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…अब इन्हें मत रो-को

Authored By: अरुण श्रीवास्तव

Published On: Tuesday, July 2, 2024

india T-20 world cup winner
india T-20 world cup winner

भारत में स्टारडम फिल्मी दुनिया से लेकर खेल जगत पर पसरा है। प्रशंसकों का तो कहना ही क्या। अपने चहेते स्टार के लिए क्या कहें, क्या न रचें। सोशल मीडिया ने तो स्टारडम और फैनडम को एक नया ही आकाश प्रदान कर दिया है। अब भारतीय क्रिकेट कप्तान रोहित शर्मा और विश्व के महानतम खिलाड़ियों में शुमार विराट कोहली को ही ले लें। फैंस ने इन दोनों का प्रेम भरा संक्षिप्तीकरण किया हैः रो-को यानी रोहित और कोहली...बस यही प्रेम दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट में इन दोनों सितारों की क्या पोजीशन है और क्या जलवा...

Authored By: अरुण श्रीवास्तव

Last Updated On: Tuesday, July 2, 2024

हाइलाइट

  • रोहित शर्मा, विराट और रवींद्र जडेजा के टी-20 से संन्यास की घोषणा से प्रशंसक हुए मायूस।
  • सफलता की विराट ऊंचाई पर पहुंच कर लिया क्रिकेट के सबसे तेज फार्मेट से विराम।
  • इन महान खिलाड़ियों से टेस्ट विश्वकप में खिताब दिलाने की सभी को है उम्मीद।

बाराबडोस, वेस्टइंडीज की धरती पर गत शनिवार 29 जून (2024) को जब भारतीय क्रिकेट टीम ने टी-20 विश्व कप (T-20 World Cup) जीता तो देश ही नहीं दुनिया में बसे टीम इंडिया के क्रिकेट फैंस को तो मानों नया आसमां मिल गया। 2007 के बाद पहली बार टी-20 विश्व कप की जीत और 2011 के बाद क्रिकेट विश्व की विजय ने लंबा सूखा समाप्त कर दिया। अभी प्रशंसक इस जीत का जश्न पूरी तरह मना भी नहीं सके थे कि दिल तोड़ने वाली खबर आ गई-विराट कोहली ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास की घोषणा फाइनल के मंच से ही कर दी। अभी इस झटके से फैंस उबर ही रहे थे कि रोहित शर्मा ने भी क्रिकेट के शार्टेस्ट फार्मेट के इंटरनेशनल एडिशन को अलविदा कह दिया। उफ, ये क्या हुआ…दो धुरंधरों ने एक साथ संन्यास ले लिया।

प्रशसंकों के लिए तो मानों यह बिजली गिरने सरीखा रहा। स्वाभाविक प्रतिक्रिया तो आनी ही थी…आई भी। दोनों ही खिलाड़ियों से अभी संन्यास न लेने की गुहार लगाई जाने लगी। फैंस होते ही इसी तरह के हैं, अपने प्रिय खिलाड़ी का खेल देखकर कभी न थकने वाले, लेकिन यह भी सच है कि संन्यास के लिए विश्वकप जीतने से बेहतर मंच शायद ही कोई हो और किसी भी खिलाड़ी के लिए यह शिखर पर पहुंचकर उस खेल को अलविदा कहने सरीखा है जिसने उन्हें यह ऊंचाई दी। जाहिर है कि रोहित (Rohit) और विराट (Virat) इसी भाव के साथ टी-20 इंटरनेशनल से विदा ले रहे हैं। कोहली के लिए यह और भी बड़ा अवसर है…पूरे विश्व कप में फेल रहे 35 वर्ष के इस दिग्गज ने फाइनल में 76 रन की मैच जिताऊ पारी खेली और प्लेयर आफ द मैच का पुरस्कार भी जीता। 37 वर्षीय रोहित के लिए तो इससे बड़ा अवसर हो ही नहीं सकता। अपनी कप्तानी में देश को विश्वकप जिता दिया। अभी इन दोनों के संन्यास को 17 घंटे भी नहीं बीते थे कि आलराउंडर रवींद्र जडेजा ने भी टी-20 अंतरराष्ट्रीय से रिटायर होने की बात कह दी। अब तो हाहाकार ही हो गया। लोग कहने लगे कि अभी तो तीनों एक-दो वर्ष और खेल सकते हैं, फिट हैं, महान खिलाड़ी हैं…लेकिन इन्होंने आगे की सोचकर संन्यास का फैसला किया है।

2025 जनवरी-फरवरी में आईसीसी चैंपियंस ट्राफी (ICC Champions Trophy) खेली जानी है। जाहिर है कि भारत के पास एक और आईसीसी ट्राफी जीतने का अवसर होगा और दारोमदार इन्हीं तीनों पर रहेगा। टी-20 विश्वकप जीतने से पहले हम वनडे विश्वकप जीतते-जीतते रह गए थे। जाहिर है कि आईसीसी ट्राफी की भूख तो बढ़ी ही है। चैंपियंस ट्राफी के बाद जून में टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी एक बड़ा अवसर है जिसके लिए रोहित, विराट और जडेजा को फिट व खेलने लायक रहना जरूरी है। कल्पना कीजिए अगले वर्ष भारत ये दोनों ट्राफी भी जीत गया तो क्या ही रुतबा होगा विश्व क्रिकेट में हमारा। चैंपियंस ट्राफी जीते हुए भी हमें एक दशक से अधिक हो चुका है।

एक और अहम बात…भारत के पास रिजर्व और नए खिलाड़ियों की अच्छी खेप है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टी-20 इस खेप को परखने का अच्छा माध्यम होगा। रोहित, विराट और जडेजा वनडे में धमाल मचाएंगे जबकि नए सितारे टी-20 संभालेंगे। हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) और ऋषभ पंत (Rishabh Pant) सरीखे अनुभव के साथ जब शिवम दुबे (Shivam Dubey) और रिंकू सिंह (Rinku Singh) की जोड़ी जुटेगी तो टीम इंडिया निखरेगी। कोई भी खिलाड़ी हमेशा खेलने के लिए नहीं आता। कभी न कभी संन्यास लेना ही होता है तो जब विश्वकप जीतकर खेल को अलविदा कहने का अवसर मिले तो यह संयोग ही कहा जाएगा। रोहित और विराट को रो-को मत, और आईसीसी ट्राफी लाने के लिए प्रोत्साहित करो। यही तो असली फैनडम है…

अरुण श्रीवास्तव पिछले करीब 34 वर्ष से हिंदी पत्रकारिता की मुख्य धारा में सक्रिय हैं। लगभग 20 वर्ष तक देश के नंबर वन हिंदी समाचार पत्र दैनिक जागरण में फीचर संपादक के पद पर कार्य करने का अनुभव। इस दौरान जागरण के फीचर को जीवंत (Live) बनाने में प्रमुख योगदान दिया। दैनिक जागरण में करीब 15 वर्ष तक अनवरत करियर काउंसलर का कॉलम प्रकाशित। इसके तहत 30,000 से अधिक युवाओं को मार्गदर्शन। दैनिक जागरण से पहले सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल (हिंदी), चाणक्य सिविल सर्विसेज टुडे और कॉम्पिटिशन सक्सेस रिव्यू के संपादक रहे। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, साहित्य, संस्कृति, शिक्षा, करियर, मोटिवेशनल विषयों पर लेखन में रुचि। 1000 से अधिक आलेख प्रकाशित।
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