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US Trade Deal: US ट्रेड डील संकट, ट्रंप को लगा डबल झटका, 27 देशों ने भारत के साथ FTA किया ऐलान
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, January 21, 2026
Last Updated On: Wednesday, January 21, 2026
US Trade Deal: अमेरिका और यूरोपीयन यूनियन के बीच ट्रेड डील संकट में है. ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच, यूरोपीयन यूनियन 27 जनवरी को भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की घोषणा करने जा रही है. इसके बाद भारतीय सामान ईयू के बाजारों में कम या बिना टैरिफ के पहुंचेंगे. वहीं, अमेरिका-ईयू ट्रेड डील सस्पेंड होने की संभावना और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की रणनीति ने वैश्विक व्यापार को चुनौतीपूर्ण बना दिया है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, January 21, 2026
US Trade Deal: अमेरिका और यूरोपीयन यूनियन (EU) के बीच ट्रेड युद्ध अब नई दिशा लेने जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार टैरिफ धमकियों के बीच, यूरोपीयन यूनियन ने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की घोषणा 27 जनवरी को करने की तैयारी शुरू कर दी है. इस समझौते के बाद भारतीय सामान यूरोपीय बाजारों में कम टैरिफ या बिना किसी टैरिफ के आसानी से पहुंच पाएंगे. यही नहीं, अमेरिका और ईयू के बीच पिछले साल जुलाई में हुए व्यापार समझौते पर भी संकट मंडराने लगा है, जिससे ट्रंप को डबल झटका लगने वाला है.
अमेरिका-ईयू ट्रेड डील पर संकट
बीबीसी के इंटरनेशनल ट्रेड कमेटी सूत्रों के अनुसार, फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में बुधवार को यूरोपीयन पार्लियामेंट अमेरिका के साथ ट्रेड डील सस्पेंड करने का ऐलान कर सकता है. यह समझौता पिछले साल जुलाई में स्कॉटलैंड में हुआ था. उस समय अमेरिका ने यूरोपीय सामानों पर टैरिफ 30 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत किया था, और बदले में यूरोप ने अमेरिका में निवेश और अमेरिकी निर्यात बढ़ाने का वादा किया था. लेकिन अब ट्रंप के ग्रीनलैंड पर अलग रुख और टैरिफ धमकियों की वजह से यह समझौता खतरे में है.
ट्रंप की टैरिफ धमकियों से यूरोप नाराज
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आठ यूरोपीय देशों डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड्स और फिनलैंड के सामानों पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है. यह वही देश हैं जिन्होंने ट्रंप के ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के फैसले का विरोध किया था. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में साफ कर दिया कि यह टैरिफ आगे और बढ़ सकता है. यूरोपीयन देशों का कहना है कि यह ब्लैकमेलिंग है और अमेरिका की धमकियों को वे स्वीकार नहीं करेंगे.
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजर
ट्रंप ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण चाहते हैं. उनका मानना है कि इस क्षेत्र में चीन और रूस की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जो अमेरिका के लिए खतरा हैं. ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है और करीब तीन सौ सालों से यह डेनमार्क का हिस्सा रहा है. साल 1979 में डेनमार्क ने ग्रीनलैंड को आंशिक स्वायत्ता दी, लेकिन विदेशी नीति, रक्षा और आर्थिक मामलों में डेनमार्क का नियंत्रण बना हुआ है. ग्रीनलैंड नाटो के सदस्य देशों की सुरक्षा के तहत भी है, इसलिए अमेरिका की यह चाल यूरोप के लिए चुनौती बन गई है.
भारत के साथ FTA का ऐलान
उधर, भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का ऐलान 27 जनवरी को होने वाला है. इस समझौते के तहत दोनों पक्ष अपने-अपने बाजारों में पहुंच आसान करेंगे. भारतीय सामानों को ईयू के 27 देशों में कम टैरिफ या बिना टैरिफ के पहुंच मिलेगी. इसके साथ ही, यूरोपीयन सामान भी भारतीय बाजार में आसानी से प्रवेश कर पाएगा. भारत के लिए यह कदम बेहद अहम है क्योंकि अमेरिकी टैरिफ और रूस से तेल खरीद पर लग रहे शुल्क ने व्यापार को चुनौतीपूर्ण बना दिया है.
ट्रेड युद्ध का असर और भविष्य
ट्रंप की टैरिफ धमकियों और ग्रीनलैंड को लेकर उनके अलग रुख से यूरोपीय देश नाराज हैं. इस स्थिति में अमेरिका के वैश्विक व्यापार पर असर पड़ने की संभावना है. भारत के लिए यह FTA अवसर लेकर आया है और वह यूरोपीय बाजारों में अपने निर्यात को बढ़ा सकता है. वहीं, अमेरिका को यूरोप और भारत दोनों जगह से व्यापारिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. आगामी हफ्तों में यह तय होगा कि ट्रंप की टैरिफ रणनीति अमेरिका के लिए कितनी सफल या नुकसानदेह साबित होती है.
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