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हरमनप्रीत कौर ने अचानक क्यों छोड़ी कप्तानी? भावुक पोस्ट में कही दिल छू लेने वाली बात
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Tuesday, October 6, 2026
Last Updated On: Tuesday, October 6, 2026
हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी छोड़ने का फैसला कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया. भावुक पोस्ट में उन्होंने कहा कि टीम की जरूरतों के लिए कई बार उन्होंने अपने खेल को भी पीछे रखा.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Tuesday, October 6, 2026
Harmanpreet Kaur Captaincy: भारतीय महिला क्रिकेट (Indian Woman cricketer) में लगभग एक दशक तक कप्तानी की कमान संभालने के बाद हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया. उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया. यह फैसला गुवाहाटी में हुई BCCI की समीक्षा बैठक के ठीक बाद सामने आया, जिसमें टीम के हालिया प्रदर्शन और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई थी.
इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या लिखा हरमनप्रीत ने
37 साल की हरमनप्रीत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आज वह भारतीय महिला क्रिकेट(Indian Woman cricketer) टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हट रही हैं, और यह उनके लिए आसान फैसला नहीं था. उन्होंने बताया कि इस जिम्मेदारी के साथ वर्षों की यादें, भावनाएं और कई त्याग जुड़े हुए हैं, जो हमेशा उनके साथ रहेंगे. उनके मुताबिक उन्होंने टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना खून, पसीना, समय और कई बार अपने निजी खेल व महत्वाकांक्षाओं का हिस्सा भी दिया है.
‘टीम फर्स्ट’ रहा उनका सिद्धांत
हरमनप्रीत (Harmanpreet Kaur) ने लिखा कि कप्तान के तौर पर उन्होंने कई बार टीम की जरूरतों को अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखा. ऐसे मौके भी आए जब उन्हें अपने प्रदर्शन और विकास को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि उनका मानना था कि टीम हमेशा पहले आती है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कप्तानी के दौरान उन्हें कई मुश्किल फैसले लेने पड़े, जिन्हें हर किसी ने समझा भी नहीं, लेकिन मकसद हमेशा टीम को बेहतर बनाना और साथी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना रहा.
सुकून के साथ विदाई
अपने पोस्ट में हरमनप्रीत ने कहा कि वह भावनाओं से भरे दिल,(Harmanpreet Kaur Emotional Post) लेकिन सुकून के साथ कप्तानी छोड़ रही हैं. उन्हें भरोसा है कि टीम इस वक्त अच्छी स्थिति में है और उसमें प्रतिभा, चरित्र और विश्वास मौजूद है. उन्होंने साथी खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ, BCCI और अपने परिवार व फैंस का शुक्रिया अदा किया. पोस्ट के आखिर में उन्होंने लिखा कि कप्तानी का अध्याय भले खत्म हो गया हो, लेकिन उनका क्रिकेट का सफर जारी रहेगा और अब वह सिर्फ खेल के प्रति अपने प्यार के लिए खेलने को तैयार हैं.
गुवाहाटी में हुई BCCI की अहम बैठक
हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में आयोजित BCCI की रिव्यू मीटिंग के बाद आया, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने की. इस बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी शामिल हुए, जहां टीम के हालिया प्रदर्शन और भविष्य की दिशा पर चर्चा हुई.
करीब एक दशक लंबा रहा कप्तानी का सफर
हरमनप्रीत ने 2016 में टी20 टीम की कमान संभाली थी. इसके बाद 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई, और 2023 में वह तीनों फॉर्मेट की पूर्णकालिक कप्तान बनीं. उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने पिछले साल नवंबर में पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीता और हाल ही में टी20 फॉर्मेट में लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स गोल्ड मेडल भी अपने नाम किया. यानी उनके कप्तानी करियर के आखिरी बड़े अभियान भी कामयाबी के साथ खत्म हुए.
कप्तानी के आंकड़े
टी20 इंटरनेशनल में हरमनप्रीत ने 155 मैचों में भारत की कप्तानी की, जिसमें टीम को 92 जीत मिलीं, 57 में हार और एक मुकाबला टाई रहा, जबकि 5 मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला. उनका जीत प्रतिशत करीब 59 रहा. वनडे में उन्होंने 51 मैचों में कप्तानी की, जिसमें 30 जीत और 19 हार मिली. टेस्ट में उनका रिकॉर्ड सबसे शानदार रहा, 5 मैचों में से 4 में जीत के साथ 80 प्रतिशत जीत दर.
बल्ले से भी शानदार रहा योगदान
कप्तानी के अलावा हरमनप्रीत का बल्ले से भी भारतीय महिला क्रिकेट में बड़ा योगदान रहा है. उन्होंने वनडे में 164 मैचों में 4541 रन बनाए, जिसमें 7 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 171 रन है. टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 210 मैचों में 4346 रन बनाए. तीनों फॉर्मेट मिलाकर उनके नाम 9 हजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन दर्ज हैं.
क्या खिलाड़ी के तौर पर जारी रहेगा सफर
कप्तानी छोड़ने का मतलब हरमनप्रीत का क्रिकेट से संन्यास(Harmanpreet Kaur retirement news) नहीं है. वह बतौर खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा बनी रहेंगी, और अब उनके सामने अपने खेल पर दोबारा पूरा ध्यान देने का मौका होगा. उनके इस फैसले के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तीनों फॉर्मेट में टीम की नई कमान किसे सौंपी जाती है.
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