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क्या आपको पसंद है तारों को निहारना और जंगल में घूमना? ये हैं कैंपिंग के लिए नॉर्थ इंडिया की टॉप 5 जगहें
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Friday, October 31, 2025
Last Updated On: Friday, October 31, 2025
अगर आप शहर की भागदौड़ और स्क्रीन से थक चुके हैं, तो अब वक्त है थोड़ी राहत लेने का. तारों भरे आसमान के नीचे कैंपिंग, खुली हवा में सांस लेने और प्रकृति के करीब आने का मौका देती है. यह न सिर्फ़ सुकून देता है, बल्कि मन को दोबारा रीसेट करने का भी तरीका है.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Friday, October 31, 2025
North India Camping Spots: क्या आपको कभी ऐसा लगता है कि ज़िंदगी बस भागती जा रही है, स्क्रीन, ईमेल और डेडलाइन के बीच? शायद अब वक्त है थोड़ा रुकने का. काम और गैजेट्स से ब्रेक लेकर खुली हवा में सांस लेने, तारों भरे आसमान को देखने और खुद से दोबारा जुड़ने का. अगर आप शहर की भागदौड़ और शोर से थक चुके हैं, तो कैंपिंग एक बेहतरीन तरीका है सुकून पाने का. यहाँ न कोई नोटिफिकेशन है, न कोई मीटिंग, बस शांति, प्रकृति और आप. कभी-कभी सबसे अच्छा रीसेट बटन, शहर से दूर एक शांत कैंपसाइट ही होता है.
अगर आप जानना चाहते हैं कि रात के आसमान के नीचे कैंपिंग के लिए कौन-सी जगहें सबसे बेहतर हैं, तो यात्रा विशेषज्ञ रवि गोसाईं, जो इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के अध्यक्ष हैं, ने इस बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि उत्तर भारत में कैंपिंग के लिए कई तरह के खूबसूरत और अलग-अलग दृश्य वाले स्थान हैं.
रवि के अनुसार, इनमें से ज़्यादातर जगहें शहरों से काफी दूर हैं, जहां रोशनी का प्रदूषण बहुत कम या न के बराबर होता है. इसलिए ये स्थान तारों को देखने, रात में फोटोग्राफी करने और सुकून से समय बिताने के लिए एकदम सही हैं.
उन्होंने कहा, ‘चाहे आप स्पीति की बर्फ से ढकी घाटियों में हों या जैसलमेर के सुनहरे रेत के टीलों में, इन जगहों पर कैंपिंग करना सिर्फ़ एक सफर नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव जैसा होता है. ‘ साधारण शब्दों में, ये जगहें इसलिए खास हैं क्योंकि इनका वातावरण शांत, स्वच्छ और तारों भरी रातों का नज़ारा बेहद मनमोहक होता है. यहां रवि गोसाईं ने उत्तर भारत की 5 बेहतरीन कैंपिंग जगहों की सूची साझा की है, साथ ही बताया है कि वे क्यों खास हैं, वहां जाने का सबसे अच्छा समय कब है और वहां आप क्या-क्या कर सकते हैं.
स्पीति घाटी, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी, जिसे ‘छोटा तिब्बत’ भी कहा जाता है, एक ऊंचाई पर बसा शांत और सुंदर रेगिस्तानी इलाका है. यहां का आसमान बेहद साफ़ होता है और प्रकाश प्रदूषण न के बराबर है, जिससे यह तारों को निहारने के लिए एकदम सही जगह बन जाती है. किब्बर या चिचम ब्रिज के पास टेंट लगाकर आप रातभर आसमान में चमकती आकाशगंगा का अद्भुत दृश्य देख सकते हैं. इसके अलावा, की और ताबो जैसे प्राचीन मठों की यात्रा भी एक अनोखा अनुभव देती है. स्पीति जाने का सबसे अच्छा समय मई से सितंबर के बीच माना जाता है.
ऋषिकेश, उत्तराखंड
उत्तराखंड का ऋषिकेश गंगा नदी के किनारे बसा एक शांत और खूबसूरत स्थान है, जहां कैंपिंग के लिए कई आरामदायक जगहें मिलती हैं. यहां के नदी किनारे के क्षेत्र अब भी प्रकृति की गोद में बसे हैं और प्रदूषण से लगभग अछूते हैं. दिन में आप गंगा में रिवर राफ्टिंग का रोमांचक अनुभव ले सकते हैं, सुबह सूर्योदय के समय योग और ध्यान से दिन की शुरुआत कर सकते हैं, और रात में नदी के किनारे अलाव जलाकर सुकून भरे पल बिता सकते हैं. ऋषिकेश घूमने और कैंपिंग का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच होता है.
तीर्थन घाटी, हिमाचल प्रदेश
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से घिरी तीर्थन घाटी को अक्सर प्रकृति की गोद या “नेचर’s क्रैडल” कहा जाता है, क्योंकि यह बेहद शांत, हरियाली से भरा और प्राचीन सुंदरता वाला स्थान है. यहां आकर आप ट्रैकिंग कर सकते हैं, नदी में मछली पकड़ने का आनंद ले सकते हैं या तारों भरे आसमान के नीचे बैठकर ध्यान लगा सकते हैं. यह घाटी आपको जंगल और नदी के बीच एक सुकूनभरा अनुभव देती है. तीर्थन घाटी घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून और फिर सितंबर से नवंबर तक होता है.
जैसलमेर, राजस्थान
थार रेगिस्तान भारत में तारों को देखने के लिए सबसे बेहतरीन जगहों में से एक माना जाता है. यहां का साफ और खुला आसमान इसे खगोल विज्ञान के शौकीनों और तारों को निहारने वालों दोनों के लिए खास बनाता है. आप यहां रेत के टीलों पर रात बिता सकते हैं, जहां दूर तक फैले आसमान में झिलमिलाते तारे मन मोह लेते हैं. इसके अलावा, रेगिस्तान सफारी का आनंद लें और स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर राजस्थानी परंपराओं का अनुभव करें. यहां घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी तक होता है.
चोपता, उत्तराखंड
हरे-भरे घास के मैदानों और हिमालय के शानदार नज़ारों की वजह से इस जगह को ‘भारत का मिनी स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है. यहां आने वाले लोग तुंगनाथ मंदिर ट्रेक जैसे खूबसूरत रास्तों पर ट्रेकिंग का आनंद ले सकते हैं. घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून और सितंबर से नवंबर के बीच होता है.
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