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Bihar Shivling Sthapana: बिहार में स्थापित दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग: 33 फीट ऊंचा, 210 टन वजनी और भव्य स्थापना
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, January 20, 2026
Last Updated On: Tuesday, January 20, 2026
World Largest Shivling: बिहार के पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया गया है. यह 33 फीट ऊंचा, 210 टन वजनी और ग्रेनाइट से निर्मित है, जिसमें 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग भी शामिल हैं. स्थापना के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा और पवित्र नदियों के जल से जलाभिषेक हुआ. यह शिवलिंग विराट रामायण मंदिर में है, जो 270 फीट ऊंचा होगा और कुतुब मीनार से भी ऊंचा साबित होगा.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, January 20, 2026
Bihar Shivling Sthapana: भारत की आध्यात्मिक परंपरा में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है. बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी स्थित कैथवलिया गांव में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित कर दिया गया है. यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और आस्था की शक्ति का जीवंत प्रतीक बन चुका है. इस भव्य आयोजन ने पूरे देश का ध्यान बिहार की ओर खींच लिया है.
वैदिक मंत्रों और पुष्पवर्षा के बीच हुई स्थापना
शिवलिंग की स्थापना पूरी वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई. वाराणसी और अयोध्या से आए विद्वान पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई. जैसे ही शिवलिंग अपने स्थान पर विराजमान हुआ, आसमान से हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्पवर्षा की गई, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया. इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए साधु-संतों के साथ-साथ हजारों श्रद्धालु मौके पर मौजूद रहे.
210 टन वजनी शिवलिंग, जिसे स्थापित करना बना चुनौती
दुनिया के इस सबसे बड़े शिवलिंग का वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है. इसे स्थापित करना अपने आप में एक तकनीकी और इंजीनियरिंग चमत्कार था. विराट रामायण मंदिर परिसर में इस विशाल शिवलिंग को खड़ा करने के लिए दो बड़े क्रेनों की मदद ली गई. बेहद सावधानी और योजना के साथ इस भारी भरकम संरचना को सफलतापूर्वक स्थापित किया गया, जिसे देखने वाले आज भी अचंभित हैं.
33 फीट ऊंचा सहस्त्र शिवलिंग, एक अनोखी रचना
करीब 33 फीट ऊंचा यह शिवलिंग पूरी तरह से ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है. खास बात यह है कि इसमें 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग उकेरे गए हैं, जिस कारण इसे सहस्त्र लिंगम कहा जाता है. यह शिवलिंग न केवल आकार में विशाल है, बल्कि अपनी कलात्मक और आध्यात्मिक बनावट के कारण भी अद्वितीय माना जा रहा है. इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में कुशल शिल्पकारों द्वारा तैयार किया गया है.
पवित्र नदियों के जल से हुआ जलाभिषेक
स्थापना के बाद बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक देश की कई पवित्र नदियों के जल से किया गया. यह दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत भावुक और श्रद्धा से भर देने वाला था. चारों ओर “हर हर महादेव” के जयघोष गूंज उठे और वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया.
विराट रामायण मंदिर: कुतुब मीनार से भी ऊंचा
जिस परिसर में यह शिवलिंग स्थापित हुआ है, वहीं विराट रामायण मंदिर का निर्माण भी तेजी से चल रहा है. यह मंदिर लगभग 120 एकड़ क्षेत्रफल में बन रहा है. निर्माण पूर्ण होने पर इसका मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा होगा, जो अयोध्या के राम मंदिर और दिल्ली की कुतुब मीनार से भी ऊंचा होगा. यह मंदिर भविष्य में न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र बनने की क्षमता रखता है.
बिहार की पहचान को मिली नई ऊंचाई
दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना ने बिहार को वैश्विक धार्मिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है. यह परियोजना आस्था, कला, तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम है. आने वाले समय में यह स्थान लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा और बिहार के गौरव को और ऊंचाइयों तक ले जाएगा.
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