पुरुषों से कैसे अलग होता है महिलाओं का हार्ट अटैक? फोर्टिस कार्डियोलॉजिस्ट ने बताए 6 लक्षण
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Saturday, December 20, 2025
Updated On: Saturday, December 20, 2025
महिलाओं में दिल के दौरे के लक्षण अक्सर अलग और हल्के हो सकते हैं. आमतौर पर उन्हें सीने में तेज़ दर्द नहीं होता, बल्कि घबराहट, थकान, चक्कर, सांस फूलना या पीठ और जबड़े में दर्द महसूस हो सकता है. इसलिए इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
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Updated On: Saturday, December 20, 2025
महिलाओं में दिल की बीमारी का पता लगाना मुश्किल क्यों होता है?
महिलाओं में हृदय से जुड़ी समस्याओं को पहचानना इसलिए कठिन हो सकता है क्योंकि इसके लक्षण अक्सर साफ नहीं होते. फोर्टिस अस्पताल, फरीदाबाद में कार्डियोलॉजी के वरिष्ठ निदेशक डॉ. संजय कुमार के अनुसार, महिलाओं की कोरोनरी धमनियाँ पुरुषों की तुलना में छोटी होती हैं और उनमें जमा होने वाला प्लाक ज्यादा फैला होता है. इस वजह से बीमारी जल्दी पकड़ में नहीं आती और बार-बार होने का खतरा भी बढ़ जाता है.
दूसरी वजह यह है कि महिलाओं में दिल के दौरे के लक्षण ‘असामान्य’ हो सकते हैं. जैसे,अचानक थकान, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना, मतली या पीठ और जबड़े में दर्द. इन्हें लोग अक्सर तनाव, गैस या अपच की समस्या समझ लेते हैं. इसलिए जरूरी है कि ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से जांच करवाएं.
व्यायाम करते समय जबड़े में दर्द – क्या यह दिल से जुड़ा हो सकता है?
महिलाओं में गतिविधि या व्यायाम के दौरान जबड़े में दर्द होना ज्यादा आम देखा गया है. कई बार लोग इसे दांतों की समस्या या टीएमजे (जबड़े के जोड़) की परेशानी समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन कुछ मामलों में यह दिल से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है.
अगर व्यायाम करते समय या मेहनत के दौरान जबड़े में दर्द के साथ सांस फूलना, थकान या तनाव जैसा महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच जरूर करवानी चाहिए.
मतली और उल्टी – सिर्फ पेट की समस्या नहीं हो सकती
मतली और उल्टी को अक्सर लोग एसिडिटी, अपच या फूड पॉइजनिंग समझ लेते हैं. लेकिन कई बार ये दिल से जुड़ी किसी समस्या का इशारा भी हो सकती हैं, खासकर महिलाओं में.
इसी गलतफहमी की वजह से लोग समय पर डॉक्टर के पास नहीं पहुंच पाते और इलाज में देरी हो जाती है. अगर मतली या उल्टी के साथ कमजोरी, पसीना आना, घबराहट या सांस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं.
तेज़ या अनियमित धड़कन – इसे नजरअंदाज न करें
अगर दिल की धड़कन अचानक तेज़ हो जाए, अनियमित लगे या बहुत ज़ोर से महसूस होने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. कई बार लोग इसे तनाव या घबराहट समझ लेते हैं, लेकिन यह दिल तक खून के प्रवाह में कमी का संकेत भी हो सकता है.
अगर यह समस्या बार-बार हो रही है या इसके साथ चक्कर आना, सांस की कमी या सीने में असहजता भी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं.
ऊपरी पीठ में दर्द – दिल की चेतावनी भी हो सकती है
ऊपरी पीठ में दर्द एक आम समस्या लग सकती है, लेकिन कई बार यह दिल से जुड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकता है, खासकर महिलाओं में. यह दर्द कंधे की हड्डियों के बीच या स्तनों के नीचे महसूस हो सकता है, जिसे लोग आमतौर पर हृदय से नहीं जोड़ते.
अगर ऐसा दर्द बिना किसी साफ वजह के बार-बार हो या इसके साथ थकान, सांस फूलना या घबराहट भी हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
अचानक पसीना आना – सिर्फ गर्मी या थकान नहीं
अगर बिना किसी मेहनत या गर्मी के अचानक ठंडा पसीना आए, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. कई बार लोग इसका कारण हार्मोन में बदलाव, तनाव या थकान मान लेते हैं, लेकिन यह दिल से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है.
अगर ऐसे पसीने के साथ कमजोरी, चक्कर, घबराहट या सांस लेने में परेशानी भी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं.
थोड़ी सी मेहनत में ही सांस फूलना – एक अहम चेतावनी
अगर हल्का सा काम करने या रोज़मर्रा की सामान्य गतिविधियों के दौरान ही सांस फूलने लगे, तो यह सामान्य बात नहीं है. कई बार इसमें सीने में दर्द भी नहीं होता, इसलिए लोग इसे गंभीर नहीं समझते.
लेकिन यह दिल की कमजोरी या खून के सही तरीके से प्रवाह न होने का संकेत हो सकता है. अगर ऐसा बार-बार हो रहा है, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है.
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