भारत का Sarvam AI बना ग्लोबल गेमचेंजर, एक्युरेसी में ChatGPT और Google Gemini को पछाड़कर रचा इतिहास
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, February 9, 2026
Updated On: Monday, February 9, 2026
India’s Sarvam AI: भारत के बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Sarvam AI ने AI की दुनिया में बड़ा धमाका किया है. इसके Sarvam Vision मॉडल ने OCR बेंचमार्क OmniDoc Bench v1.5 पर 93.28% एक्युरेसी हासिल कर ChatGPT और Google Gemini को पीछे छोड़ दिया. इसके साथ Bulbul V3 जैसे वॉयस मॉडल ने भारतीय भाषाओं में AI की नई ताकत दिखाई.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Monday, February 9, 2026
Indias Sarvam AI: अब तक जब भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बात होती थी, तो अमेरिका के ChatGPT या Google Gemini जैसे नाम सबसे आगे आते थे. लेकिन इस बार कहानी पूरी तरह बदल गई है. भारत के बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Sarvam AI ने ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसने ग्लोबल टेक इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. एक इंटरनेशनल बेंचमार्क पर Sarvam AI के मॉडल ने न सिर्फ Gemini और ChatGPT को पीछे छोड़ा, बल्कि एक्युरेसी के मामले में नया रिकॉर्ड भी बना दिया.
अमेरिका-चीन से आगे निकला देसी स्टार्टअप
AI की दुनिया में अब तक अमेरिका और चीन का दबदबा माना जाता था. लेकिन Sarvam AI ने इस सोच को तोड़ दिया है. यह स्टार्टअप शुरुआत से ही भारत के लिए फाउंडेशनल AI मॉडल्स बनाने पर काम कर रहा है. हाल ही में इसके दो टूल्स Sarvam Vision और Bulbul ने ऐसी परफॉर्मेंस दिखाई, जिसने एक्सपर्ट्स से लेकर आम यूजर्स तक सभी को हैरान कर दिया.
Sarvam Vision ने OCR में मचाया तहलका
Sarvam Vision AI ने खास तौर पर Optical Character Recognition (OCR) के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है. यह टेक्नोलॉजी स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट, इमेज और जटिल फाइलों से टेक्स्ट को समझने और पढ़ने का काम करती है. Sarvam Vision ने OmniDoc Bench v1.5 (English only subset) बेंचमार्क पर 93.28 प्रतिशत की जबरदस्त एक्युरेसी हासिल की है. इस बेंचमार्क में ChatGPT, Google Gemini और Anthropic Claude जैसे बड़े AI मॉडल भी पीछे रह गए.
क्या है OmniDoc Bench और क्यों है यह खास
OmniDoc Bench v1.5 एक ऐसा बेंचमार्क है, जो यह जांचता है कि कोई AI सिस्टम असली दुनिया के डॉक्यूमेंट्स को कितनी अच्छी तरह पढ़ और समझ सकता है. इसमें मुश्किल डिजाइन वाले पेज, टेक्निकल टेबल्स और मैथ्स के फॉर्मूले शामिल होते हैं. आमतौर पर यहीं पर कई OCR सिस्टम फेल हो जाते हैं, लेकिन Sarvam Vision ने इन सभी चुनौतियों में शानदार स्कोर किया.
फाउंडर के पोस्ट ने बढ़ाई चर्चा
Sarvam AI के को-फाउंडर प्रत्युष कुमार ने खुद X (पहले Twitter) पर इस उपलब्धि को शेयर किया. उनके पोस्ट के बाद टेक कम्युनिटी में Sarvam Vision की चर्चा तेज हो गई. एक्सपर्ट्स ने माना कि यह परफॉर्मेंस सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि भारतीय AI क्षमता का बड़ा सबूत है.
आलोचना से तारीफ तक का सफर
पहले Sarvam AI को सिर्फ इंडिक लैंग्वेज मॉडल्स तक सीमित मानकर सवाल उठाए जाते थे. लेकिन अब वही सवाल तारीफों में बदल चुके हैं. टेक कमेंटेटर डीडी दास ने भी स्वीकार किया कि Sarvam के OCR और भारतीय भाषाओं के स्पीच मॉडल्स उस गैप को भर रहे हैं, जिसे ग्लोबल AI कंपनियां लंबे समय से नजरअंदाज करती आई हैं.
यूजर्स भी कर रहे जमकर तारीफ
Sarvam AI की सफलता सिर्फ एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं है. कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा किए हैं और बताया है कि उन्होंने हाल ही में इसका इस्तेमाल किया और यह उम्मीद से कहीं बेहतर साबित हुआ. इससे साफ है कि यह AI सिर्फ बेंचमार्क तक नहीं, बल्कि रियल यूज में भी असरदार है.
Bulbul V3: भारतीय भाषाओं की आवाज
OCR के अलावा Sarvam AI ने अपना नया टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल Bulbul V3 भी लॉन्च किया है. यह मॉडल टेक्स्ट से नेचुरल और एक्सप्रेसिव आवाज तैयार करता है. Bulbul V3 को खासतौर पर भारतीय भाषाओं के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें फिलहाल 11 भारतीय भाषाओं और 35 से ज्यादा वॉयस ऑप्शन मिलते हैं, और आने वाले समय में और भाषाएं भी जोड़ी जाएंगी.
भारत के AI भविष्य की मजबूत नींव
Sarvam AI की यह सफलता सिर्फ एक कंपनी की जीत नहीं है, बल्कि भारत के AI भविष्य की मजबूत शुरुआत है. यह दिखाता है कि भारत अब सिर्फ AI का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि AI बनाने और दुनिया को रास्ता दिखाने वाला देश बनता जा रहा है.
यह भी पढ़ें
news via inbox
समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।














