डॉक्टरों की तीन मांगें ममता सरकार ने मानी, लेकिन खत्म नहीं होगा आंदोलन

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Published On: Tuesday, September 17, 2024

bengal chief minister mamata banerjee
bengal chief minister mamata banerjee

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में कल 16 सितंबर को जूनियर डॉक्टरों और मुख्यमत्री ममता बनर्जी के बीच हुई बातचीत का सकारात्मक परिणाम दिखना शुरू हो गया है। हालांकि डॉक्टरों ने अभी अपना हड़ताल खत्म नहीं किया है।

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Last Updated On: Tuesday, September 17, 2024

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में कल 16 सितंबर को जूनियर डॉक्टरों और मुख्यमत्री ममता बनर्जी के बीच हुई बातचीत का सकारात्मक परिणाम दिखना शुरू हो गया है। हालांकि डॉक्टरों ने अभी अपना हड़ताल खत्म नहीं किया है। लेकिन सरकार की ओर से डोक्टरों की मांगों पर काम शुरू हो गया है।

ममता बनर्जी सरकार जूनियर डॉक्टरों की कई मांगें मानने को तैयार हो गई है। डॉक्टरों ने ममता सरकार के सामने पांच मांग रखी हैं। इन पांच मांगों में कोलकाता आयुक्त, सहित नार्थ कोलकाता के डीसीपी (DCP) का इस्तीफ़ा और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को हटाने की मांग शामिल है। जानकारी के मुताबिक कोलकाता आयुक्त (Kolkata Commissioner) ने इस्तीफा दे दिया है। ममता सरकार ने इनके अलावा कई अन्य अधिकारियों को भी पद से हटाने की घोषणा की है।

कोलकाता आयुक्त और डीसीपी हटे

16 सितंबर की शाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) और जूनियर डॉक्टरों (Junior Doctors) के बीच करीब 2 घंटे तक बातचीत हुई। बैठक के दौरान डॉक्टरों ने फिर से मुख्यमंत्री के सामने अपनी पांच मांगें रखी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक में डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और नॉर्थ कोलकाता के डीसीपी को उनके पद से हटाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने इस्तीफा दे दिया है। नॉर्थ कोलकाता के डीसीपी को हटाने की मांग डॉक्टर इसलिए कर रहे थे, क्योंकि नॉर्थ डीसीपी ने परिवार को पैसे की पेशकश की थी।

स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी भी हटेंगे

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जूनियर डॉक्टरों को यह भी आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग के दी बड़े अधिकारियों कौस्तुव नाइक और देबाशीष हल्दर को भी हटा दिया जाएगा। जूनियर डॉक्टरों की भी यही मांग थी कि स्वास्थ्य मंत्रालय के उच्चाधिकारियों को हटाया जाए। अधिकारियों को हटाने वाली डॉक्टरों की मांग ममता सरकार द्वारा मान ली गई है। लेकिन अभी भी इनकी पांच मांगों में से पहली मांग दोषियों को सजा देना और पांचवीं मांग, पूरे पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों को सुरक्षा मिले। अभी पूरी नहीं हुई है और न ही ममता बनर्जी से आश्वासन मिला है।

खत्म नहीं होगा धरना

doctors across the country on strike

जूनियर डॉक्टरों ने अधिकारियों को हटाए जाने को सही कदम बताया। लेकिन डॉक्टर अभी काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। डॉक्टरों ने कहा है कि जब तक उनकी सारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक काम पर नहीं लौटेंगे। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब तक वादे पूरे नहीं करतीं, तब तक हमारा आंदोलन खत्म नहीं होगा। डॉक्टरों ने यह भी कहा है कि वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाद में कहा है कि अगर डॉक्टर काम पर लौटते हैं तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।

जानकारी होगी कि 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक ट्रेनी डॉक्टर का बलात्कार करने के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पहले प्रशासन और अस्पताल के अधिकारियों ने लीपा-पोती किया। तभी से डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों को पूरे पश्चिम बंगाल सहित देश भर से समर्थन मिला। इनके विरोध प्रदर्शन के बाद ही सच्चाई सामने आई और कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पूरी घटना की जांच सीबीआई को सौंप दिया।

गुंजन शांडिल्य समसामयिक मुद्दों पर गहरी समझ और पटकथा लेखन में दक्षता के साथ 10 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। पत्रकारिता की पारंपरिक और आधुनिक शैलियों के साथ कदम मिलाकर चलने में निपुण, गुंजन ने पाठकों और दर्शकों को जोड़ने और विषयों को सहजता से समझाने में उत्कृष्टता हासिल की है। वह समसामयिक मुद्दों पर न केवल स्पष्ट और गहराई से लिखते हैं, बल्कि पटकथा लेखन में भी उनकी दक्षता ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। उनकी लेखनी में विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की रोचकता का अनूठा संगम दिखाई देता है।
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