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सीएनएन विवाद के बीच ‘ट्रंप टीवी’ की एंट्री, जानिए क्या है पूरा मामला
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Tuesday, September 22, 2026
Last Updated On: Tuesday, September 22, 2026
CNN विवाद के बीच ‘Trump TV’ की एंट्री ने मीडिया जगत में नई हलचल मचा दी है. आखिर क्या है Trump TV, इसकी जरूरत क्यों पड़ी और CNN के साथ चल रहे विवाद से इसका क्या कनेक्शन है. जानिए इस पूरे मामले की कहानी.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Tuesday, September 22, 2026
Trump TV: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मीडिया संस्थानों के बीच चल रहा विवाद अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां व्हाइट हाउस ने 21 सितंबर को ‘ट्रंप टीवी: द एसेंशियल्स स्टेशन’ नाम से 24 घंटे चलने वाली वीडियो सेवा शुरू की है. इसे व्हाइट हाउस की वेबसाइट और यूट्यूब के जरिए देखा जा सकता है.
क्या है ‘ट्रंप टीवी’?
इसे अभी पारंपरिक टीवी चैनल नहीं कहा जा सकता. यह व्हाइट हाउस की ओर से चलने वाली लगातार प्रसारित होने वाली ऑनलाइन वीडियो सेवा है. इसमें ट्रंप के भाषण, प्रशासन की बड़ी घोषणाएं, पुराने कार्यक्रम और दूसरे प्रमुख वीडियो दिखाए जाएंगे. व्हाइट हाउस का कहना है कि इसमें सामग्री समय-समय पर नई भी की जाएगी.
शुरुआत में इस पर ट्रंप के पुराने कार्यक्रमों और भाषणों की तस्वीरें दिखाई गईं. यानी यह केवल उस समय के सीधे प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद सरकारी वीडियो भी इसमें दिखाए जा रहे हैं.
क्यों और कैसे शुरू हुआ ट्रंप टीवी?
- (Trump TV) की शुरुआत ऐसे समय हुई है जब ट्रंप प्रशासन और कई बड़े अमेरिकी मीडिया संस्थानों के बीच व्हाइट हाउस में पत्रकारों की पहुंच को लेकर विवाद (Trump TV controversy) चल रहा है.
- 18 सितंबर को ट्रंप ने सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी. इसके बाद 21 सितंबर को इन तीनों संस्थानों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अदालत का रुख किया. उनका कहना है कि इस कदम से प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े उनके संवैधानिक अधिकार प्रभावित हुए हैं.
- व्हाइट हाउस की ओर से इस फैसले का बचाव किया गया है और प्रशासन ने मीडिया पहुंच को लेकर अपना अलग पक्ष रखा है.
सीएनएन विवाद का टीवी कवरेज पर असर
इस विवाद का असर राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की टीवी कवरेज पर भी पड़ा है. आम तौर पर एबीसी, सीबीएस, सीएनएन, फॉक्स और एनबीसी बारी-बारी से राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की तस्वीरें उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संभालते हैं और यह सामग्री दूसरे समाचार संस्थानों के साथ साझा की जाती है. सीएनएन ( CNN controversy) को अपनी तय जिम्मेदारी निभाने से रोके जाने के बाद दूसरी बड़ी प्रसारण संस्थाओं ने भी उसकी जगह लेने से इनकार कर दिया.
इसी बीच व्हाइट हाउस ने अपनी 24 घंटे चलने वाली वीडियो सेवा शुरू कर दी है. इससे प्रशासन को राष्ट्रपति और सरकार से जुड़ी तस्वीरें सीधे लोगों तक पहुंचाने का अपना माध्यम मिल गया है.
अब अदालत में होगी सुनवाई
सीएनएन(CNN), एमएस नाउ और पोलिटिको की याचिका के बाद यह विवाद अब अदालत तक पहुंच चुका है. तीनों संस्थानों ने अपने संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है और व्हाइट हाउस से अपनी पहुंच बहाल करने की मांग की है.
ऐसे में ‘ट्रंप टीवी’ की शुरुआत सिर्फ एक नई ऑनलाइन वीडियो सेवा शुरू होने की खबर नहीं है. यह कदम ऐसे समय आया है जब व्हाइट हाउस और बड़े अमेरिकी मीडिया संस्थानों के बीच टकराव खुलकर सामने आ चुका है. आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और मीडिया की कवरेज इस विवाद की अगली दिशा तय करने में अहम होगी.
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