झारखंड में परीक्षा घोटाले की सुनामी: एक झटके में 2,394 अफसर हुए बेरोजगार

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, August 20, 2026

Last Updated On: Thursday, August 20, 2026

Jharkhand Exam Scam में 2,394 अफसरों की नौकरी जाने का मामला
Jharkhand Exam Scam में 2,394 अफसरों की नौकरी जाने का मामला

झारखंड सरकार ने JPSC और JSSC की 22 प्रतियोगी परीक्षाएं अनियमितताओं और कथित प्रश्नपत्र लीक के चलते रद्द कर दी हैं. इससे 2,394 नियुक्त अधिकारी-कर्मचारी प्रभावित हुए हैं. पुरानी 23 परीक्षाओं की भी CID जांच शुरू हुई है. हाईकोर्ट के फैसले और सुधार समिति की रिपोर्ट से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य तय होगा.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Thursday, August 20, 2026

Jharkhand Exam Scam: झारखंड के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों जो हलचल मची है, वैसी शायद पहले कभी नहीं देखी गई. राज्य सरकार ने एक साहसिक लेकिन विवादित फैसला लेते हुए JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की कुल 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द कर दिया है. वजह बताई जा रही है परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियां, अनियमितताएं और कथित प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं.

2,394 युवाओं पर गिरी गाज

इस फैसले का सबसे बड़ा झटका उन 2,394 युवाओं को लगा है, जो कड़ी मेहनत से परीक्षा पास कर पिछले कई महीनों से अलग-अलग सरकारी विभागों में अफसर और कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे थे. इनमें सबसे बड़ी संख्या JSSC-CGL परीक्षा से बहाल हुए 1,932 युवाओं की है, जिनमें सचिवालय में तैनात 847 सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) भी शामिल हैं. इसके अलावा 11वीं-13वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा से नियुक्त 342 अधिकारी, जिनमें 200 से ज्यादा डिप्टी कलेक्टर हैं, भी इस फैसले की जद में आ गए हैं.

एक फैसला, दो अलग कहानियां

दिलचस्प बात यह है कि सरकार के इस कदम ने एक साथ दो अलग कहानियां लिख दी हैं. एक तरफ, पिछले 26 दिनों से रांची में धरना दे रहे छात्रों ने राहत की सांस लेते हुए अपना आंदोलन दो महीने के लिए स्थगित कर दिया. दूसरी तरफ, जिन अभ्यर्थियों की नौकरी छिनी, वे अब हाईकोर्ट पहुंच गए हैं और इसे प्राकृतिक न्याय के खिलाफ बता रहे हैं.

पुरानी परीक्षाओं पर भी अब CID की नजर

इतना ही नहीं, सरकार ने 2010 से 2022 के बीच हुई 23 पुरानी परीक्षाओं की जांच भी CID को सौंप दी है, जिनसे जुड़े करीब 2,044 अधिकारी-कर्मचारियों की नौकरी पर भी अब खतरा मंडरा रहा है.

प्रशासनिक कामकाज पर सीधा असर

इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर राज्य के कामकाज पर पड़ने लगा है. सचिवालय में फाइलों की आवाजाही ठप हो गई है, डिप्टी कलेक्टर के 450 से ज्यादा पद खाली हो गए हैं, और पुलिस महकमे में DSP रैंक के करीब 70 पद रिक्त हो सकते हैं.

आगे की राह: सुधार समिति और हाईकोर्ट का इंतजार

भविष्य में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक सुधार समिति बनाई है, जो दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. फिलहाल पूरे झारखंड की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि इन हजारों युवाओं का भविष्य क्या होगा.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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