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यूपी में महिलाओं को मिल सकते हैं 50 हजार रुपये, चुनाव से पहले 20 हजार की पहली किस्त का प्रस्ताव
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, August 13, 2026
Last Updated On: Thursday, August 13, 2026
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता वाली योजना पर मंथन चल रहा है. प्रस्ताव के अनुसार चुनाव से पहले 20 हजार रुपये की पहली किस्त और बाद में 10-10 हजार की तीन किस्तें दी जा सकती हैं. हालांकि, योजना को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, August 13, 2026
UP Women Scheme 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को लेकर एक बड़ी आर्थिक सहायता योजना पर चर्चा तेज है. प्रस्तावित योजना के तहत पात्र महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये तक की मदद देने का विचार है. हालांकि, अभी इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और योजना का स्वरूप भी तय होना बाकी है. अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहारा देने के साथ उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना होगा.
पहले 20 हजार, फिर तीन किस्तों में 30 हजार
चर्चा में आए प्रस्ताव के मुताबिक, चुनाव से पहले लाभार्थी महिलाओं को 20 हजार रुपये की पहली किस्त दी जा सकती है. इसके बाद अगर भाजपा की सरकार बनती है तो 10-10 हजार रुपये की तीन अतिरिक्त किस्तें देने का प्रस्ताव है. इस तरह पूरी सहायता राशि 50 हजार रुपये तक पहुंच सकती है. हालांकि, यह पूरा भुगतान प्रस्तावित प्रारूप पर निर्भर करेगा और अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा.
किन महिलाओं को मिल सकता है फायदा?
योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है. SC, ST, BPL और कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों की महिलाओं को इसमें शामिल करने पर विचार हो सकता है. इसके अलावा 12 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी दायरे में लाने की चर्चा है. हालांकि, आय सीमा और दूसरी पात्रता शर्तें अभी अंतिम नहीं हैं. इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि प्रदेश की हर महिला को 50 हजार रुपये मिलेंगे.
स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी
प्रस्तावित योजना का एक अहम लक्ष्य महिलाओं को सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना भी बताया जा रहा है. उत्तर प्रदेश में पहले से ही स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को छोटे कारोबार और स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत करीब 98.76 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बताई जाती हैं. ऐसे में नई योजना को मौजूदा महिला समूहों और स्वरोजगार की गतिविधियों से जोड़ने की संभावना भी देखी जा सकती है.
अभी घोषणा का इंतजार
सबसे जरूरी बात यह है कि 50 हजार रुपये की सहायता अभी प्रस्तावित योजना है, घोषित लाभ नहीं. लाभार्थियों की संख्या, पात्रता, भुगतान की तारीख और आवेदन प्रक्रिया जैसी जानकारियां सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही सामने आएंगी. अगर योजना को मंजूरी मिलती है और चुनाव से पहले पहली किस्त जारी होती है, तो इसका सीधा असर महिलाओं की आर्थिक स्थिति के साथ-साथ प्रदेश की चुनावी राजनीति पर भी पड़ सकता है.
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