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बर्फीली चादर में लिपटा केदारनाथ: कपाट शीतकाल के लिए बंद, 17.39 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, October 24, 2025
Last Updated On: Friday, October 24, 2025
भाइ दूज के पावन अवसर पर केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस वर्ष की यात्रा अत्यंत सफल रही, जिसमें 17.39 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया. मंत्रोच्चार, जयकार और फूलों से सजा भव्य मंदिर, श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य पेश करता रहा। अब अगले छह माह तक पूजा ऊखीमठ स्थित शीतकालीन गद्दीस्थल में होगी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, October 24, 2025
भाइ दूज के पावन अवसर पर गुरुवार, 23 अक्तूबर को केदारनाथ मंदिर (Kedarnath) के कपाट शीतकालीन विश्राम के लिए बंद कर दिए गए. सुबह चार बजे से विशेष पूजा-अर्चना आरंभ हुई और सुबह 8:30 बजे श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति के बीच मंदिर के कपाटों को बंद किया गया. इस शुभ बेला में पूरी केदारघाटी “हर हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोष से गूंज उठी। कपाट बंद होने का यह अवसर श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावपूर्ण और दिव्य रहा.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की दर्शन यात्रा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस पावन अवसर पर केदारनाथ धाम पहुंचे. उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर राज्य की सुख-समृद्धि और विकास की कामना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार की कृपा से उत्तराखंड निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है. उनके दर्शन से श्रद्धालुओं में और उत्साह भर गया.
पंचमुखी चल विग्रह की भव्य परिक्रमा
कपाट बंद होने से पहले बुधवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह को मंदिर के सभामंडप में विराजमान किया गया था. गुरुवार प्रातः इस डोली को सभामंडप से बाहर लाया गया और मंदिर के चारों ओर भव्य परिक्रमा कराई गई. मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच यह अनुष्ठान सम्पन्न हुआ। इसके बाद डोली को रात्रि प्रवास के लिए रामपुर रवाना किया गया। अब अगले छह महीने तक बाबा की पूजा ऊखीमठ स्थित शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में संपन्न होगी.
भव्य सजावट और श्रद्धालुओं की उपस्थिति
कपाट बंद होने के अवसर पर मंदिर को फूलों से अत्यंत भव्य रूप में सजाया गया था. श्रद्धालुओं ने इस दिव्य दृश्य का आनंद लिया और बाबा के चरणों में नमन किया. इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, केदारसभा के अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी, मंत्री पंडित अंकित प्रसाद सेमवाल और अनेक धर्मगुरु व गणमान्य लोग मौजूद रहे.
सफल यात्रा: 17.39 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
इस वर्ष केदारनाथ यात्रा रिकॉर्ड सफलता के साथ संपन्न हुई। यात्रा के दौरान कुल 17.39 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए और पुण्य अर्जित किया। कपाट बंद होने की पूर्व संध्या तक भी पांच हजार से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे थे। इस वर्ष धाम में ठंड ने भी अपना असर दिखाया, बुधवार दोपहर के बाद घना कोहरा छा गया, जिससे तीर्थयात्रियों को शाम ढलते ही अपने ठहराव स्थलों पर लौटना पड़ा।
आने वाले शीतकालीन अनुष्ठान
अब केदारनाथ में अगले छह महीने तक शीतकालीन विश्राम रहेगा. इसी क्रम में आज दोपहर 12:30 बजे मां यमुना के यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे. मां यमुना की उत्सव मूर्ति को पारंपरिक डोली में खरसाली गांव ले जाया जाएगा, जहां सर्दियों में उनकी पूजा-अर्चना होगी.
श्रद्धा और भक्ति की अमर धारा
केदारनाथ के कपाट बंद होना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था और भक्ति की अमर धारा का प्रतीक है. लाखों श्रद्धालु अपने जीवन में एक बार बाबा केदार के दर्शन करने आते हैं और यही भक्ति उन्हें आध्यात्मिक शांति और सुख की अनुभूति कराती है. आने वाले छह महीनों में ऊखीमठ में बाबा की पूजा जारी रहेगी और तीर्थयात्रियों का यह पुण्य सतत चलता रहेगा.
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