये दिए जाएंगे. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे कुल राहत राशि 75 हजार रुपये प्रति परिवार तक पहुंच जाएगी. सरकार का कहना है कि इस सहायता से प्रभावित परिवारों को दोबारा अपने घर और जीवन को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
राज्य के शिवसागर, चराइदेव, धेमाजी, गोलाघाट और जोरहाट जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं. इन पांच जिलों में करीब 1.36 लाख लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं. इनमें शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां 55 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. चराइदेव और जोरहाट में भी हजारों परिवार अब भी राहत और पुनर्वास सहायता का इंतजार कर रहे हैं.
राहत शिविरों में जारी है मदद, खेती को भी भारी नुकसान
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में 54 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं. इन शिविरों में लगभग 13,771 लोगों को आश्रय, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. दूसरी ओर, करीब 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी जलमग्न है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ क्षेत्र में धनसिरी नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है.
राहत और पुनर्वास पर सरकार का पूरा फोकस
राज्य सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाएगी और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. आर्थिक सहायता के साथ-साथ पुनर्वास, बुनियादी सुविधाओं की बहाली और किसानों को राहत पहुंचाने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें और उन्हें आवश्यक सहयोग समय पर मिलता रहे.
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